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श्रीराम कथा में प्रभु श्रीराम की बाल लीलाओं का किया वर्णन
Updated Sat, 15 Sep 2018 12:56 AM IST
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रामपुर। श्री रामकथा महोत्सव में कथा व्यास ने प्रभु श्रीराम की बाल लीलाओं और अन्य लीलाओं का वर्णन किया। कथा व्यास ने कहा कि मानव समाज का कल्याण बिना राम कथा स्मरण के संभव नहीं है।
नगर के मोहल्ला फर्राशखाना में चल रही श्रीराम कथा में कथा व्यास श्री ईश्वरदास जी महाराज ने कहा कि प्रभु श्रीराम ने अधर्म और अन्याय का नाश करने के लिए निराकार रूप त्यागकर साकार रूप में अवतार लिया। उन्होंने राक्षसों के बढ़ते अत्याचार से संतों और आम मानव को निजात दिलाई। कहा कि प्रभु श्रीराम की तमाम बाल लीलाएं हैं, प्रभु श्रीराम के अति सुंदर बाल रूप के दर्शन को संत और देवता दोनों ही आतुर रहते थे। इसीलिए भगवान शिव भी कैलाश पर्वत छोड़कर मदारी के रूप में प्रभु श्रीराम के दर्शन करने अयोध्या पहुंचे थे। कथा व्यास ने कहा कि भारत सनातन युग से संत और सतियों की धरा रहा है। इसमें प्रभु श्रीराम ने एक आदर्श पुरुष, पिता, पति, बेटे और आदर्श भाई की मिसाल पेश की है। उन्होंने हर रिश्ते के धर्म की मर्यादा रखी और एक आदर्श प्रस्तुत किया। इस दौरान रामऔतार शर्मा, नवनीत अरोरा, मनोज जौहरी, रेखा जौहरी, चमन देवी, अमीता, खुशबू जौहर आदि मौजूद रहे।
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नगर के मोहल्ला फर्राशखाना में चल रही श्रीराम कथा में कथा व्यास श्री ईश्वरदास जी महाराज ने कहा कि प्रभु श्रीराम ने अधर्म और अन्याय का नाश करने के लिए निराकार रूप त्यागकर साकार रूप में अवतार लिया। उन्होंने राक्षसों के बढ़ते अत्याचार से संतों और आम मानव को निजात दिलाई। कहा कि प्रभु श्रीराम की तमाम बाल लीलाएं हैं, प्रभु श्रीराम के अति सुंदर बाल रूप के दर्शन को संत और देवता दोनों ही आतुर रहते थे। इसीलिए भगवान शिव भी कैलाश पर्वत छोड़कर मदारी के रूप में प्रभु श्रीराम के दर्शन करने अयोध्या पहुंचे थे। कथा व्यास ने कहा कि भारत सनातन युग से संत और सतियों की धरा रहा है। इसमें प्रभु श्रीराम ने एक आदर्श पुरुष, पिता, पति, बेटे और आदर्श भाई की मिसाल पेश की है। उन्होंने हर रिश्ते के धर्म की मर्यादा रखी और एक आदर्श प्रस्तुत किया। इस दौरान रामऔतार शर्मा, नवनीत अरोरा, मनोज जौहरी, रेखा जौहरी, चमन देवी, अमीता, खुशबू जौहर आदि मौजूद रहे।
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