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गुलदार को पकड़ने के लिए जंगल में लगाया पिंजरा
अमर उजाला ब्यूरो/बिलासपुर
Updated Thu, 11 Feb 2016 11:45 PM IST
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क्षेत्र में गुलदार की मौजूदगी से ग्रामीण दहशत में हैं। गांव की गलियां और विद्यालय सूने पड़े हैं। किसान अपने खेतों पर जाने से कतरा रहे हैं। बुधवार को भी गुलदार देखा गया था। वन विभाग ने गुलदार को पकड़ने के लिए जंगल में एक पिंजरा लगाया है। साथ ही जंगल में रातभर कांबिंग भी की, लेकिन वह पकड़ में नहीं आ सका है।
भोट थाना क्षेत्र में 30 जनवरी से गुलदार ने ग्राम धनुपुरा, मिलक याकूब खां, नवादा, कुत्ते वाली मिलक, कुकरीखेड़ा, मिलक मिर्जा, पत्थरखेड़ा आदि गांव में आतंक मचा रखा है। गुलदार के हमले तीन ग्रामीण घायल भी हो चुके हैं, जिनका उपचार चल रहा है। गुलदार की दहशत के कारण लोग खेतों पर काम करने भी नहीं जा रहे हैं।
वहीं बच्चे स्कूल जाने से भी कतरा रहे हैं। गुलदार देखे जाने की सूचना पर पुलिस एवं वन विभाग के कर्मचारी भी पहुंचकर कांबिंग तो कर रहे हैं, लेकिन अभी तक वन विभाग ने गुलदार को पकड़ने के लिए न तो गुलदार प्रभावित क्षेत्र में कहीं पिंजरा लगाया था और न ही कोई स्पेशल टीम को तैनात किया।
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बुधवार को रामपुर निवासी नावेद मियां ने ग्राम पत्थरखेड़ा स्थित अपने कृषि फार्म पर गुलदार को देखा था। बुधवार की रात रेंजर रामचंद्र गुलदार को पकड़ने के लिए कर्मचारियों के साथ पिंजरा लेकर पत्थरखेड़ा के जंगल में पहुंचे। उन्होंने जंगल में पिंजरे को स्थापित करके गुलदार की तलाश में कांबिंग भी की, मगर वह किसी के हाथ नहीं आया।
रेंजर ने बताया कि वह शीघ्र ही गुलदार को पकड़ने में कामयाब होंगे। उन्होंने गुलदार देखे जाने पर शीघ्र ही सूचना देने की बात कही है। साथ ही कहा कि ग्रामीण डरे नहीं, बल्कि जंगल में समूह के रूप में एकजुट होकर जाएं और रात को रोशनी अपने साथ जरूर रखें।
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भोट थाना क्षेत्र में 30 जनवरी से गुलदार ने ग्राम धनुपुरा, मिलक याकूब खां, नवादा, कुत्ते वाली मिलक, कुकरीखेड़ा, मिलक मिर्जा, पत्थरखेड़ा आदि गांव में आतंक मचा रखा है। गुलदार के हमले तीन ग्रामीण घायल भी हो चुके हैं, जिनका उपचार चल रहा है। गुलदार की दहशत के कारण लोग खेतों पर काम करने भी नहीं जा रहे हैं।
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वहीं बच्चे स्कूल जाने से भी कतरा रहे हैं। गुलदार देखे जाने की सूचना पर पुलिस एवं वन विभाग के कर्मचारी भी पहुंचकर कांबिंग तो कर रहे हैं, लेकिन अभी तक वन विभाग ने गुलदार को पकड़ने के लिए न तो गुलदार प्रभावित क्षेत्र में कहीं पिंजरा लगाया था और न ही कोई स्पेशल टीम को तैनात किया।
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बुधवार को रामपुर निवासी नावेद मियां ने ग्राम पत्थरखेड़ा स्थित अपने कृषि फार्म पर गुलदार को देखा था। बुधवार की रात रेंजर रामचंद्र गुलदार को पकड़ने के लिए कर्मचारियों के साथ पिंजरा लेकर पत्थरखेड़ा के जंगल में पहुंचे। उन्होंने जंगल में पिंजरे को स्थापित करके गुलदार की तलाश में कांबिंग भी की, मगर वह किसी के हाथ नहीं आया।
रेंजर ने बताया कि वह शीघ्र ही गुलदार को पकड़ने में कामयाब होंगे। उन्होंने गुलदार देखे जाने पर शीघ्र ही सूचना देने की बात कही है। साथ ही कहा कि ग्रामीण डरे नहीं, बल्कि जंगल में समूह के रूप में एकजुट होकर जाएं और रात को रोशनी अपने साथ जरूर रखें।