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रामपुर: आजम खां के करीबी यूसुफ मलिक को कोर्ट से मिली राहत, जमानत मंजूर, चार अप्रैल को किया था समर्पण
Fri, 15 Apr 2022 05:56 PM IST
प्रशांत कुमार
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर।
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Fri, 15 Apr 2022 05:56 PM IST
सार
बचाव पक्ष के अधिवक्ता नासिर सुल्तान ने बताया कि कोर्ट ने यूसुफ मलिक की जमानत मंजूर कर ली है। साथ ही कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि आरोपी 70-70 हजार के दो जमानती और इतनी ही धनराशि का मुचलका दाखिल करने पर जमानत पर रिहा किया जाए।
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यूसुफ मलिक
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
सपा नेता आजम खां के करीबी मुरादाबाद के यूसुफ मलिक को कोर्ट से राहत मिल गई है। कोर्ट ने उनके खिलाफ अजीमनगर थाने में किसान को बंधक बनाकर जानलेवा हमले के आरोप के मुकदमे में जमानत मंजूर कर ली है। यूसुफ मलिक ने चार अप्रैल को कोर्ट में सरेंडर किया था, जिसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया था।
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24 नवंबर 2019 को आलियागंज के किसान बंदे अली ने अजीमनगर थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि मुरादाबाद निवासी सपा नेता यूसुफ मलिक ने अपने कुछ अज्ञात साथियों के साथ मिलकर उन्हें बंधक बना लिया। जान से मारने की नीयत से जानलेवा हमला किया था। साथ ही जान से मारने की धमकी दी गई थी। पुलिस ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। जिसके बाद यूसुफ मलिक के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई थी।
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चार अप्रैल को यूसुफ मलिक ने पुलिस को चमका देते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शमीम अहमद अंसारी की कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया था। इसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया था। जेल में बंद सपा नेता यूसुफ मलिक ने जिला जज की कोर्ट में जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल किया। जिस पर शुक्रवार को कोर्ट में सुनवाई हुई।
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अभियोजन की ओर से जमानत का विरोध किया गया जबकि बचाव पक्ष के अधिवक्ता नासिर सुल्तान ने दलील दी कि आरोपी को झूठा फंसाया गया है। कहा कि घटना का कोई साक्षी नहीं है, लिहाजा जमानत मंजूर की जाए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद प्रभारी जिला जज नीलू मोघा ने यूसुफ मलिक की जमानत मंजूर कर दी।