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बीटेक के छात्र ने की आत्महत्या
ब्यूरो/अमर उजाला रामपुर
Updated Sat, 31 Oct 2015 11:39 PM IST
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सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के कांशीराम कालोनी में शुुक्रवार रात बीटेक के छात्र ने कमरे में फंदे से लटककर जान दे दी। कमरे से सुसाइड नोट भी मिला है। पुलिस का कहना है कि युवक ने आत्महत्या की है। सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के कांशीराम कालोनी निवासी विश्वास बारदाना का काम करते हैं।
विश्वास का 18 साल का बेटा हर्ष मुरादाबाद के एक कालेज में बीटेक का छात्र था। शुक्रवार सुबह उसकी मां अपने दूसरे बेटे के साथ अपने गांव परम चली गई थी। उस वक्त हर्ष तैयार होकर कालेज जाने की तैयारी कर था। देर शाम को परिवार के लोगों ने हर्ष से फोन पर बात करनी चाही। काफी समय तक फोन नहीं उठा, तो परिवार के लोग घबरा गए।
उन्होंने पास में ही रहने वाले अपने रिशतेदार को घर पर देखने के लिए भेजा। हर्ष को कमरे में फांसी पर लटका देखकर उसकी चीख निकल गई। रिश्तेदार ने मामले की जानकारी परिजनों को दी। आसपास के लोग भी एकत्र हो गए। मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। सूचना के पुलिस भी वहां पर पहुंच गई।
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छात्र के शव को उतारकर उसका पंचनामा करके पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। हर्ष के पिता विश्वास काफी मेहनत करके अपने बेटे के पढ़ाई का खर्च उठा रहे थे। हर्ष को किसी तरह से बीटेक कराया जा रहा था।
आस थी कि उसका बेटा पढ़कर किसी अच्छी जगह नौकरी पा लेगा तो परिवार का सहारा बन जाएगा। उसके आत्महत्या कर लेने से परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। सिविल लाइंस पुलिस को मृतक के शव के पास एक सुसाइड नोट भी मिला।
इसमें उसने खुद आत्महत्या करने की बात कही है। उसने सुसाइड नोट में लिखा है कि उसके माता-पिता ने उसकी पढ़ाई के लिए काफी कष्ट उठाया है। उसे ये मलाल रहेगा कि वो उनके लिए कुछ नहीं कर सका। उसने अपनी मौत के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया है।
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विश्वास का 18 साल का बेटा हर्ष मुरादाबाद के एक कालेज में बीटेक का छात्र था। शुक्रवार सुबह उसकी मां अपने दूसरे बेटे के साथ अपने गांव परम चली गई थी। उस वक्त हर्ष तैयार होकर कालेज जाने की तैयारी कर था। देर शाम को परिवार के लोगों ने हर्ष से फोन पर बात करनी चाही। काफी समय तक फोन नहीं उठा, तो परिवार के लोग घबरा गए।
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उन्होंने पास में ही रहने वाले अपने रिशतेदार को घर पर देखने के लिए भेजा। हर्ष को कमरे में फांसी पर लटका देखकर उसकी चीख निकल गई। रिश्तेदार ने मामले की जानकारी परिजनों को दी। आसपास के लोग भी एकत्र हो गए। मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। सूचना के पुलिस भी वहां पर पहुंच गई।
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छात्र के शव को उतारकर उसका पंचनामा करके पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। हर्ष के पिता विश्वास काफी मेहनत करके अपने बेटे के पढ़ाई का खर्च उठा रहे थे। हर्ष को किसी तरह से बीटेक कराया जा रहा था।
आस थी कि उसका बेटा पढ़कर किसी अच्छी जगह नौकरी पा लेगा तो परिवार का सहारा बन जाएगा। उसके आत्महत्या कर लेने से परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। सिविल लाइंस पुलिस को मृतक के शव के पास एक सुसाइड नोट भी मिला।
इसमें उसने खुद आत्महत्या करने की बात कही है। उसने सुसाइड नोट में लिखा है कि उसके माता-पिता ने उसकी पढ़ाई के लिए काफी कष्ट उठाया है। उसे ये मलाल रहेगा कि वो उनके लिए कुछ नहीं कर सका। उसने अपनी मौत के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया है।