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बांग्लादेशी के जन्म प्रमाण पत्र की कुंडली खंगालने नगर पंचायत पहुंची पुलिस

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 10 Jan 2022 11:57 PM IST
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birth ceretifacate issue of young of bangladesh
शाहबाद (रामपुर)। नागरिकता छुपाकर और फर्जी दस्तावेजों के साथ रह रहे बांग्लादेशी युवक देवाशीष का नगर पंचायत शाहबाद से जन्म प्रमाणपत्र भी जारी किया गया था। इस जन्म प्रमाणपत्र की सोमवार को पुलिस ने जांच की तो कई अनियमितताएं भी सामने आईं।
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पुलिस ने 13 दिसंबर को सिरौली में झोलाछाप की तरह काम कर रहे और पूर्व में शाहबाद नगर में रहे एक बांग्लादेशी युवक देवाशीष को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने देवाशीष से भारतीय पासपोर्ट, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, बैंक खाता तक के दस्तावेज जब्त किए थे। ये सब भारतीय दस्तावेज देवाशीष ने बांग्लादेशी नागरिक होने के बावजूद बनवाए थे।
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देवाशीष के फर्जी पासपोर्ट व अन्य दस्तावेजों का खुलासा तब हुआ जब वो 23 अक्तूबर 2021 को सड़क मार्ग से बांग्लादेश जा रहा था। इस दौरान हरिदासपुर स्थित इंडियन कस्टम की चेकिंग पोस्ट पर उसके दस्तावेजों की जांच के दौरान कर्मियों को उसके पासपोर्ट पर शक हुआ था। इसके बाद कर्मियों ने बरेली पासपोर्ट आफिस को वेरीफिकेशन के लिए भेजा था।
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वहां से पासपोर्ट जांच के लिए शाहबाद पुलिस के पास आया। पुलिस जांच में देवाशीष के बांग्लादेश से वीजा पर भारत आने और फिर वापस न जाने का खुलासा हुआ था। देवाशीष पर बांग्लादेश का पासपोर्ट था, जिस पर वीजा के आधार पर वह भारत के कोलकाता आया था। तीन माह के वीजा के समाप्त होने के बाद साल 2013 में वह शाहबाद आकर रहने लगा था। यहां से वो साल 2017 में बरेली के सिरौली चला गया था।
तभी से पुलिस विभिन्न तथ्यों के आधार पर जांच पड़ताल कर रही थी। सोमवार को विवेचक आरके त्रिपाठी शाहबाद नगर पंचायत द्वारा 7 जुलाई 2015 को जारी किए गए देवाशीष के जन्म प्रमाणपत्र के सिलसिले में नगर पंचायत पहुंचे। पुलिस द्वारा जन्म प्रमाणपत्र जारी करने के मामले में अभिलेख मांगे गए। जिसमें नगर पंचायत कर्मचारियों के पसीने छूट गए। ज्ञात रहे कि शाहबाद नगर पंचायत द्वारा जारी किए गए प्रमाणपत्र में पत्रांक संख्या 362 दर्ज की हुई है। जबकि, अभिलेख जब देखे गए तो उसमें 363 पत्रांक संख्या अंकित की गई थी।
साथ ही रजिस्टर के अंदर सफेदा लगाकर कुछ नंबरों को ऊपर नीचे भी किया गया है। पुलिस द्वारा अभिलेख देखने पर रजिस्टर के अंदर बांग्लादेशी देवाशीष के नाम के सामने प्राप्तकर्ता और गवाह के नाम व पते वाला पूरा कॉलम खाली पाया गया। जबकि रजिस्टर में अन्य जन्म प्रमाणपत्र जारी करने वालों के कॉलम में प्राप्तकर्ता और गवाह के पता और नाम अंकित किया हुआ था। उस दौरान नवागत अधिशासी अधिकारी शैलेंद्र सिंह ने अभिलेखों को देखकर कर्मचारियों की जमकर फटकार लगा दी।

फिलहाल देर शाम तक नगर पंचायत द्वारा किस आधार पर जन्म प्रमाणपत्र जारी किया गया था, उसका कोई भी प्रमाण कर्मचारी पुलिस के सामने प्रस्तुत नहीं कर सके। जन्म प्रमाणपत्र किस आधार पर जारी किया गया है, पुलिस इसकी तह तक पहुंचने में लगी हुई है।
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