{"_id":"6903b4e3da7344ea7300a7c4","slug":"e-fir-is-still-not-getting-support-from-people-rampur-news-c-15-1-mbd1058-761290-2025-10-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rampur News: ई-एफआईआर को अभी नहीं मिल रहा लोगों का साथ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rampur News: ई-एफआईआर को अभी नहीं मिल रहा लोगों का साथ
Fri, 31 Oct 2025 12:26 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Fri, 31 Oct 2025 12:26 AM IST
विज्ञापन
रामपुर। रामपुर। यूपी पुलिस ने पांच साल पहले यूपीकॉप एप लाॅन्च कर घर बैठे ई एफआईआर दर्ज करने की सुविधा तो लोगों को दे दी लेकिन आशा के अनुसार विभाग को सफलता नहीं मिल पाई। इस साल के आंकड़े देखने पर पता चलता है कि लोगों को इस एप के बारे में कोई खास जानकारी नहीं है। तभी तो घर बैठे ई-एफआईआर दर्ज कराने की सुविधा उपलब्ध होने के बावजूद लोग अब भी थानों-चौकियों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। इस साल जनवरी से 24 अक्तूबर तक जिले के सभी थानों में दर्ज 4275 मामलों में से केवल 17 ई-एफआईआर ही दर्ज हुई हैं। यह सभी बाइक चोरी, मोबाइल चोरी से संबंधित हैं।
यूपी पुलिस ने पांच साल पहले लॉन्च किए गए यूपीकॉप एप के माध्यम से चोरी, साइबर अपराध, नाबालिग बच्चों की गुमशुदगी और मोबाइल स्नैचिंग जैसे मामलों में घर बैठे ई-एफआईआर दर्ज कराई जा सकती है। एप में गुमशुदा व्यक्तियों की रिपोर्ट दर्ज करने से लेकर पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त करने जैसी कई सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। हालांकि, तकनीकी जागरूकता की कमी और एप डाउनलोड करने में आने वाली परेशानियों के चलते लोग पारंपरिक तरीके से ही एफआईआर दर्ज कराना पसंद कर रहे हैं।
घर बैठे ई-एफआईआर दर्ज कराने की सुविधा होने के बाद भी लोग थाने और चौकी के चक्कर लगा रहे हैं। इस साल जनवरी से 24 अक्तूबर तक जिले के सभी थानों में 4275 मामले दर्ज हुए हैं, जिसमें सिर्फ 17 ई-एफआईआर हैं। जानकारों का कहना है कि एप डाउनलोड करने में होने वाली परेशानी और जागरूकता के अभाव में लोग थाने-चाैकी जाकर रिपोर्ट दर्ज कराना ज्यादा आसान समझते हैं।
विज्ञापन
कैसे दर्ज कराएं ई-एफआईआर
ई-एफआईआर दर्ज करने के लिए प्ले स्टोर से यूपीकॉप एप डाउनलोड करना होगा। रजिस्ट्रेशन के दौरान नाम, पता, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी दर्ज करनी होगी। वेरिफिकेशन के बाद एफआईआर कंप्लेंट ऑप्शन पर जाकर सभी आवश्यक जानकारियां भरनी होंगी।
ई-एफआईआर के साथ यूपीकॉप एप में यह सुविधाएं भी उपलब्ध
यूपीकॉप एप के माध्यम से न केवल ई-एफआईआर दर्ज कराई जा सकती है, बल्कि इसके जरिए चरित्र प्रमाणपत्र, किरायेदार सत्यापन, कर्मचारी सत्यापन जैसी कई अन्य महत्वपूर्ण सेवाएं भी प्राप्त की जा सकती हैं।
एप में प्रोग्राम आयोजन की अनुमति, प्रदर्शन अनुमति और फिल्म शूटिंग की अनुमति लेने की सुविधा भी उपलब्ध है। इसके अलावा उपयोगकर्ता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफआईआर की कॉपी भी डाउनलोड कर सकते हैं। हालांकि, हत्या और दुष्कर्म जैसे जघन्य अपराधों के मामले में ई-एफआईआर दर्ज नहीं कराई जा सकती। नामजद शिकायतों के मामले में इसके दुरुपयोग की आशंका के चलते भी यह सुविधा उपलब्ध नहीं है।
