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एक साल में हादसों में 250 लोगों की गई जान
Updated Thu, 13 Dec 2018 12:41 AM IST
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एक साल में 250 लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा
रामपुर। एक साल जिले में हुए हादसे में 250 लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा, जबकि 325 लोग घायल हो गए। जिले में हादसों का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। पुलिस हादसे रोकने के लिए जागरूकता अभियान चला रही है, लेकिन इसका कोई फायदा होता नहीं दिख रहा है। सबसे अधिक हादसे हाईवे पर हो रहे हैं।
हाईवे पर आए दिन कोई ना कोई हादसा होता है। जनवरी 2018 से लेकर 11 दिसंबर तक के आंकड़ों पर नजर डाली जाए,तो जिले भर में 438 हादसे हुए थे। जिसमे ढाई सौ लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा है। इन हादसों में 330 लोग घायल भी हुए। इन हादसों में किसी ने मां ने अपना बेटा खोया,तो किसी महिला ने अपने पति को खो दिया,तो किसी ने अपने पिता को खो दिया।
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रामपुर। एक साल जिले में हुए हादसे में 250 लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा, जबकि 325 लोग घायल हो गए। जिले में हादसों का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। पुलिस हादसे रोकने के लिए जागरूकता अभियान चला रही है, लेकिन इसका कोई फायदा होता नहीं दिख रहा है। सबसे अधिक हादसे हाईवे पर हो रहे हैं।
हाईवे पर आए दिन कोई ना कोई हादसा होता है। जनवरी 2018 से लेकर 11 दिसंबर तक के आंकड़ों पर नजर डाली जाए,तो जिले भर में 438 हादसे हुए थे। जिसमे ढाई सौ लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा है। इन हादसों में 330 लोग घायल भी हुए। इन हादसों में किसी ने मां ने अपना बेटा खोया,तो किसी महिला ने अपने पति को खो दिया,तो किसी ने अपने पिता को खो दिया।
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