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Rampur News: बिलखती रही बेबस मां, बेटे की मौत के बाद पहुंची 'जिंदगी की गाड़ी'

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 19 Jun 2024 06:23 AM IST
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Helpless mother kept crying, 'car of life' arrived after son's death
रामपुर। उसके जीवन का इकलौता सहारा जिंदगी और मौत से जूझ रहा था। बेबस मां बेटे को जिला अस्पताल ले जाने के लिए मदद की गुहार लगा रही थी। बार-बार एंबुलेंस के लिए फोन कर रही थी, लेकिन फोन करने के 40 मिनट बाद जब एंबुलेंस पहुंची तब तक उसके बेटे की मौत हो चुकी थी। सरकारी सिस्टम की सुस्ती ने एक मां से उसकी बुढ़ापे की लाठी छीन ली।
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मन को व्यथित करने वाली यह घटना मंगलवार को मिलक क्षेत्र में घटी। नगर के असदुल्लापुर निवासी विनीत गुप्ता (50) अपनी मां ओमवती के साथ रहते थे और ठेले पर फल बेचकर जीवन यापन करते थे। वर्तमान में सड़क पर ठेला लगाकर आम बेच रहे थे। मंगलवार को ठेले पर आम बेचते समय भीषण गर्मी में हीट स्ट्रोक की चपेट में आकर वह बेहोश होकर सड़क पर गिर गए।
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बेहोशी की हालत में ओमवती अपने बेटे को ई-रिक्शा से मिलक के सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचीं, जहां डॉक्टर ने हालत गंभीर देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। महिला ने एंबुलेंस के लिए फोन किया। एंबुलेंस चालक ने 10 मिनट में पहुंचने की बात कही लेकिन, इंतजार करते-करते 40 मिनट बीत गए। जब तक एंबुलेंस आई तब तक विनीत की मौत हो चुकी थी।
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एंबुलेंस चालक ने विनीत को मृत देखकर शव को जिला अस्पताल ले जाने से इन्कार कर दिया। डॉक्टर ने फिर से परीक्षण किया और विनीत को मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर से स्थानीय लोगों की भीड़ सीएचसी पहुंच गई। दो घंटे तक मां बेटे के शव से लिपटकर इलाज की गुहार लगाती रही।
अस्पताल की चिकित्सक डॉ. अंजू ने बताया कि हीट स्ट्रोक के चलते फल विक्रेता का रक्तचाप बढ़ गया था और ब्रेन हेमरेज के कारण मौत हो गयी। महिला ने कहा कि अगर समय से एंबुलेंस मिल गई होती तो उसके बेटे की जान बच सकती थी। वहीं सीएमओ डॉ. एसपी सिंह ने घटना की जानकारी से ही इन्कार किया।


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मां का इकलौता सहारा था विनीत
फल बेचकर जीवन यापन करने वाला विनीत ही अपनी बूढ़ी मां ओमवती का इकलौता सहारा था। ओमवती के पति और एक बेटे की कई साल पहले मौत हो चुकी है। उनका एक बेटा उनसे अलग दूसरे शहर में रह रहा है। विनीत ही ओमवती का सहारा था। बेटे की मौत से ओमवती बेसुध हैं और बार-बार उसे याद कर रो रही हैं।
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