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दुकानों को लेकर ईओ ने दिए जांच के आदेश, तीन सदस्यीय कमेटी गठित
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रामपुर। 45 साल से मृतक के नाम से आवंटित नगर पालिका की दुकानों को लेकर अधिशासी अधिकारी ने जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है। कमेटी यह जांच करेगी कि आवंटन के समय क्या शर्तें थीं। साथ ही कौन-कौन अधिकारी इसके लिए जिम्मेदार हैं।
बाजार नसरूल्ला खां में नगर पालिका की 14 दुकानें बनी हुई हैं। इन दुकानों का निर्माण करीब 1970 में हुआ था। तब नगर पालिका ने सभी दुकानों को गंज थाना क्षेत्र निवासी फरहत अली खां को आवंटित कर दी थीं। आवंटी ही दुकानों का किराया वसूलकर नगर पालिका में जमा करते थे। किंतु, 1977 में उनकी मौत हो गई।
शुक्रवार को एक दुकान के भीतर निर्माण हो रहा था। इस बाबत एक पूर्व सभासद ने नगर पालिका के अफसरों को जानकारी दे दी। इसके बाद अधिशासी अधिकारी डॉ. विवेकानंद गंगवार मौके पर पहुंच गए। उन्हें आता देख अवैध निर्माण करा रहा व्यक्ति दुकान बंद कर फरार हो गया। ईओ ने दुकान को सील कर दिया। वहीं, शुरुआती जांच में यह मामला भी सामने आया कि दुकानें मृतक के नाम से आवंटित थीं और उनका किराया भी नगर पालिका में जमा नहीं होता था। ऐसे में अधिशासी अधिकारी डॉ. विवेकानंद गंगवार ने विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने तीन सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया है, जिसमें कर अधीक्षक मयूरी शर्मा, अवर अभियंता सिविल जनेश्वर प्रसाद और खाद्य निरीक्षक मुनेश कुमार शामिल हैं। अधिशासी अधिकारी डॉ. विवेकानंद गंगवार ने बताया कि आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर ही की जाएगी।
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बाजार नसरूल्ला खां में नगर पालिका की 14 दुकानें बनी हुई हैं। इन दुकानों का निर्माण करीब 1970 में हुआ था। तब नगर पालिका ने सभी दुकानों को गंज थाना क्षेत्र निवासी फरहत अली खां को आवंटित कर दी थीं। आवंटी ही दुकानों का किराया वसूलकर नगर पालिका में जमा करते थे। किंतु, 1977 में उनकी मौत हो गई।
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शुक्रवार को एक दुकान के भीतर निर्माण हो रहा था। इस बाबत एक पूर्व सभासद ने नगर पालिका के अफसरों को जानकारी दे दी। इसके बाद अधिशासी अधिकारी डॉ. विवेकानंद गंगवार मौके पर पहुंच गए। उन्हें आता देख अवैध निर्माण करा रहा व्यक्ति दुकान बंद कर फरार हो गया। ईओ ने दुकान को सील कर दिया। वहीं, शुरुआती जांच में यह मामला भी सामने आया कि दुकानें मृतक के नाम से आवंटित थीं और उनका किराया भी नगर पालिका में जमा नहीं होता था। ऐसे में अधिशासी अधिकारी डॉ. विवेकानंद गंगवार ने विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने तीन सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया है, जिसमें कर अधीक्षक मयूरी शर्मा, अवर अभियंता सिविल जनेश्वर प्रसाद और खाद्य निरीक्षक मुनेश कुमार शामिल हैं। अधिशासी अधिकारी डॉ. विवेकानंद गंगवार ने बताया कि आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर ही की जाएगी।
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