यहां दर्ज करा सकते हैं शिकायतें
पुलिस से कई तरह से ऑनलाइन शिकायत कर सकते हैं। फेसबुक पेज, इंस्टाग्राम, एक्स पर आईडी बनी हैं। इसके अलावा एसएसपी, एसपी सिटी, एसपी देहात, जनपद के सभी सीओ, थाना प्रभारी की आईडी बनी हैं। व्हाट्सएप के जरिए भी पीड़ित अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। ब्यूरो
वर्जन : ऑफलाइन के अलावा ऑनलाइन केस दर्ज कराने की सुविधा लोगों के लिए उपलब्ध है। कुछ मामलों में फरियादी अपने घर बैठे ही यूपीकॉप के जरिए शिकायत दर्ज करा सकते हैं। -विद्यासागर मिश्र एसपी
विज्ञापन
यूपी पुलिस ने पांच साल पहले लॉन्च किए गए यूपीकॉप एप के माध्यम से चोरी, साइबर अपराध, नाबालिग बच्चों की गुमशुदगी और मोबाइल स्नैचिंग जैसे मामलों में घर बैठे ई-एफआईआर दर्ज कराई जा सकती है। एप में गुमशुदा व्यक्तियों की रिपोर्ट दर्ज करने से लेकर पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त करने जैसी कई सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। हालांकि, तकनीकी जागरूकता की कमी और एप डाउनलोड करने में आने वाली परेशानियों के चलते लोग पारंपरिक तरीके से ही एफआईआर दर्ज कराना पसंद कर रहे हैं।
विज्ञापन
घर बैठे ई-एफआईआर दर्ज कराने की सुविधा होने के बाद भी लोग थाने और चौकी के चक्कर लगा रहे हैं। इस साल जनवरी से 24 अक्तूबर तक जिले के सभी थानों में 4275 मामले दर्ज हुए हैं, जिसमें सिर्फ 17 ई-एफआईआर हैं। जानकारों का कहना है कि एप डाउनलोड करने में होने वाली परेशानी और जागरूकता के अभाव में लोग थाने-चाैकी जाकर रिपोर्ट दर्ज कराना ज्यादा आसान समझते हैं।
विज्ञापन
कैसे दर्ज कराएं ई-एफआईआर
ई-एफआईआर दर्ज करने के लिए प्ले स्टोर से यूपीकॉप एप डाउनलोड करना होगा। रजिस्ट्रेशन के दौरान नाम, पता, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी दर्ज करनी होगी। वेरिफिकेशन के बाद एफआईआर कंप्लेंट ऑप्शन पर जाकर सभी आवश्यक जानकारियां भरनी होंगी।
ई-एफआईआर के साथ यूपीकॉप एप में यह सुविधाएं भी उपलब्ध
यूपीकॉप एप के माध्यम से न केवल ई-एफआईआर दर्ज कराई जा सकती है, बल्कि इसके जरिए चरित्र प्रमाणपत्र, किरायेदार सत्यापन, कर्मचारी सत्यापन जैसी कई अन्य महत्वपूर्ण सेवाएं भी प्राप्त की जा सकती हैं।
एप में प्रोग्राम आयोजन की अनुमति, प्रदर्शन अनुमति और फिल्म शूटिंग की अनुमति लेने की सुविधा भी उपलब्ध है। इसके अलावा उपयोगकर्ता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफआईआर की कॉपी भी डाउनलोड कर सकते हैं। हालांकि, हत्या और दुष्कर्म जैसे जघन्य अपराधों के मामले में ई-एफआईआर दर्ज नहीं कराई जा सकती। नामजद शिकायतों के मामले में इसके दुरुपयोग की आशंका के चलते भी यह सुविधा उपलब्ध नहीं है।
यहां दर्ज करा सकते हैं शिकायतें
पुलिस से कई तरह से ऑनलाइन शिकायत कर सकते हैं। फेसबुक पेज, इंस्टाग्राम, एक्स पर आईडी बनी हैं। इसके अलावा एसएसपी, एसपी सिटी, एसपी देहात, जनपद के सभी सीओ, थाना प्रभारी की आईडी बनी हैं। व्हाट्सएप के जरिए भी पीड़ित अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। ब्यूरो
वर्जन : ऑफलाइन के अलावा ऑनलाइन केस दर्ज कराने की सुविधा लोगों के लिए उपलब्ध है। कुछ मामलों में फरियादी अपने घर बैठे ही यूपीकॉप के जरिए शिकायत दर्ज करा सकते हैं। -विद्यासागर मिश्र एसपी