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Rampur News: सब्जी के बजट को चट कर रही चटनी
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रामपुर/शाहबाद। बरसात के मौसम में चटनी के साथ पकौड़ी खाना हर कोई पसंद करता है, लेकिन भारी बारिश के बाद सब्जियों पर पड़ी महंगाई की मार से चटनी बनाने में ही सब्जी का बजट खत्म हो रहा है। 15 दिन पहले 20 रुपये प्रति किलो बिकने वाला टमाटर अब 80 रुपये प्रति किलो मिल रहा है। वहीं चटनी में पड़ने वाला धनिया और मिर्च 200 रुपये प्रति किलो है। ऐसे में गृहिणियों का बजट बिगड़ गया है।
बारिश के बाद कम आपूर्ति और खेतों में पानी भरने से सब्जियों के दाम आसमान छूने लगे हैं। सब्जियां महंगी होने से गृहिणयों का बजट बिगड़ गया है। इससे मध्यम वर्ग के लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। सभी सब्जियों में इस्तेमाल होने वाला आलू भी फुटकर में 40 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिक रहा है। होटलों और रेस्टोरेंट में हरे धनिया और टमाटर का इस्तेमाल कर हो गया है।
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सलाद से गायब हुआ टमाटर और खीरा
महंगाई के चलते होटलों और ढाबों से सलाद में खीरा और टमाटर गायब हो गया है। टमाटर जहां 80 रुपये प्रति किलो बिक रहा है तो वहीं खीरा भी 50 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। महंगाई लोगों के खाने का स्वाद बिगाड़ रही है।
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बोली महिलाएं-- --
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महंगाई से रसोई का बजट बिगड़ा हुआ है, सिलिंडर पहले ही महंगा चल रहा है। ऐसे में बारिश के बाद सब्जियों पर भी आफत आ गई है। इसमें राहत मिलनी चाहिए। - सोनल अग्रवाल, निवासी गंज मोहल्ला
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बारिश के बाद सब्जियों के दाम बहुत ज्यादा हो गए हैं। हर कोई मंडी नहीं जा सकता है, ऐसे में फुटकर के भाव दो से तीन गुना हैं। इस पर लगाम लगनी चाहिए। - बबिता रस्तोगी, निवासी गंज मोहल्ला
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रसोई में सबसे ज्यादा काम में आने वाला आलू, धनिया और टमाटर होता है, लेकिन यह तीनों सब्जी काफी महंगी हैं। 15 दिन के अंदर ही सब्जियां काफी महंगी हो गई हैं। इससे रसोई का बजट बिगड़ गया है।
- उर्फी खान, निवासी शाहबाद
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सब्जियों के फुटकर भाव
सब्जी रुपये प्रति किलो
आलू 30
प्याज 40
लहसुन 300
लौकी 40
गोभी 60
पत्ता गोभी 40
खीरा 50
बैंगन 40
टमाटर 80
हरा धनिया 200
हरी मिर्च 200
अरवी 60
तोरई 50
कटहल 40
नींबू 160
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बारिश के बाद कम आपूर्ति और खेतों में पानी भरने से सब्जियों के दाम आसमान छूने लगे हैं। सब्जियां महंगी होने से गृहिणयों का बजट बिगड़ गया है। इससे मध्यम वर्ग के लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। सभी सब्जियों में इस्तेमाल होने वाला आलू भी फुटकर में 40 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिक रहा है। होटलों और रेस्टोरेंट में हरे धनिया और टमाटर का इस्तेमाल कर हो गया है।
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सलाद से गायब हुआ टमाटर और खीरा
महंगाई के चलते होटलों और ढाबों से सलाद में खीरा और टमाटर गायब हो गया है। टमाटर जहां 80 रुपये प्रति किलो बिक रहा है तो वहीं खीरा भी 50 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। महंगाई लोगों के खाने का स्वाद बिगाड़ रही है।
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बोली महिलाएं
महंगाई से रसोई का बजट बिगड़ा हुआ है, सिलिंडर पहले ही महंगा चल रहा है। ऐसे में बारिश के बाद सब्जियों पर भी आफत आ गई है। इसमें राहत मिलनी चाहिए। - सोनल अग्रवाल, निवासी गंज मोहल्ला
बारिश के बाद सब्जियों के दाम बहुत ज्यादा हो गए हैं। हर कोई मंडी नहीं जा सकता है, ऐसे में फुटकर के भाव दो से तीन गुना हैं। इस पर लगाम लगनी चाहिए। - बबिता रस्तोगी, निवासी गंज मोहल्ला
रसोई में सबसे ज्यादा काम में आने वाला आलू, धनिया और टमाटर होता है, लेकिन यह तीनों सब्जी काफी महंगी हैं। 15 दिन के अंदर ही सब्जियां काफी महंगी हो गई हैं। इससे रसोई का बजट बिगड़ गया है।
- उर्फी खान, निवासी शाहबाद
सब्जियों के फुटकर भाव
सब्जी रुपये प्रति किलो
आलू 30
प्याज 40
लहसुन 300
लौकी 40
गोभी 60
पत्ता गोभी 40
खीरा 50
बैंगन 40
टमाटर 80
हरा धनिया 200
हरी मिर्च 200
अरवी 60
तोरई 50
कटहल 40
नींबू 160