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सपा नेता आजम खां के डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र पर बहस पूरी, पांच जुलाई को होगी अगली सुनवाई
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रामपुर। सपा नेता आजम खां से जुड़े यतीमखाना प्रकरण से संबंधित तीन मामलों में बृहस्पतिवार को कोर्ट में तारीख थी। इस दौरान आजम खां के डिस्चार्ज प्रार्थनापत्र पर उनके अधिवक्ता ने बहस की। दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस पूरी हो गई है। अब कोर्ट इस मामले में पांच जुलाई को सुनवाई करेगी, जिसमें डिस्चार्ज प्रार्थनापत्र पर फैसला सुना सकती है। सुनवाई के दौरान आजम खां करीब डेढ़ घंटे तक कोर्ट रूम में मौजूद रहे।
साल 2019 में सपा नेता आजम खां, सेवानिवृत्त सीओ आले हसन, सपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र गोयल और इस्लाम ठेकेदार समेत 20-25 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। जिसमें आरोप था कि सपा नेता आजम खां के इशारे पर यतीमखाना बस्ती में रह रहे लोगों के साथ मारपीट, लूटपाट की गई। साथ ही उनके घरों को भी ध्वस्त कर दिया गया था। इस प्रकरण में 12 मुकदमे दर्ज किए गए थे। इस मामले में ही आजम खां के खिलाफ भैंस चोरी तक के आरोप लगे। हालांकि, इन मामलों में आजम खां की जमानत मंजूर हो चुकी है।
बृहस्पतिवार को इससे संबंधित तीन मामलों में एमपी-एमएलए कोर्ट (सेशन ट्रायल) में तारीख तय थी। जिसमें बुधवार को अभियोजन की ओर से आजम खां के तीन मामलों में डिस्चार्ज प्रार्थनापत्र पर आपत्ति दाखिल की थी। जिस पर बृहस्पतिवार को सुनवाई हुई। आजम खां के अधिवक्ता वीरेंद्र शर्मा द्वारा तर्क दिया गया कि आजम खां को रंजिश के चलते झूठा फंसाया गया है। उन पर लगाए गए आरोप निराधार हैं। घटना का कोई स्वतंत्र साक्षी नहीं है। लिहाजा, उन्हें डिस्चार्ज किया जाए। जबकि, अभियोजन की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता कमल कुमार गुप्ता ने तर्क दिया कि पत्रावली पर पूरे साक्ष्य मौजूद हैं। बचाव पक्ष का डिस्चार्ज प्रार्थनापत्र निरस्त किया जाए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने फैसले के लिए पांच जुलाई की तारीख नियत की है। सुनवाई के दौरान आजम खां कोर्ट रूम में करीब डेढ़ घंटे मौजूद रहे।
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साल 2019 में सपा नेता आजम खां, सेवानिवृत्त सीओ आले हसन, सपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र गोयल और इस्लाम ठेकेदार समेत 20-25 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। जिसमें आरोप था कि सपा नेता आजम खां के इशारे पर यतीमखाना बस्ती में रह रहे लोगों के साथ मारपीट, लूटपाट की गई। साथ ही उनके घरों को भी ध्वस्त कर दिया गया था। इस प्रकरण में 12 मुकदमे दर्ज किए गए थे। इस मामले में ही आजम खां के खिलाफ भैंस चोरी तक के आरोप लगे। हालांकि, इन मामलों में आजम खां की जमानत मंजूर हो चुकी है।
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बृहस्पतिवार को इससे संबंधित तीन मामलों में एमपी-एमएलए कोर्ट (सेशन ट्रायल) में तारीख तय थी। जिसमें बुधवार को अभियोजन की ओर से आजम खां के तीन मामलों में डिस्चार्ज प्रार्थनापत्र पर आपत्ति दाखिल की थी। जिस पर बृहस्पतिवार को सुनवाई हुई। आजम खां के अधिवक्ता वीरेंद्र शर्मा द्वारा तर्क दिया गया कि आजम खां को रंजिश के चलते झूठा फंसाया गया है। उन पर लगाए गए आरोप निराधार हैं। घटना का कोई स्वतंत्र साक्षी नहीं है। लिहाजा, उन्हें डिस्चार्ज किया जाए। जबकि, अभियोजन की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता कमल कुमार गुप्ता ने तर्क दिया कि पत्रावली पर पूरे साक्ष्य मौजूद हैं। बचाव पक्ष का डिस्चार्ज प्रार्थनापत्र निरस्त किया जाए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने फैसले के लिए पांच जुलाई की तारीख नियत की है। सुनवाई के दौरान आजम खां कोर्ट रूम में करीब डेढ़ घंटे मौजूद रहे।
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