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किशोरी के अपहरण में दो युवकों को सात-साल की कैद
Updated Wed, 23 Aug 2017 01:04 AM IST
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किशोरी के अपहरण में दो युवकों को सात साल की कैद
रामपुर। किशोरी के अपहरण के मामले में कोर्ट ने दो युवकों को सात-सात साल की कैद व जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है।
मामला बिलासपुर कोतवाली क्षेत्र के एक मुहल्ले का है। यहां पर एक मंदिर के पुजारी की 15 साल की बेटी का अपहरण कर लिया गया था। इस घटना की रिपोर्ट पुजारी ने धर्मशाला के चौकीदार के बेटे व उसके साथी के खिलाफ दर्ज कराई थी। पुलिस ने इस मामले की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था,जबकि किशोरी को बरामद कर लिया था। पुलिस ने मामले की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी। कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई के बाद इस मुकदमे का फैसला सुनाया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता दावर अली व प्रताप सिंह मौर्य ने वादी व उसकी बेटी के बयान तो दर्ज कराए ही साथ ही कुल मिलाकर छह गवाह भी पेश किए। अभियोजन की ओर से आरोपी दोनों युवकों को कड़ी सजा देने की मांग रखी, जबकि बचाव पक्ष की ओर से दलील दी गई कि आरोपियों को पुलिस ने झूठा फंसाया है। किसी ने भी किशोरी का अपहरण नहीं किया है। सहायक शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद एफटीसी प्रथम इश्तियाक अली ने आरोपी चौकीदार के बेटे नारायणदास व उसके दोस्त अनिल गंगवार को सात सात साल की कैद व दो-दो हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है।
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रामपुर। किशोरी के अपहरण के मामले में कोर्ट ने दो युवकों को सात-सात साल की कैद व जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है।
मामला बिलासपुर कोतवाली क्षेत्र के एक मुहल्ले का है। यहां पर एक मंदिर के पुजारी की 15 साल की बेटी का अपहरण कर लिया गया था। इस घटना की रिपोर्ट पुजारी ने धर्मशाला के चौकीदार के बेटे व उसके साथी के खिलाफ दर्ज कराई थी। पुलिस ने इस मामले की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था,जबकि किशोरी को बरामद कर लिया था। पुलिस ने मामले की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी। कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई के बाद इस मुकदमे का फैसला सुनाया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता दावर अली व प्रताप सिंह मौर्य ने वादी व उसकी बेटी के बयान तो दर्ज कराए ही साथ ही कुल मिलाकर छह गवाह भी पेश किए। अभियोजन की ओर से आरोपी दोनों युवकों को कड़ी सजा देने की मांग रखी, जबकि बचाव पक्ष की ओर से दलील दी गई कि आरोपियों को पुलिस ने झूठा फंसाया है। किसी ने भी किशोरी का अपहरण नहीं किया है। सहायक शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद एफटीसी प्रथम इश्तियाक अली ने आरोपी चौकीदार के बेटे नारायणदास व उसके दोस्त अनिल गंगवार को सात सात साल की कैद व दो-दो हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है।