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दहेज हत्या में माता पिता समेत रेलवे ठेकेदार को उम्रकैद
Updated Thu, 24 May 2018 12:31 AM IST
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दहेज हत्या में माता-पिता समेत रेलवे ठेकेदार को उम्रकैद
रामपुर।
दहेज की खातिर पत्नी की हत्या करने के मामले में अदालत ने रेलवे के ठेकेदार और उसके माता-पिता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने सभी को दस-दस हजार रुपये का जुर्माना अदा करने के भी आदेश दिए हैं। दहेज हत्या का यह मामला सिविल लाइंस थाना क्षेत्र की आवास विकास कालोनी का है। रेलवे में ठेकेदारी का काम करने वाले हरिओम यादव की पत्नी सरोज यादव 30 जनवरी 2014 को मौत हो गई थी। मायके वालों ने दहेज की खातिर हत्या कर देने का आरोप लगाते हुए सरोज के रेलवे में ठेकेदारी करने वाले पति हरिओम यादव के साथ ही ससुर सूर्य नाथ और सास नीलम यादव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मामले में मृतका के मध्यप्रदेश स्थित जबलपुर निवासी भाई अवधेश यादव ने तीनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसका आरोप था कि दहेज में 12 लाख रुपये और कार देने की मांग ससुराली कर रहे थे। न देने पर सरोज को रोजाना यातनाएं देते रहते थे। आए दिन उसके साथ मारपीट की जाती थी। 30 जनवरी को धारदार हथियारों से हमला किया गया,जिससे सरोज की मौत हो गई। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद मामले की तफ्तीश की और फिर चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। कोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद इस मुकदमे का फैसला सुनाया। सुनवाई के दौरान सहायक शासकीय अधिवक्ता सतीश चंद्र ने सात गवाह पेश किए। साथ ही आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग रखी,जबकि बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि आरोपियों को झूठा फंसाया गया है। उन्होंने किसी भी तरह की दहेज की मांग नहीं की। सहायक शासकीय अधिवक्ता सतीश चंद्र ने बताया कि एफटीसी प्रथम प्रतिभा सक्सेना ने मामले की सुनवाई करते हुए मृतका के पति हरिओम यादव, सास नीलम यादव और ससुर सूर्य नाथ यादव को उम्रकैद व दस-दस हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है।
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रामपुर।
दहेज की खातिर पत्नी की हत्या करने के मामले में अदालत ने रेलवे के ठेकेदार और उसके माता-पिता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने सभी को दस-दस हजार रुपये का जुर्माना अदा करने के भी आदेश दिए हैं। दहेज हत्या का यह मामला सिविल लाइंस थाना क्षेत्र की आवास विकास कालोनी का है। रेलवे में ठेकेदारी का काम करने वाले हरिओम यादव की पत्नी सरोज यादव 30 जनवरी 2014 को मौत हो गई थी। मायके वालों ने दहेज की खातिर हत्या कर देने का आरोप लगाते हुए सरोज के रेलवे में ठेकेदारी करने वाले पति हरिओम यादव के साथ ही ससुर सूर्य नाथ और सास नीलम यादव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मामले में मृतका के मध्यप्रदेश स्थित जबलपुर निवासी भाई अवधेश यादव ने तीनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसका आरोप था कि दहेज में 12 लाख रुपये और कार देने की मांग ससुराली कर रहे थे। न देने पर सरोज को रोजाना यातनाएं देते रहते थे। आए दिन उसके साथ मारपीट की जाती थी। 30 जनवरी को धारदार हथियारों से हमला किया गया,जिससे सरोज की मौत हो गई। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद मामले की तफ्तीश की और फिर चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। कोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद इस मुकदमे का फैसला सुनाया। सुनवाई के दौरान सहायक शासकीय अधिवक्ता सतीश चंद्र ने सात गवाह पेश किए। साथ ही आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग रखी,जबकि बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि आरोपियों को झूठा फंसाया गया है। उन्होंने किसी भी तरह की दहेज की मांग नहीं की। सहायक शासकीय अधिवक्ता सतीश चंद्र ने बताया कि एफटीसी प्रथम प्रतिभा सक्सेना ने मामले की सुनवाई करते हुए मृतका के पति हरिओम यादव, सास नीलम यादव और ससुर सूर्य नाथ यादव को उम्रकैद व दस-दस हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है।