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कोरोना से जंग को जिला अस्पताल में लगे चार वेंटिलेटर
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रामपुर। कोरोना से जंग के लिए जिले में संसाधनों को बढ़ाया जा रहा है। जैसे-जैसे संक्रमण का दायरा बढ़ रहा है वैसे-वैसे इसके उपचार और रोकथाम को लेकर प्रयास बढ़ाए जा रहे हैं। जिले में कोरोना से इस जंग के लिए कोरोना संक्रमण की जांच के लिए ट्रू नेट मशीन के साथ ही चार वेंटिलेटर का वार्ड भी तैयार कर दिया गया है।
जिले में 8 अप्रैल को पहली बार कोरोना संक्रमण के मामले सामने आए। टांडा क्षेत्र में एक साथ पांच जमातियों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि की गई थी। इसके बाद जिले में लगातार कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं। मई में प्रवासी मजदूरों और कामगारों के घर वापस लौटने के कारण कोरोना संक्रमण के मामले काफी तेजी से बढ़े लेकिन, इसके बाद रिकवरी रेट बढ़ने के कारण इसमें काफी सुधार हुआ। लेकिन, अब करीब सप्ताह भर से एक बार फिर तेजी से सक्रिय मामले बढ़ रहे हैं और उनके सापेक्ष कम लोग रिकवर हो रहे हैं। हालांकि जिले का रिकवर रेट अभी भी 70 फीसदी के आसपास बना हुआ है। लेकिन, बढ़ते मामलों के साथ संक्रमितों की सही देखभाल और लक्षण आधारित उपचार दिए जाने से लेकर जांच की क्षमता बढ़ाने की आवश्यकता थी।
इसलिए जिला अस्पताल में अब कोरोना संक्रमण की जांच के लिए ट्रू नेट मशीन से कार्य शुरू कर दिया गया है। इसके साथ ही जिला अस्पताल के चेस्ट/मेडिकल वार्ड में चार वेंटिलेटर भी लगा दिए गए हैं। हालांकि अभी तक किसी भी संक्रमित को वेंटिलेटर पर लेने की आवश्यकता नहीं पड़ी है लेकिन, वेंटिलेटर के माध्यम से उपचार के लिए पांच स्वास्थ्य कर्मियों की टीम को प्रशिक्षण दिया गया है।
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जिला अस्पताल में कोरोना संक्रमित की हालत बिगड़ने पर उपचार के लिए वेंटिलेटर की सुविधा भी उपलब्ध करा दी गई है। जिला अस्पताल में फिलहाल चार वेंटिलेटर लगाए गए हैं। -आंजनेय कुमार सिंह, जिलाधिकारी
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जिले में 8 अप्रैल को पहली बार कोरोना संक्रमण के मामले सामने आए। टांडा क्षेत्र में एक साथ पांच जमातियों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि की गई थी। इसके बाद जिले में लगातार कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं। मई में प्रवासी मजदूरों और कामगारों के घर वापस लौटने के कारण कोरोना संक्रमण के मामले काफी तेजी से बढ़े लेकिन, इसके बाद रिकवरी रेट बढ़ने के कारण इसमें काफी सुधार हुआ। लेकिन, अब करीब सप्ताह भर से एक बार फिर तेजी से सक्रिय मामले बढ़ रहे हैं और उनके सापेक्ष कम लोग रिकवर हो रहे हैं। हालांकि जिले का रिकवर रेट अभी भी 70 फीसदी के आसपास बना हुआ है। लेकिन, बढ़ते मामलों के साथ संक्रमितों की सही देखभाल और लक्षण आधारित उपचार दिए जाने से लेकर जांच की क्षमता बढ़ाने की आवश्यकता थी।
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इसलिए जिला अस्पताल में अब कोरोना संक्रमण की जांच के लिए ट्रू नेट मशीन से कार्य शुरू कर दिया गया है। इसके साथ ही जिला अस्पताल के चेस्ट/मेडिकल वार्ड में चार वेंटिलेटर भी लगा दिए गए हैं। हालांकि अभी तक किसी भी संक्रमित को वेंटिलेटर पर लेने की आवश्यकता नहीं पड़ी है लेकिन, वेंटिलेटर के माध्यम से उपचार के लिए पांच स्वास्थ्य कर्मियों की टीम को प्रशिक्षण दिया गया है।
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जिला अस्पताल में कोरोना संक्रमित की हालत बिगड़ने पर उपचार के लिए वेंटिलेटर की सुविधा भी उपलब्ध करा दी गई है। जिला अस्पताल में फिलहाल चार वेंटिलेटर लगाए गए हैं। -आंजनेय कुमार सिंह, जिलाधिकारी