{"_id":"20f4956e7374c114f655dcec138948fe","slug":"clase-in-polytecnic-college-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रधानाचार्य को हटाने की होगी सिफारिश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रधानाचार्य को हटाने की होगी सिफारिश
ब्यूरो/अमर उजाला रामपुर
Updated Thu, 07 Jan 2016 11:47 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पालीटेक्निक कालेज में हुए बवाल के मामले में संयुक्त निदेशक सुरेंद्र प्रसाद ने कालेज प्रशासन की चूक मानी है। उन्होंने कहा कि वो कालेज के प्रधानाचार्य को हटाने की सिफारिश करेंगे। उन्होंने छात्रों और स्टाफ के भी बयान दर्ज किए। हंगामा करने वाले छात्रों को दूसरे कालेज में भेजने की बात कही।
राजकीय पालीटेक्निक कालेज में बुधवार को खेलकूद समारोह के दौरान जमकर बवाल हुआ था। शिक्षक के थप्पड़ मारे जाने से नाराज छात्रों ने तोड़फोड़ की थी, दो बाइकों को फूंक दिया था। कार को भी तोड़ डाला था। गुस्साए छात्रों ने कालेज स्टाफ के परिवार के सदस्यों के साथ अभद्रता की थी। उनके आवासों को घेर लिया था।
मामले की रिपोर्ट पुलिस पहले ही दर्ज कर चुकी है। बुधवार शाम मामले की जानकारी प्रधानाचार्य ने लखनऊ मुख्यालय भेज दी थी। मेरठ मंडल के संयुक्त शिक्षा निदेशक (तकनीकी) सुरेंद्र प्रसाद टीम के साथ गुरुवार को कालेज पहुंचे। उन्होंने कालेज में स्टाफ के साथ मीटिंग की।
विज्ञापन
कालेज के प्रधानाचार्य के साथ ही स्टाफ से घटना पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने पीड़ित स्टाफ खासतौर से महिला शिक्षिकाओं के बयान दर्ज किए। हास्टल में पहुंचकर छात्रों के बयान दर्ज किए। छात्रों ने कालेज प्रशासन की खूब शिकायत की।
सुरेंद्र प्रसाद ने कहा कि घटना कालेज प्रशासन की चूक है। कालेज में हंगामा करने वाले छह छात्रों को दूसरे कालेज मे स्थानांतरित करने की कवायद की जाएगी। वो प्रधानाचार्य दिनेश कुमार को रामपुर से हटाने की सिफारिश करेंगे। जेडी ने चार छात्रों को घटना का प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए कालेज से निष्कासित करने की घोषणा कर दी है।
वहीं, बवाल के बाद दूसरे दिन कालेज में तनावपूर्ण शांति का माहौल रहा। छात्र-छात्राओं की संख्या और दिनों के मुकाबले कम थी। जितने भी छात्र कैंपस में थे वो सहमे हुए थे। छात्रों के साथ ही स्टाफ के चेहरे पर भी दहशत का माहौल था।
बवाल के मामले में गिरफ्तार किए छात्रों के परिजनों ने भी कालेज पहुंचकर जेडी के सामने शिकायत की। उन्होंने कहा कि कालेज प्रशासन उनके बच्चों को गलत ढंग से फंसा रहा है। उन्होंने शिक्षकों के व्यवहार की निंदा की।
विज्ञापन
राजकीय पालीटेक्निक कालेज में बुधवार को खेलकूद समारोह के दौरान जमकर बवाल हुआ था। शिक्षक के थप्पड़ मारे जाने से नाराज छात्रों ने तोड़फोड़ की थी, दो बाइकों को फूंक दिया था। कार को भी तोड़ डाला था। गुस्साए छात्रों ने कालेज स्टाफ के परिवार के सदस्यों के साथ अभद्रता की थी। उनके आवासों को घेर लिया था।
विज्ञापन
मामले की रिपोर्ट पुलिस पहले ही दर्ज कर चुकी है। बुधवार शाम मामले की जानकारी प्रधानाचार्य ने लखनऊ मुख्यालय भेज दी थी। मेरठ मंडल के संयुक्त शिक्षा निदेशक (तकनीकी) सुरेंद्र प्रसाद टीम के साथ गुरुवार को कालेज पहुंचे। उन्होंने कालेज में स्टाफ के साथ मीटिंग की।
विज्ञापन
कालेज के प्रधानाचार्य के साथ ही स्टाफ से घटना पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने पीड़ित स्टाफ खासतौर से महिला शिक्षिकाओं के बयान दर्ज किए। हास्टल में पहुंचकर छात्रों के बयान दर्ज किए। छात्रों ने कालेज प्रशासन की खूब शिकायत की।
सुरेंद्र प्रसाद ने कहा कि घटना कालेज प्रशासन की चूक है। कालेज में हंगामा करने वाले छह छात्रों को दूसरे कालेज मे स्थानांतरित करने की कवायद की जाएगी। वो प्रधानाचार्य दिनेश कुमार को रामपुर से हटाने की सिफारिश करेंगे। जेडी ने चार छात्रों को घटना का प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए कालेज से निष्कासित करने की घोषणा कर दी है।
वहीं, बवाल के बाद दूसरे दिन कालेज में तनावपूर्ण शांति का माहौल रहा। छात्र-छात्राओं की संख्या और दिनों के मुकाबले कम थी। जितने भी छात्र कैंपस में थे वो सहमे हुए थे। छात्रों के साथ ही स्टाफ के चेहरे पर भी दहशत का माहौल था।
बवाल के मामले में गिरफ्तार किए छात्रों के परिजनों ने भी कालेज पहुंचकर जेडी के सामने शिकायत की। उन्होंने कहा कि कालेज प्रशासन उनके बच्चों को गलत ढंग से फंसा रहा है। उन्होंने शिक्षकों के व्यवहार की निंदा की।