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भाकियू असली की पंचायत में पहुंचे राष्ट्रीय अध्यक्ष
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रामपुर। भारतीय किसान यूनियन असली की पंचायत जिला सहकारी बैंक सभागार में हुई। जिसमें संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह ने भी शिरकत की। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा पारित किए गए कृषि कानून को किसान विरोधी बताते हुए इसकी वापसी की मांग के साथ 5 नवंबर को हाईवे जाम करने का एलान किया।
राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीनों कानून किसान विरोधी हैं। इनकी आड़ में उद्योगपति किसानों का शोषण करेंगे। केंद्र सरकार ने इन कानूनों में किसानों की आमदनी को सुनिश्चित करने का कोई उपाय नहीं किया है। जिससे किसानों की फसल सस्ते दामों पर ही खरीद लिए जाने का अंदेशा पैदा हो गया है। इसलिए केंद्र सरकार से किसानों की यह मांग है कि डॉक्टर स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार सीटू फार्मूले में 50 फीसदी मुनाफा जोड़कर फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय हो। इस न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरकार सभी फसलों की खरीदारी सुनिश्चित करें। इससे नीचे खरीदारी करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की व्यवस्था हो। उन्होंने कहा कि इस मांग को लेकर 5 नवंबर को समूचे देश में चक्का जाम होगा जिसके तहत रामपुर में भी भाकियू असली के कार्यकर्ता दिल्ली-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम करेंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं को इस संबंध में महत्त्वपूर्ण दिशा निर्देश भी दिए।
राष्ट्रीय महासचिव चौधरी महक सिंह ने कहा पराली जलाने पर हो रहे मुकदमों, सिंचाई के लिए विद्युत नलकूप की बिजली दरों आदि के मुद्दों को उठाया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में सिंचाई केलिए नलकूप के कानून देश में सर्वाधिक हैं, जो कि गलत है। कहा कि उत्तर प्रदेश में भी पंजाब-हरियाणा की तरह उत्तर प्रदेश के किसानों को भी सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली मिलनी चाहिए। तेलंगाना और छत्तीसगढ़ राज्यों की तरह उत्तर प्रदेश के किसानों को भी सीधे दस हजार रुपये प्रति एकड़ नकद सहायता राज्य सरकार की तरफ से मिलना चाहिए।
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इस दौरान कार्यवाहक जिला अध्यक्ष बाबू अली को पूर्णकालिक जिलाध्यक्ष भी घोषित किया गया। पंचायत में प्रदेश युवा प्रभारी ऋषभ चौधरी, युवा जिला अध्यक्ष प्रेमपाल सिंह यादव, जिला प्रभारी राम प्रकाश शर्मा, अमरपाल सिंह, अनूप मिश्रा, कौशल मिश्रा, रामेश्वरी देवी, फहीमुद्दीन, खलील अहमद, अकरम खान, मोहन सिंह, लाल सिंह आदि मौजूद रहे।
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राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीनों कानून किसान विरोधी हैं। इनकी आड़ में उद्योगपति किसानों का शोषण करेंगे। केंद्र सरकार ने इन कानूनों में किसानों की आमदनी को सुनिश्चित करने का कोई उपाय नहीं किया है। जिससे किसानों की फसल सस्ते दामों पर ही खरीद लिए जाने का अंदेशा पैदा हो गया है। इसलिए केंद्र सरकार से किसानों की यह मांग है कि डॉक्टर स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार सीटू फार्मूले में 50 फीसदी मुनाफा जोड़कर फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय हो। इस न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरकार सभी फसलों की खरीदारी सुनिश्चित करें। इससे नीचे खरीदारी करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की व्यवस्था हो। उन्होंने कहा कि इस मांग को लेकर 5 नवंबर को समूचे देश में चक्का जाम होगा जिसके तहत रामपुर में भी भाकियू असली के कार्यकर्ता दिल्ली-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम करेंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं को इस संबंध में महत्त्वपूर्ण दिशा निर्देश भी दिए।
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राष्ट्रीय महासचिव चौधरी महक सिंह ने कहा पराली जलाने पर हो रहे मुकदमों, सिंचाई के लिए विद्युत नलकूप की बिजली दरों आदि के मुद्दों को उठाया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में सिंचाई केलिए नलकूप के कानून देश में सर्वाधिक हैं, जो कि गलत है। कहा कि उत्तर प्रदेश में भी पंजाब-हरियाणा की तरह उत्तर प्रदेश के किसानों को भी सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली मिलनी चाहिए। तेलंगाना और छत्तीसगढ़ राज्यों की तरह उत्तर प्रदेश के किसानों को भी सीधे दस हजार रुपये प्रति एकड़ नकद सहायता राज्य सरकार की तरफ से मिलना चाहिए।
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इस दौरान कार्यवाहक जिला अध्यक्ष बाबू अली को पूर्णकालिक जिलाध्यक्ष भी घोषित किया गया। पंचायत में प्रदेश युवा प्रभारी ऋषभ चौधरी, युवा जिला अध्यक्ष प्रेमपाल सिंह यादव, जिला प्रभारी राम प्रकाश शर्मा, अमरपाल सिंह, अनूप मिश्रा, कौशल मिश्रा, रामेश्वरी देवी, फहीमुद्दीन, खलील अहमद, अकरम खान, मोहन सिंह, लाल सिंह आदि मौजूद रहे।