{"_id":"6a19f93d00eb8414390d3a03","slug":"bashir-badr-had-last-performed-at-the-rampur-exhibition-twenty-years-ago-rampur-news-c-282-1-rmp1004-172128-2026-05-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rampur News: बीस साल पहले रामपुर नुमाइश में कार्यक्रम के लिए आखिरी बार आए थे बशीर बद्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rampur News: बीस साल पहले रामपुर नुमाइश में कार्यक्रम के लिए आखिरी बार आए थे बशीर बद्र
विज्ञापन
रामपुर। उर्दू अदब की दुनिया के मशहूर शायर बशीर बद्र के निधन की खबर से साहित्य प्रेमियों और शायरी के चाहने वालों में गहरा दुख है। रामपुर से भी उनकी कई यादें जुड़ी हुई हैं। उन्होंने शहर के नुमाइश मैदान, किला मैदान समेत कई बड़े आयोजनों में अपनी शायरी पेश कर लोगों के दिलों में खास जगह बनाई थी। उनके निधन के बाद अब रामपुर में उनके प्रशंसक और साथी शायर उन्हें याद कर भावुक हो रहे हैं।
मशहूर शायर बशीर बद्र की यादें रामपुर से जुड़ी हुई हैं। उनके साथी एवं मशहूर शायर अजहर इनायती बताते हैं कि
करीब बीस साल पहले रामपुर के नुमाइश मैदान में आयोजित एक बड़े मुशायरे में बशीर बद्र ने अपनी गजलें और शेर पेश किए थे। उस दौरान हजारों श्रोता देर रात तक उनकी शायरी सुनते रहे। उनकी सादगी भरी अदायगी और दिल को छू लेने वाले अशआर ने हर किसी को मंत्रमुग्ध कर दिया था। इसके अलावा उन्होंने किला मैदान और शहर के अन्य साहित्यिक आयोजनों में भी शिरकत की थी।
उनके मुशायरों को सुनने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंचते थे। रामपुर के मशहूर शायर अजहर इनायती ने बशीर बद्र को याद करते हुए कहा कि वह केवल बड़े शायर ही नहीं बल्कि बेहद नेकदिल इंसान भी थे। उन्होंने बताया कि बशीर बद्र जब भी रामपुर आते थे तो अपने साथियों और चाहने वालों से बेहद आत्मीयता के साथ मिलते थे। उनकी बातचीत में अपनापन झलकता था।
विज्ञापन
अजहर इनायती ने कहा कि उनके जाने से साहित्य जगत को अपूर्णनीय क्षति हुई है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है। उनका कहना है कि बशीर बद्र की शायरी हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेगी। उनकी गजलें मोहब्बत, इंसानियत और जिंदगी की सच्चाइयों को बेहद सरल शब्दों में बयां करती थीं। उनके कई मशहूर शेर आज भी लोगों की जुबान पर रहते हैं। सोशल मीडिया पर भी उनके चाहने वाले उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं और उनके साथ बिताए पलों को याद कर रहे हैं। वह बताते हैं कि बशीर बद्र की शायरी की खास बात यह थी कि वह आम आदमी की भावनाओं को बेहद खूबसूरती से पेश करते थे। यही वजह रही कि हर वर्ग के लोग उनकी गजलों से खुद को जुड़ा हुआ महसूस करते थे। रामपुर में भी उनकी लोकप्रियता काफी अधिक थी। उनके निधन से शहर के साहित्यिक माहौल में शोक की लहर है और लोग उन्हें नम आंखों से याद कर रहे हैं।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- --
विज्ञापन
मशहूर शायर बशीर बद्र की यादें रामपुर से जुड़ी हुई हैं। उनके साथी एवं मशहूर शायर अजहर इनायती बताते हैं कि
करीब बीस साल पहले रामपुर के नुमाइश मैदान में आयोजित एक बड़े मुशायरे में बशीर बद्र ने अपनी गजलें और शेर पेश किए थे। उस दौरान हजारों श्रोता देर रात तक उनकी शायरी सुनते रहे। उनकी सादगी भरी अदायगी और दिल को छू लेने वाले अशआर ने हर किसी को मंत्रमुग्ध कर दिया था। इसके अलावा उन्होंने किला मैदान और शहर के अन्य साहित्यिक आयोजनों में भी शिरकत की थी।
विज्ञापन
उनके मुशायरों को सुनने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंचते थे। रामपुर के मशहूर शायर अजहर इनायती ने बशीर बद्र को याद करते हुए कहा कि वह केवल बड़े शायर ही नहीं बल्कि बेहद नेकदिल इंसान भी थे। उन्होंने बताया कि बशीर बद्र जब भी रामपुर आते थे तो अपने साथियों और चाहने वालों से बेहद आत्मीयता के साथ मिलते थे। उनकी बातचीत में अपनापन झलकता था।
विज्ञापन
अजहर इनायती ने कहा कि उनके जाने से साहित्य जगत को अपूर्णनीय क्षति हुई है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है। उनका कहना है कि बशीर बद्र की शायरी हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेगी। उनकी गजलें मोहब्बत, इंसानियत और जिंदगी की सच्चाइयों को बेहद सरल शब्दों में बयां करती थीं। उनके कई मशहूर शेर आज भी लोगों की जुबान पर रहते हैं। सोशल मीडिया पर भी उनके चाहने वाले उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं और उनके साथ बिताए पलों को याद कर रहे हैं। वह बताते हैं कि बशीर बद्र की शायरी की खास बात यह थी कि वह आम आदमी की भावनाओं को बेहद खूबसूरती से पेश करते थे। यही वजह रही कि हर वर्ग के लोग उनकी गजलों से खुद को जुड़ा हुआ महसूस करते थे। रामपुर में भी उनकी लोकप्रियता काफी अधिक थी। उनके निधन से शहर के साहित्यिक माहौल में शोक की लहर है और लोग उन्हें नम आंखों से याद कर रहे हैं।