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विदेश मंत्रालय के क्लर्क ने हल किए थे गणित के सवाल
अमर उजाला ब्यूरो/रामपुर
Updated Fri, 04 Nov 2016 12:34 AM IST
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सीआरपीएफ में हवलदार पद के लिए हुई परीक्षा में नकल कराने के तार पड़ोसी जनपद मुरादाबाद की ठाकुरद्वारा तहसील से लेकर महाराष्ट्र के सीआरपीएफ जवान तक से ही नहीं विदेश मंत्रालय में तैनात एक लिपिक से भी जुड़े हुए हैं। नागपुर से प्रश्न पत्र वाट्सअप के जरिए भेजा गया, जिसको ठाकुरद्वारा के रहने वाले विदेश मंत्रालय में तैनात लिपिक ने हलकरके भेजा था। पुलिस ने पेपर हल करने वाले विदेश मंत्रालय के कर्मी को गिरफ्तार किया, लेकिन पूछताछ के बाद पुलिस ने उसे निजी मुचलके पर छोड़ दिया।
सीआरपीएफ में हवलदार भर्ती की परीक्षा 23 अक्तूबर को देश भर में आयोजित की गई थी। इस परीक्षा के दौरान कन्या इंटर कालेज खारी कुंआ के परीक्षा केंद्र पर सीआरपीएफ के अफसरों ने छापा मारकर दो छात्रों को मोबाइल के जरिए नकल करते हुए पकड़ लिया था। बाद में इन दोनों छात्रों को पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया था। पुलिस ने इनके खिलाफ आईटी एक्ट के साथ ही धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया था।
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शहर कोतवाली पुलिस ने मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा तहसील क्षेत्र के शरीफनगर निवासी सुलेमान व इमरान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस ने उनका मोबाइल भी जब्त कर लिया था। साथ ही इस मोबाइल को फारेंसिंक जांच के लिए लैब भेजा था। फारेंसिक जांच की लैब पुलिस को मिल गई है, जिसके आधार पर पाया गया है कि प्रश्न पत्र में शामिल गणित के बीस सवालों के जवाब विदेश मंत्रालय दिल्ली में लिपिक जावेद जोकि ठाकुरद्वारा के ही शरीफनगर गांव निवासी है ने अपने मोबाइल के वाटसअप से भेजे थे। पुलिस व सीआरपीएफ ने इस सूचना के आधार पर जावेद को भी गिरफ्तार कर लिया।
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पुलिस ने जावेद से पूछताछ की तो बताया कि वह विदेश मंत्रालय में लिपिक के पद पर तैनात है। पूछताछ के बाद पुलिस ने उसे निजी मुचलके पर रिहा भी कर दिया, क्योंकि आईटी एक्ट में सीधे गिरफ्तारी का प्रावधान नहीं है। पुलिस की जांच में अभी तक जो बात सामने आई है कि उसमें पाया गया कि आरोपी छात्रों के मोबाइल पर शरीफनगर निवासी सीआरपीएफ जवान ने प्रश्न पत्र शुरू होने से पहले ही कुछ प्रश्न व्हाट्सएप के जरिए भेज दिए थे।
विवेचक आरपी सिंह के मुताबिक सीआरपीएफ जवान द्वारा भेजे गए प्रश्नों में गणित के सवाल इन छात्रों से हल नहीं हुए तो इन लोगों ने शरीफनगर के रहने वाले अपने दोस्त जावेद जोकि विदेश मंत्रालय में लिपिक है के पास इन सवालों को भेजा, जहां से जावेद ने इन सवालों का हल व्हाट्सएप के जरिए आरोपी छात्रों के पास भेजा था। उनके मुताबिक करीब बीस सवालों के जवाब व्हाट्सएप के जरिए भेजे गए थे। विवेचक के मुताबिक जावेद के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है। इसलिए उसे निजी मुचलके पर रिहा किया गया। जावेद विदेश मंत्रालय में खुद को लिपिक बताता है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।