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Shahjahanpur News: सराफा व्यापारी रंगदारी प्रकरण में तीन और संदिग्ध रडार पर
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तिलहर की इसी बिरियागंज चौकी पर सराफा व्यापारी से वसूली गई रंगदारी। संवाद
जलालाबाद (शाहजहांपुर)। सराफा व्यापारी सुंदरम क्षत्रिय से रंगदारी वसूलने के चर्चित प्रकरण में पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। चार आरोपी सिपाहियों के अलावा तीन अन्य लोगों की भूमिका भी पुलिस के संदेह के घेरे में है। तीनों क्षेत्र के ही बताए जा रहे हैं। पुलिस ने उनकी गतिविधियों और घटना से जुड़े संपर्कों की पड़ताल शुरू कर दी है। साक्ष्य मिलने पर उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की जा सकती है।
वहीं, दो सिपाहियों की तलाश में एसओजी दिल्ली पहुंच गई है। वहां टीम ने डेरा डालकर उनकी तलाश शुरू कर दी है। सिपाहियों के मोबाइल बंद होने के कारण पुलिस को उनकी लोकेशन तलाशने में दिक्कत आ रही है। दूसरी टीम मेरठ मंडल में उनके घर और रिश्तेदारियों में दबिश दे रही है।
पुलिस ने चारों सिपाहियों की सीडीआर भी निकलवाई है। घटना के दिन उनसे संपर्क में रहने वालों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। प्रकरण को निपटाने के लिए मध्यस्थता करने वाले एक व्यक्ति की भूमिका भी पुलिस जांच रही है। इसके अलावा व्यापारी को फोन कराने वाले व्यक्ति के बारे में भी पुलिस को जानकारी मिली है।
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हालांकि, अधिकारी जांच पूरी होने से पहले इनके नाम और भूमिका के बारे में कुछ बताने से बच रहे हैं। सीओ जलालाबाद दीपक सिंह ने बताया कि दोनों सिपाहियों का 14 दिन का रिमांड मिल गया है। अभी उन्हें कस्टडी में नहीं लिया गया है। जल्द ही कस्टडी में लेकर पूछताछ की जाएगी।
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चौकी की डीवीआर कब्जे में, खंगाली जा रही फुटेज
बिरियागंज चौकी पर लगे सीसी कैमरों की डीवीआर पुलिस ने कब्जे में ले ली है। सीओ विदुष सक्सेना के अनुसार, चौकी क्षेत्र में लगे कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। इससे घटना से जुड़े लोगों की गतिविधियों और सिपाहियों की मौजूदगी के बारे में अहम जानकारी मिलने की उम्मीद है।
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यह था मामला
आरोप है कि तिलहर थाने में तैनात सिपाही अरुण चित्तौड़िया, पंकज, तुषार और वीरेंद्र ने चार सितंबर की रात मोहल्ला कनूनगोयान निवासी सराफा व्यापारी सुंदरम की बाइक में मादक पदार्थ रखकर उसे झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी थी। इसके बाद बिरियागंज चौकी ले जाकर प्रताड़ित किया और परिवार से दो लाख रुपये लेने के बाद उसे छोड़ दिया था। दूसरे दिन आईजीआरएस पर शिकायत के बाद मामला सामने आया। विभागीय जांच के बाद एसपी सौरभ दीक्षित ने चारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उन्हें निलंबित कर दिया था। पंकज और वीरेंद्र को एंटी करप्शन टीम ने गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था, जहां से दोनों को बरेली जेल भेज दिया गया। सोमवार को पुलिस को दोनों की 14 दिन का रिमांड भी मिल गया, लेकिन अभी उन्हें कस्टडी में नहीं लिया गया है।
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प्रकरण में दो से तीन अन्य व्यक्तियों की भूमिका भी सामने आ रही है। आरोपी सिपाहियों की तलाश में दिल्ली गई टीम संभावित स्थानों पर दबिश दे रही है। जेल गए एक सिपाही का परिचित मुरादाबाद के मझोला थाने में दरोगा है। वह सिपाहियों की मदद तो नहीं कर रहा है, इसको भी दिखवाया जा रहा है। जल्द ही दोनों सिपाही पुलिस की गिरफ्त में होंगे।
- सौरभ दीक्षित, एसपी
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वहीं, दो सिपाहियों की तलाश में एसओजी दिल्ली पहुंच गई है। वहां टीम ने डेरा डालकर उनकी तलाश शुरू कर दी है। सिपाहियों के मोबाइल बंद होने के कारण पुलिस को उनकी लोकेशन तलाशने में दिक्कत आ रही है। दूसरी टीम मेरठ मंडल में उनके घर और रिश्तेदारियों में दबिश दे रही है।
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पुलिस ने चारों सिपाहियों की सीडीआर भी निकलवाई है। घटना के दिन उनसे संपर्क में रहने वालों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। प्रकरण को निपटाने के लिए मध्यस्थता करने वाले एक व्यक्ति की भूमिका भी पुलिस जांच रही है। इसके अलावा व्यापारी को फोन कराने वाले व्यक्ति के बारे में भी पुलिस को जानकारी मिली है।
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हालांकि, अधिकारी जांच पूरी होने से पहले इनके नाम और भूमिका के बारे में कुछ बताने से बच रहे हैं। सीओ जलालाबाद दीपक सिंह ने बताया कि दोनों सिपाहियों का 14 दिन का रिमांड मिल गया है। अभी उन्हें कस्टडी में नहीं लिया गया है। जल्द ही कस्टडी में लेकर पूछताछ की जाएगी।
चौकी की डीवीआर कब्जे में, खंगाली जा रही फुटेज
बिरियागंज चौकी पर लगे सीसी कैमरों की डीवीआर पुलिस ने कब्जे में ले ली है। सीओ विदुष सक्सेना के अनुसार, चौकी क्षेत्र में लगे कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। इससे घटना से जुड़े लोगों की गतिविधियों और सिपाहियों की मौजूदगी के बारे में अहम जानकारी मिलने की उम्मीद है।
यह था मामला
आरोप है कि तिलहर थाने में तैनात सिपाही अरुण चित्तौड़िया, पंकज, तुषार और वीरेंद्र ने चार सितंबर की रात मोहल्ला कनूनगोयान निवासी सराफा व्यापारी सुंदरम की बाइक में मादक पदार्थ रखकर उसे झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी थी। इसके बाद बिरियागंज चौकी ले जाकर प्रताड़ित किया और परिवार से दो लाख रुपये लेने के बाद उसे छोड़ दिया था। दूसरे दिन आईजीआरएस पर शिकायत के बाद मामला सामने आया। विभागीय जांच के बाद एसपी सौरभ दीक्षित ने चारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उन्हें निलंबित कर दिया था। पंकज और वीरेंद्र को एंटी करप्शन टीम ने गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था, जहां से दोनों को बरेली जेल भेज दिया गया। सोमवार को पुलिस को दोनों की 14 दिन का रिमांड भी मिल गया, लेकिन अभी उन्हें कस्टडी में नहीं लिया गया है।
प्रकरण में दो से तीन अन्य व्यक्तियों की भूमिका भी सामने आ रही है। आरोपी सिपाहियों की तलाश में दिल्ली गई टीम संभावित स्थानों पर दबिश दे रही है। जेल गए एक सिपाही का परिचित मुरादाबाद के मझोला थाने में दरोगा है। वह सिपाहियों की मदद तो नहीं कर रहा है, इसको भी दिखवाया जा रहा है। जल्द ही दोनों सिपाही पुलिस की गिरफ्त में होंगे।
- सौरभ दीक्षित, एसपी