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स्वाति मेंथोल अग्निकांड मामले में आरोपियों ने बचाव के लिए दाखिल किए साक्ष्य संबंधी अभिलेख
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रामपुर। स्वाति मेंथोल फैक्टरी में साल 2006 में हुए अग्निकांड के मामले में शनिवार को कोर्ट में तारीख थी। जिसमें आरोपियों ने अधिवक्ता के माध्यम से बचाव के लिए साक्ष्य अभिलेख दाखिल किए। इस मामले में कोर्ट ने अगली तारीख 14 दिसंबर तय की है।
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के फैजुल्लानगर स्थित स्वाति मेंथोल फैक्टरी में 15 फरवरी 2006 को भीषण आग लग गई थी। पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक हादसे में फैक्टरी कर्मी सीताराम गुप्ता, राजेश, विशंभर प्रसाद और लक्ष्मी नारायण की मौत हो गई थी, जबकि उस्मान, अमीर अहमद, घासीराम, विश्राम सिंह, नंदकिशोर, कन्हैया लाल, अंसार अली, यासीन, रमेश, जिया उल नबी गंभीर रूप से झुलस गए थे।
आग इतनी भयंकर थी कि उसे बुझाने में दमकल कर्मियों को घंटों मशक्कत करनी पड़ी थी। इस मामले में हरनारायण गुप्ता की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई। विवेचना के दौरान तत्कालीन अग्निशमन अधिकारी जेपी राठौर ने पुलिस को बयान दर्ज कराया था कि इतनी बड़ी फैक्टरी में आग बुझाने के पर्याप्त संसाधन नहीं थे। पुलिस ने विवेचना के बाद चार्जशीट दाखिल कर दी थी। इसमें पुलिस ने 26 लोगों को गवाह बनाया है।
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मामला जिला जज की कोर्ट में चल रहा है। शनिवार को इस मामले में सुनवाई थी। सहायक शासकीय अधिवक्ता सुभाष पटेल ने बताया कि शनिवार को इस मामले के आरोपियों ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से बचाव के लिए साक्ष्यों के अभिलेख कोर्ट में दाखिल किए हैं। अब इस मामले में 14 दिसंबर को सुनवाई होगी। जिसमें संभवत: अभियोजन और बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं की बहस होगी।
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सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के फैजुल्लानगर स्थित स्वाति मेंथोल फैक्टरी में 15 फरवरी 2006 को भीषण आग लग गई थी। पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक हादसे में फैक्टरी कर्मी सीताराम गुप्ता, राजेश, विशंभर प्रसाद और लक्ष्मी नारायण की मौत हो गई थी, जबकि उस्मान, अमीर अहमद, घासीराम, विश्राम सिंह, नंदकिशोर, कन्हैया लाल, अंसार अली, यासीन, रमेश, जिया उल नबी गंभीर रूप से झुलस गए थे।
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आग इतनी भयंकर थी कि उसे बुझाने में दमकल कर्मियों को घंटों मशक्कत करनी पड़ी थी। इस मामले में हरनारायण गुप्ता की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई। विवेचना के दौरान तत्कालीन अग्निशमन अधिकारी जेपी राठौर ने पुलिस को बयान दर्ज कराया था कि इतनी बड़ी फैक्टरी में आग बुझाने के पर्याप्त संसाधन नहीं थे। पुलिस ने विवेचना के बाद चार्जशीट दाखिल कर दी थी। इसमें पुलिस ने 26 लोगों को गवाह बनाया है।
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मामला जिला जज की कोर्ट में चल रहा है। शनिवार को इस मामले में सुनवाई थी। सहायक शासकीय अधिवक्ता सुभाष पटेल ने बताया कि शनिवार को इस मामले के आरोपियों ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से बचाव के लिए साक्ष्यों के अभिलेख कोर्ट में दाखिल किए हैं। अब इस मामले में 14 दिसंबर को सुनवाई होगी। जिसमें संभवत: अभियोजन और बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं की बहस होगी।