मिलक (रामपुर)। बिना ओटीपी वाले खाताधारकों के खातों को हैक कर साफ करने वाले गिरोह का मास्टर माइंड कंप्यूटर साइंस की तीसरी साल का छात्र निकला है। इसके अलावा गिरोह के दो सदस्य बीटेक की पढ़ाई कर चुके हैं। वहीं एक मेडिकल स्टोर चलाता है। पुलिस ने गिरोह के मास्टर माइंड समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर साढ़े आठ लाख का माल भी बरामद किया है। इसके अलावा पुलिस ने एक अन्य खाते में जमा 17 लाख रुपये को होल्ड करा दिया है।
कोतवाली क्षेत्र के नया गांव निवासी देवीदास समेत पांच लोगों ने 12 जून को खाता हैक कर ढाई लाख रुपये निकालने का मामला दर्ज कराया था। वारदात के खुलासे के लिए एसपी शगुन गौतम ने अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह और सीओ धर्म सिंह मार्छाल की एक संयुक्त टीम का गठन किया। पड़ताल में टीम को पता चला कि हैैकर्स गिरोह ने बिना ओटीपी वाले एसबीआई के खाताधारकों को निशाना बनाकर उनके खाते से पांच-पांच हजार रुपये निकाले। साथ ही इसी रकम को एक अन्य खाते में जमा कर दिया। हैकर्स इस रकम से ऑनलाइन खरीदारी करते थे। टीम ने सूचना के आधार पर सोमवार की रात को हाईवे के क्योरार मोड़ से आनलाइन ठगी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर बड़ी संख्या में मोबाइल, दो लैपटॉप, एक एलईडी, टीएफटी, एक एसी, वाशिंग मशीन, टाइटन घड़ी, तीन जोड़ी जूते, एक कार, दो जोड़ी कपड़े, एक प्रेस और 3770 रुपये की नकदी समेत साढ़े आठ लाख का माल बरामद किया है। मंगलवार को गिरोह का खुलासा करते हुए एसपी शगुन गौतम ने बताया कि गिरफ्तार गिरोह का मास्टर माइंड विजयंत पटेल निवासी नगला शर्की जिला बदायूं बीटेक कंप्यूटर साइंस की तीसरी वर्ष का छात्र है। वह वेबसाइट डिजाइनिंग का भी काम करता था। इसी दौरान उसने वेबसाइट को हैक करना सीखा। इसके बाद उसने अपने साथी प्रज्जवल पाठक निवासी नगरिया परीक्षित थाना इज्जतनगर, आदित्य गंगवार और अमित कुमार निवासी आलोक नगर थाना इज्जतनगर गंगवार के साथ मिलकर एसबीआई के बिना ओटीपी वाले खातों को हैक करना शुरू किया। एसपी ने कहा कि गिरोह ऐसे खाताधारकों को निशाना बनाता था जो पासवर्ड अक्सर चेंज नहीं करते थे। हैकर्स खातों से निकाली गई रकम को एक मर्चेंट साइट के ई-वॉलेट में जमा करके ऑनलाइन शॉपिंग और बिलों का किया करते थे। पूछताछ में गिरोह के मास्टरमाइंट ने कबूला कि उसने 30 से 40 खाताधारकों के खातों को हैक किया। वहीं, पुलिस ने आरोपियों के खातों में जमा 17 लाख रुपये के रुपये होल्ड करा दिए हैं। पुलिस ने चारों को रामपुर कोर्ट में पेश किया जहां से कोर्ट ने जेल भेज दिया है।