{"_id":"58977dcc4f1c1b4a40e842c6","slug":"farmers-are-worry-due-to-rain","type":"story","status":"publish","title_hn":"बारिश और तेज हवा ने बढ़ाई किसानों की धड़कन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बारिश और तेज हवा ने बढ़ाई किसानों की धड़कन
अमर उजाला ब्यूरो / रामपुर/मिलक।
Updated Mon, 06 Feb 2017 01:02 AM IST
विज्ञापन
मिलक में शाम को हुई बारिश के बाद मौसम का नजारा। अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
बारिश से गेहूं और दूसरी फसलों को भले ही फायदा पहुचा हो। लेकिन, तेज हवा ने किसान चिंतित हो उठे। हवा से गेहूं और तिलहनी फसल बिछने की आंशका है। बारिश से आलू, लाही की फसल को नुकसान पहुंचा है। मौसम से बदले मिजाज से ठंड भी बढ़ गई।
गेहूं की अगेती फसल में बाल निकल आई और दाना बन रहा है। पिछेती फसल में बाली में फूल बन रहा है। लाही भी पकने को तैयार है और आलू की फसल भी पककर तैयार हो गई। सिर्फ गेहूं की पानी की जरूरत है। बाकी फसलें बिना पानी के ही पककर तैयार हो जाएंगी। हालांकि हारिश के बाद तेज हवा चलना फसलों के लिए ठीक नहीं है। क्योंकि तेज हवा से फसलें गिर सकती हैं। रविवार को भी फिर बारिश हो गई। दोपहार बाद घुमड़-घुमड़कर आसमान पर काले बादल छा गए। कुछ ही देर में बूंदाबांदी शुरू हो गई। कहीं तेज तो कहीं हल्की बूंदाबांदी होती रही। बारिश से गेहूं, मसूर और चना की फसल को फायदा पहुंचा है।
बाकी फसलों को नुकसान होगा। बारिश के दौरान कुछ इलाकों में तेज हवा भी चली, जिससे किसान चिंतित हो गए। क्योंकि हवा से गेहूं और लाही की फसल खेतों में गिर सकती है। सरसों की फसल में माहू लगने की आशंका पैदा हो गई है। बारिश से पारा भी नीचे आ गया। लिहाजा मौसम और सर्द हो गया। शाम होते ही लोगों ने घर की ओर रुख कर लिया। बाजार भी समय से पहले बंद हो गए। सड़कों पर भी सन्नाटा छा गया। ठंड से सबसे ज्यादा परेशानी का सामना रिक्शा चालकों और मजदूर तबके को करना पड़ा।
विज्ञापन
गेहूं की अगेती फसल में बाल निकल आई और दाना बन रहा है। पिछेती फसल में बाली में फूल बन रहा है। लाही भी पकने को तैयार है और आलू की फसल भी पककर तैयार हो गई। सिर्फ गेहूं की पानी की जरूरत है। बाकी फसलें बिना पानी के ही पककर तैयार हो जाएंगी। हालांकि हारिश के बाद तेज हवा चलना फसलों के लिए ठीक नहीं है। क्योंकि तेज हवा से फसलें गिर सकती हैं। रविवार को भी फिर बारिश हो गई। दोपहार बाद घुमड़-घुमड़कर आसमान पर काले बादल छा गए। कुछ ही देर में बूंदाबांदी शुरू हो गई। कहीं तेज तो कहीं हल्की बूंदाबांदी होती रही। बारिश से गेहूं, मसूर और चना की फसल को फायदा पहुंचा है।
विज्ञापन
बाकी फसलों को नुकसान होगा। बारिश के दौरान कुछ इलाकों में तेज हवा भी चली, जिससे किसान चिंतित हो गए। क्योंकि हवा से गेहूं और लाही की फसल खेतों में गिर सकती है। सरसों की फसल में माहू लगने की आशंका पैदा हो गई है। बारिश से पारा भी नीचे आ गया। लिहाजा मौसम और सर्द हो गया। शाम होते ही लोगों ने घर की ओर रुख कर लिया। बाजार भी समय से पहले बंद हो गए। सड़कों पर भी सन्नाटा छा गया। ठंड से सबसे ज्यादा परेशानी का सामना रिक्शा चालकों और मजदूर तबके को करना पड़ा।
विज्ञापन