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Rampur News: शबद कीर्तन कर संगत को किया निहाल
Mon, 16 Dec 2024 02:01 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Mon, 16 Dec 2024 02:01 AM IST
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बिलासपुर। गुरुद्वारा शहीद बाबा दीप सिंह नवाबगंज में रविवार को साप्ताहिक धार्मिक समागम आयोजित हुआ। जिसमें विभिन्न जत्थों ने शबद कीर्तन कर संगत को निहाल किया। मुख्य ग्रंथी ज्ञानी जसपाल सिंह ने चौपेहरा का चार घंटे लगातार पाठ करके संगत को निहाल किया। गुरु का अटूट लंगर भी बांटा गया।
ग्राम नवाबगंज स्थित गुरुद्वारा शहीद बाबा दीप सिंह में रविवार की सुबह करीब पांच बजे नितनेम का पाठ मुख्य ग्रंथी ज्ञानी जसपाल सिंह ने किया। मुख्य ट्रस्टी सतनाम कौर की मौजूदगी में दो दिन पूर्व रखे गए अखंड पाठ का भोग डाला गया। अरदास के बाद सुबह करीब 9:00 बजे दीवान हाल में स्टेज पर कार्यक्रम शुरू हुए। जिसमें भाई परमजीत सिंह के जत्थे ने शबद कीर्तन किया। बाद में भाई पलविंदर सिंह व रुद्रपुर से आए भाई गुरदेव सिंह के जत्थों ने अलग-अलग शबद कीर्तन कर संगत को निहाल किया।
उन्होंने शबद कीर्तन के जरिये गुरुओं का इतिहास दोहराया। मुख्य ग्रंथी ज्ञानी जसपाल सिंह ने चौपेहरा का पाठ दोपहर 12:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक लगातार करके संगत को निहाल किया। गुरु का अटूट लंगर भी पूरे दिन बरताया गया। शाम को आरती भाई परमजीत सिंह ने कराई। इसके बाद प्रसाद वितरण हुआ।
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व्यवस्था में प्रबंधन ट्रस्टी सतनाम कौर, देवेंद्र सिंह, गुरपिंदर सिंह औलख, गुरदीप सिंह, शमशेर सिंह मंड, हरविंदर सिंह संधू, हरप्रीत कौर, जसविंदर कौर, अमरजीत कौर, दलजीत सिंह, सतेंद्र सिंह आदि मुख्य थे।
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ग्राम नवाबगंज स्थित गुरुद्वारा शहीद बाबा दीप सिंह में रविवार की सुबह करीब पांच बजे नितनेम का पाठ मुख्य ग्रंथी ज्ञानी जसपाल सिंह ने किया। मुख्य ट्रस्टी सतनाम कौर की मौजूदगी में दो दिन पूर्व रखे गए अखंड पाठ का भोग डाला गया। अरदास के बाद सुबह करीब 9:00 बजे दीवान हाल में स्टेज पर कार्यक्रम शुरू हुए। जिसमें भाई परमजीत सिंह के जत्थे ने शबद कीर्तन किया। बाद में भाई पलविंदर सिंह व रुद्रपुर से आए भाई गुरदेव सिंह के जत्थों ने अलग-अलग शबद कीर्तन कर संगत को निहाल किया।
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उन्होंने शबद कीर्तन के जरिये गुरुओं का इतिहास दोहराया। मुख्य ग्रंथी ज्ञानी जसपाल सिंह ने चौपेहरा का पाठ दोपहर 12:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक लगातार करके संगत को निहाल किया। गुरु का अटूट लंगर भी पूरे दिन बरताया गया। शाम को आरती भाई परमजीत सिंह ने कराई। इसके बाद प्रसाद वितरण हुआ।
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व्यवस्था में प्रबंधन ट्रस्टी सतनाम कौर, देवेंद्र सिंह, गुरपिंदर सिंह औलख, गुरदीप सिंह, शमशेर सिंह मंड, हरविंदर सिंह संधू, हरप्रीत कौर, जसविंदर कौर, अमरजीत कौर, दलजीत सिंह, सतेंद्र सिंह आदि मुख्य थे।