{"_id":"5b60b72d4f1c1b75568b49fa","slug":"71533065005-rampur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"फर्जी कागजात से बागपत के किसान का कर दिया बीस लाख का लोन","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
फर्जी कागजात से बागपत के किसान का कर दिया बीस लाख का लोन
Updated Wed, 01 Aug 2018 12:53 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रामपुर। दूसरे की जमीन पर लोन पास कर 20 लाख के फर्जीवाड़े में ओरियंटल बैंक ऑफ कामर्स के अफसरों का एक और फर्जीवाड़ा सामने आया है। बागपत के किसान की तहरीर के आधार पर शाखा प्रबंधक और चार फील्ड अफसरों के खिलाफ गंज थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
फर्जीवाड़ा का यह मामला बागपत से जुड़ा हुआ है। बागपत के ग्राम दौझा निवासी अफसर अली गंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है,जिसमें उन्होंने कहा कि उसने वर्ष 2008 में टांडा तहसील के ग्राम प्रानपुर में खेती की जमीन खरीदी थी। इसमें उनके भाई असगर, अकबर और हारून भी साझेदार हैं। दाखिल खारिज कराने के बाद 19 जुलाई को वह खतौनी लेने टांडा तहसील गए तो पता चला कि उस पर लोन चढ़ा है। जांच पड़ताल की तो पता चला कि प्रानपुर गांव के दो भाई ,मुहल्ला ठोठर के एक व्यक्ति और मुहल्ला पंजाबियान के एक निवासी ने जमीन के फर्जी कागज तैयार कर ओरियंटल बैंक ऑफ कामर्स की काशीपुर आगा गांव की शाखा से 20 लाख का लोन करा लिया। इसमें तत्कालीन मैनेजर व फील्ड अफसर की भी मिली भगत रही। जानकारी से पता चला कि इससे पहले भी बैंक मैनेजर ने कुछ लोगों से मिलकर पंतनगर यूनिवर्सिटी से सेवानिवृत्त प्रोफेसर माजिद अलीखां की जमीन के फर्जी कागज तैयार कर 10 लाख का लोन कर दिया था। उनकी जमीन भी प्रानपुर गांव में थी। इस पर उन्होंने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र दिया। पुलिस अधीक्षक के आदेश पर गंज पुलिस ने सभी आरोपितों के खिलाफ धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। गंज कोतवाल विद्युत गोयल ने बताया कि सेवानिवृत्त प्रोफेसर के साथ हुई जालसाजी में पुलिस पहले ही तीन को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
विज्ञापन
फर्जीवाड़ा का यह मामला बागपत से जुड़ा हुआ है। बागपत के ग्राम दौझा निवासी अफसर अली गंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है,जिसमें उन्होंने कहा कि उसने वर्ष 2008 में टांडा तहसील के ग्राम प्रानपुर में खेती की जमीन खरीदी थी। इसमें उनके भाई असगर, अकबर और हारून भी साझेदार हैं। दाखिल खारिज कराने के बाद 19 जुलाई को वह खतौनी लेने टांडा तहसील गए तो पता चला कि उस पर लोन चढ़ा है। जांच पड़ताल की तो पता चला कि प्रानपुर गांव के दो भाई ,मुहल्ला ठोठर के एक व्यक्ति और मुहल्ला पंजाबियान के एक निवासी ने जमीन के फर्जी कागज तैयार कर ओरियंटल बैंक ऑफ कामर्स की काशीपुर आगा गांव की शाखा से 20 लाख का लोन करा लिया। इसमें तत्कालीन मैनेजर व फील्ड अफसर की भी मिली भगत रही। जानकारी से पता चला कि इससे पहले भी बैंक मैनेजर ने कुछ लोगों से मिलकर पंतनगर यूनिवर्सिटी से सेवानिवृत्त प्रोफेसर माजिद अलीखां की जमीन के फर्जी कागज तैयार कर 10 लाख का लोन कर दिया था। उनकी जमीन भी प्रानपुर गांव में थी। इस पर उन्होंने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र दिया। पुलिस अधीक्षक के आदेश पर गंज पुलिस ने सभी आरोपितों के खिलाफ धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। गंज कोतवाल विद्युत गोयल ने बताया कि सेवानिवृत्त प्रोफेसर के साथ हुई जालसाजी में पुलिस पहले ही तीन को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
विज्ञापन