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महिला डाक्टर और नर्स को जेल
ब्यूूराे/रामपुर
Updated Wed, 18 Nov 2015 11:49 PM IST
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महिला अस्पताल में प्रसव के दौरान नवजात की मौत के मामले में गिरफ्तार की गई महिला चिकित्सक एवं नर्स को पुलिस ने बुधवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। इस दौरान कोर्ट परिसर में गहमागहमी का माहौल रहा।
महिला अस्पताल में दो दिन पहले हैवानियत का खेल खेला गया था। भोट थाना क्षेत्र के अहमदनगर तराना गांव निवासी भूरा की पत्नी मुशरफी को प्रसव के लिए भर्ती कराया गया था। रविवार की रात में डिलीवरी के वक्त डाक्टर व स्टाफ ने अपनी हैवानियत की सारी हदें पार कर दी थीं।
प्रसव के दौरान नवजात का धड़ तो निकल आया था,लेकिन सिर नहीं निकल पाया था। इस पर स्टाफ कर्मचारियों ने नवजात को निकालने के लिए उसकी गर्दन पर कमरबंद बांध दिया था और उसे खींचा था,जिसके बाद सिर धड़ से अलग हो गया था। इसके बाद धड़ को एक डस्टबिन में फेंक दिया था।
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लापरवाही पर नगर विकास मंत्री आजम खां ने भी नाराजगी जाहिर की थी। इसके बाद पुलिस ने मामले को गैर इरादतन हत्या के साथ ही महिला का गर्भपात कर देने की धाराओं में मुकदमे को दर्जकर लिया था। शहर कोतवाली पुलिस ने आरोपी डाक्टर तैयबा इकबाल एवं नर्स माधुरी सिंह को मंगलवार को ही हिरासत में ले लिया था।
पूछताछ के बाद बुधवार को पुलिस ने दोनों को दोपहर करीब दो बजे कोर्ट में पेश किया गया। सीजेएम प्रशांत मित्तल की कोर्ट में पेशी के दौरान आरोपियों के अधिवक्ताओं ने पुलिस के रिमांड पर आपत्ति जताई, जिसके बाद कोर्ट ने अधिवक्ता की आपत्ति को खारिज कर दिया। साथ ही दोनों को दो दिसंबर तक की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
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महिला अस्पताल में दो दिन पहले हैवानियत का खेल खेला गया था। भोट थाना क्षेत्र के अहमदनगर तराना गांव निवासी भूरा की पत्नी मुशरफी को प्रसव के लिए भर्ती कराया गया था। रविवार की रात में डिलीवरी के वक्त डाक्टर व स्टाफ ने अपनी हैवानियत की सारी हदें पार कर दी थीं।
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प्रसव के दौरान नवजात का धड़ तो निकल आया था,लेकिन सिर नहीं निकल पाया था। इस पर स्टाफ कर्मचारियों ने नवजात को निकालने के लिए उसकी गर्दन पर कमरबंद बांध दिया था और उसे खींचा था,जिसके बाद सिर धड़ से अलग हो गया था। इसके बाद धड़ को एक डस्टबिन में फेंक दिया था।
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लापरवाही पर नगर विकास मंत्री आजम खां ने भी नाराजगी जाहिर की थी। इसके बाद पुलिस ने मामले को गैर इरादतन हत्या के साथ ही महिला का गर्भपात कर देने की धाराओं में मुकदमे को दर्जकर लिया था। शहर कोतवाली पुलिस ने आरोपी डाक्टर तैयबा इकबाल एवं नर्स माधुरी सिंह को मंगलवार को ही हिरासत में ले लिया था।
पूछताछ के बाद बुधवार को पुलिस ने दोनों को दोपहर करीब दो बजे कोर्ट में पेश किया गया। सीजेएम प्रशांत मित्तल की कोर्ट में पेशी के दौरान आरोपियों के अधिवक्ताओं ने पुलिस के रिमांड पर आपत्ति जताई, जिसके बाद कोर्ट ने अधिवक्ता की आपत्ति को खारिज कर दिया। साथ ही दोनों को दो दिसंबर तक की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।