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Rampur News: बजट के अभाव में अटकीं जिला अस्पताल की सांसें

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 24 Jun 2024 04:48 AM IST
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District hospital's breath stuck due to lack of budget
रामपुर। जिला अस्पताल में बना लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट बजट के अभाव में दो माह से बंद पड़ा है। प्लांट शुरू होने के बाद जिला अस्पताल की ऑक्सीजन सिलिंडरों पर निर्भरता खत्म हो गई थी। भर्ती मरीजों के बेड तक पाइपलाइन के जरिये ऑक्सीजन पहुंचने लगी थी, लेकिन प्लांट में लिक्विड रीफिल न होने से इसका संचालन नहीं हो पा रहा है। ऐसे में अस्पताल में भर्ती मरीज फिर ऑक्सीजन सिलिंडरों के सहारे हो गए हैं।
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जिला अस्पताल में 55 लाख की लागत से लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट तैयार किया गया था। लंबे समय तक लाइसेंस के इंतजार में इसका संचालन नहीं हो सका। लाइसेंस मिलने के बाद इसी साल इसका संचालन शुरू हुआ था। जिसके बाद अस्पताल के 150 बेड तक पाइपलाइन के जरिये ऑक्सीजन की सप्लाई शुरू हो गई थी। प्लांट के शुरू होने से ऑक्सीजन सिलिंडरों पर निर्भरता खत्म हो गई थी। साथ ही इससे कम खर्च में आसानी से मरीजों तक ऑक्सीजन पहुंच रही थी।
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अधिकारियों ने बताया कि दो माह पहले लिक्विड खत्म होने के बाद से ऑक्सीजन प्लांट बंद है। इसी सूचना स्वास्थ्य निदेशालय को दे दी गई है। बजट मिलने के बाद प्लांट में लिक्विड रीफिल कराया जाएगा। प्लांट के बंद होने से जरूरत पड़ने पर मरीजों को सिलिंडरों की जरिये ऑक्सीजन दी जा रही है।
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लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट से मिली थी राहत
कोरोना काल में ऑक्सीजन को लेकर छाए संकट के बाद जिला अस्पताल में पीएम केयर फंड से दो ऑक्सीजन प्लांट लगवाए गए थे। इन ऑक्सीजन प्लांटों से ऑक्सीजन की सीधे आपूर्ति होती है। इन प्लांटों से बनी ऑक्सीजन को स्टोर नहीं किया जा सकता था। इसी कारण दो प्लांट होने के बाद भी जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए ऑक्सीजन सिलिंडर बाहर से मंगाने पड़ते थे। लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट शुरू होने के बाद से सिलिंडरों से छुटकारा मिल गया था। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट में लगभग दो माह में लिक्विड रीफिल कराना पड़ता है।
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ऐसे काम करता है प्लांट
लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट से ऑक्सीजन लिक्विड फाॅर्म में तैयार होती है। जिसे 10000 लीटर की क्षमता वाले टैंक में स्टोर किया जाता है। मरीजों तक ऑक्सीजन की सप्लाई पाइपलाइन के जरिये होती। टैंक खाली होने पर फिर से प्लांट के जरिये ऑक्सीजन टैंक में भर दी जाती है।

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लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट का लिक्विड खत्म होने के कारण संचालन नहीं हो पा रहा है। बजट मिलने के बाद लिक्विड रीफिल करवाकर प्लांट शुरू करा दिया जाएगा। तब तक मरीजों के लिए ऑक्सीजन सिलिंडर की व्यवस्था है। -डॉ. एचके मित्रा, सीएमएस, जिला अस्पताल।
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