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शाही घराने के असलहों की गिनती पूरी
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रामपुर। रामपुर रियासत के आखिरी नवाब रजा अली खां के निजी असलहखाने की सील दोबारा खोलकर अस्त्र-शस्त्रों की गिनती की गई। शाही घराने के लगभग 436 प्रकार के हथियारों का सूची से मिलान किया गया है। इस कार्य के लिए जिला न्यायालय द्वारा नियुक्त एडवोकेट कमिश्नर सर्वे रिपोर्ट अदालत में पेश करेंगे।
रामपुर के अंतिम शासक नवाब रजा अली खां के निजी असलह के सर्वे के लिए सोमवार को डिप्टी कलेक्टर मान सिंह पुंडीर और सीओ सिटी विद्या किशोर शर्मा ने कड़ी सुरक्षा के बीच आरमरी की सील खुलवाई। इससे पहले तीन फरवरी को जब आरमरी खोली गई थी तो असलह के फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए थे और अखबारों में भी छपे थे। इसको लेकर पक्षकारों के बीच विवाद भी हुआ था। इस बार फोटो व वीडियो बाहर न जाए इसके लिए विशेष सतर्कता बरती गई। भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच आरमरी खोले जाने से पहले ही अंदर जाने वालों की सूची तैयार कर ली गई थी। एडवोकेट कमिश्नर मुजम्मिल हुसैन, सौरभ सक्सेना, अरुण प्रकाश सक्सेना, अधिवक्ता हर्ष गुप्ता, संदीप सक्सेना, दानिश कमर, सुयश गुप्ता और शस्त्रों के जानकार राशिद उल्ला खां, आमिर उल्ला खां के अलावा नवाब खानदान के सदस्यों अथवा उनके प्रतिनिधियों को ही अंदर जाने दिया गया। आरमरी सोमवार को सुबह 11.30 बजे खोली गई और अस्त्र-शस्त्रों की गिनती शाम चार बजे तक हुई। इस दौरान आरमरी में रखे गए अंतिम शासक द्वारा विदेशों से मंगवाए गए पिस्टल, बंदूकें रायफल, रिवाल्वर, तलावर, खंजर, भाले और खुखरी की गिनती की गई। जो हथिायर अलमारियों से बाहर निकलें उनसे इंग्लैंड, जापान, अमेरिका और हालैंड में निर्मित थे। कुछ शस्त्र रामपुर मेड भी थे। हथियार लगभग 436 प्रकार के हैं जबकि इनकी संख्या हजारों में हो सकती है। उदाहरण के तौर पर अगर पिस्टल हैं तो वह 50 तरह के और 50 कंपनियों के। रायफल की बात की जाए तो यह भी 150 से अधिक तरह की अलग-अलग कंपनियों की हैं। कुछ हथियार देखरेख के अभाव खराब जरूर हो गए हैं, जबकि ज्यादातर हथियार अच्छी हालत में मिलना बताया जा रहा है। एडवोकेट कमिश्नर ने बताया कि हथियारों की गिनती पूरी हो गई है। इसकी रिपोर्ट न्यायालय के समक्ष पेश की जाएगी। इस मौके पर पूर्व सांसद बेगम नूरबानो, उनकी बेटी सबा दुररेज अहमद, पोते नवाबजादा हैदर अली खां उर्फ हमजा मियां, पूर्व राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद के पौत्र जुलनूर अहमद, नवाब मुर्तजा अली खां की बेटी निगहत आब्दी, बेटे मुराद मियां, पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां के पीआरओ काशिफ खां, शबाब हुसैन, शकेब अब्बास आदि थे।
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रामपुर के अंतिम शासक नवाब रजा अली खां के निजी असलह के सर्वे के लिए सोमवार को डिप्टी कलेक्टर मान सिंह पुंडीर और सीओ सिटी विद्या किशोर शर्मा ने कड़ी सुरक्षा के बीच आरमरी की सील खुलवाई। इससे पहले तीन फरवरी को जब आरमरी खोली गई थी तो असलह के फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए थे और अखबारों में भी छपे थे। इसको लेकर पक्षकारों के बीच विवाद भी हुआ था। इस बार फोटो व वीडियो बाहर न जाए इसके लिए विशेष सतर्कता बरती गई। भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच आरमरी खोले जाने से पहले ही अंदर जाने वालों की सूची तैयार कर ली गई थी। एडवोकेट कमिश्नर मुजम्मिल हुसैन, सौरभ सक्सेना, अरुण प्रकाश सक्सेना, अधिवक्ता हर्ष गुप्ता, संदीप सक्सेना, दानिश कमर, सुयश गुप्ता और शस्त्रों के जानकार राशिद उल्ला खां, आमिर उल्ला खां के अलावा नवाब खानदान के सदस्यों अथवा उनके प्रतिनिधियों को ही अंदर जाने दिया गया। आरमरी सोमवार को सुबह 11.30 बजे खोली गई और अस्त्र-शस्त्रों की गिनती शाम चार बजे तक हुई। इस दौरान आरमरी में रखे गए अंतिम शासक द्वारा विदेशों से मंगवाए गए पिस्टल, बंदूकें रायफल, रिवाल्वर, तलावर, खंजर, भाले और खुखरी की गिनती की गई। जो हथिायर अलमारियों से बाहर निकलें उनसे इंग्लैंड, जापान, अमेरिका और हालैंड में निर्मित थे। कुछ शस्त्र रामपुर मेड भी थे। हथियार लगभग 436 प्रकार के हैं जबकि इनकी संख्या हजारों में हो सकती है। उदाहरण के तौर पर अगर पिस्टल हैं तो वह 50 तरह के और 50 कंपनियों के। रायफल की बात की जाए तो यह भी 150 से अधिक तरह की अलग-अलग कंपनियों की हैं। कुछ हथियार देखरेख के अभाव खराब जरूर हो गए हैं, जबकि ज्यादातर हथियार अच्छी हालत में मिलना बताया जा रहा है। एडवोकेट कमिश्नर ने बताया कि हथियारों की गिनती पूरी हो गई है। इसकी रिपोर्ट न्यायालय के समक्ष पेश की जाएगी। इस मौके पर पूर्व सांसद बेगम नूरबानो, उनकी बेटी सबा दुररेज अहमद, पोते नवाबजादा हैदर अली खां उर्फ हमजा मियां, पूर्व राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद के पौत्र जुलनूर अहमद, नवाब मुर्तजा अली खां की बेटी निगहत आब्दी, बेटे मुराद मियां, पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां के पीआरओ काशिफ खां, शबाब हुसैन, शकेब अब्बास आदि थे।
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