मलबे में दबकर रह गईं सुशांत की चीखें: सीएचसी की चाहरदीवारी गिरी, बच्चे की दबकर मौत, दस साल पहले बनी थी दीवार
खेल-खेल के दौरान अचानक सामुदायिक केंद्र की जर्जर चाहरदीवारी गिर गई। जिसके नीचे सुशांत दब गया। बच्चों की चीख पुकार सुनकर गांव के तमाम लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे और बच्चे को मलबे से बाहर निकाला।
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रामपुर के बिलासपुर कोतवाली क्षेत्र के उत्तराखंड सीमा से सटे चंदेला गांव में गुरुवार शाम सामुदायिक केंद्र की चाहरदीवारी की जर्जर दीवार अचानक भरभरा कर गिर गई। दीवार की चपेट में आकर गांव के ही साइकिल मिस्त्री के बेटे सुशांत (10) की मौत हो गई। एसडीएम ने मामले की जांच के निर्देश खंड विकास अधिकारी को दिए हैं।
घटना गुरुवार शाम करीब 4:30 बजे कोतवाली क्षेत्र के उत्तराखंड सीमा से सटे गांव चंदेला की है। ग्राम निवासी निर्दोष कुमार सिंह गांव में ही साइकिल मरम्मत का कार्य करते हैं। निर्दोष कुमार के अनुसार वह गुरुवार की शाम दुकान पर काम कर रहे थे। उनका बेटा सुशांत गिरोह (10) गांव के ही अन्य बच्चों के साथ गांव के बाहर पूरब दिशा में सामुदायिक केंद्र के मैदान में खेल रहा था। खेल-खेल के दौरान अचानक सामुदायिक केंद्र की जर्जर चाहरदीवारी गिर गई। जिसके नीचे सुशांत दब गया। बच्चों की चीख पुकार सुनकर गांव के तमाम लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों ने मलबे को हटाकर बच्चे को लहूलुहान हालत में दीवार के मलबे से बाहर निकाला।
सूचना पाकर छात्र के पिता निर्दोष कुमार सिंह, माता सीमा भी तमाम लोगों के साथ मौके पर पहुंच गईं और वह छात्र को नगर के एक निजी चिकित्सालय लेकर आए, लेकिन चिकित्सक ने बच्चे की हालत को गंभीर बताते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों ने छात्रों को मृत घोषित कर दिया। सीएचसी चिकित्सा अधीक्षक डाक्टर अजीज हसन अंसारी ने तत्काल छात्र की मौत होने का मेमो कोतवाली भेज दिया।
सूचना पाकर कोतवाली प्रभारी सत्येंद्र सिंह भी अस्पताल पहुंच गए और उन्होंने शव को कब्जे में कर लिया। सूचना पाकर एसडीएम मयंक गोस्वामी ने खंड विकास अधिकारी राजेश कुमार को तत्काल गांव भेजकर मामले की जांच करने के निर्देश दिए हैं। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि अभी कोई तहरीर नहीं आई है। तहरीर आने पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
करीब दस साल पहले बना था सामुदायिक केंद्र
ग्राम चंदेला निवासी छात्र सुशांत गिरोह की गांव के ही सामुदायिक केंद्र की चारदीवारी के नीचे दबकर हुई मौत के बाद मौके पर मौजूद लोगों में चर्चा थी कि सामुदायिक केंद्र करीब दस साल पहले अंबेडकर योजना के तहत बना था। जिसकी चारदीवारी बेहद जर्जर हालत में थी और वह मामले की शिकायत कई मर्तबा खंड विकास कार्यालय में कर चुके थे। लेकिन किसी ने भी जर्जर दीवार की मरम्मत कराने की सुध नहीं ली थी।
सबका लाड़ला था सुशांत
सुशांत के पिता निर्दोष कुमार सिंह व माता सीमा ने रोते हुए बताया कि उनके दो पुत्र और दो पुत्रियां हैं। जिसमें सुशांत दूसरे नंबर पर था और सभी का लाडला था तथा पढ़ाई करने में भी होशियार था।
मामले की जा रही है जांच
खंड विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि चंदेला गांव के सामुदायिक केंद्र की दीवार गिरने का मामला उनके संज्ञान में आया है और वह मामले की जांच करने गांव जा रहे हैं। उनका कहना है कि जांच के उपरांत ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।