Azam Khan Home Returns: उमड़ा समर्थकों का हुजूम, 30 किमी की दूरी तय करने में लगे ढाई घंटे, पुत्रवधू बोली- हमारे लिए आज ईद
दो साल दो माह और 24 दिन बाद जेल से रिहा हुए सपा नेता आजम खां को रामपुर की सीमा में प्रवेश करने के बाद अपने घर तक पहुंचने में करीब ढाई घंटे का समय लग गया। मिलक सीमा से उनके घर तक की करीब तीस किलोमीटर की दूरी के दौरान करीब आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर उनका स्वागत किया गया। जिस कारण उन्हें ये तीस किलोमीटर का सफर तय करने में ढाई घंटे का समय लग गया।
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आजम खां करीब पौने दो बजे मिलक पहुंचे। यहां पर नगर पालिकाध्यक्ष केतकी गंगवार और बिलासपुर से विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी अमरजीत सिंह समेत अन्य कार्यकर्ताओं व समर्थकों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद वो धमोरा पहुंचे, जहां पर सपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र गोयल ने कार्यकर्ताओं संग उनका स्वागत किया। धमोरा से करीब दो बजे आजम खां का काफिला निकला इसके बाद करीब सवा दो बजे वो दुर्गनगला बाईपास पर पहुंचे जहां पर काफिले में सीमित गाड़ियां लेकर शहर के अंदर जाने की बात कहते हुए पुलिस ने उनका काफिला रोक लिया। यहां पर करीब 15 मिनट तक पुलिस व आजम खां समर्थकों/कार्यकर्ताओं की पुलिस से नोकझोंक हुई। जिसके बाद काफिला आगे बढ़ा। करीब ढाई बजे फैजुल्लानगर पहुंचे, जहां पर कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। इसके बाद 2:40 बजे करीब मालगोदाम तिराहे पर उनका काफिला पहुंचा, 2:50 बजे काफिला आंबेडकर पार्क पहुंचा और तीन बजे गांधी समाधि पर पहुंचा। इस दौरान मालगोदाम के निकट, आंबेडकर पार्क पर, स्वार रोड पर जिविनि कार्यालय से आगे और मुमताज पार्क पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। साढ़े तीन बजे करीब आजम खां का काफिला उनके घर के निकट मुमताज पार्क के सामने पहुंचा जहां पर कार्यकर्ताओं और समर्थकों का हुजूम मौजूद था। यहां पर आजम खां ने कार्यकर्ता और समर्थकों से करीब दस मिनट तक बात भी की। इसके बाद करीब 4:20 बजे आजम खां घर के अंदर पहुंचे।
आजम खां के शुक्रवार को जेल से जमानत पर रिहा होने पर उनकी पुत्रवधू सिदरा अदीब ने भी खुशी का इजहार किया। उन्होंने कहा कि हमारे लिए तो ये दिन ईद का दिन है। आजम खां के बड़े बेटे अदीब आजम की पत्नी सिदरा अदीब ने शुक्रवार को सीतापुर जेल से आजम खां के रिहा होने के बाद बयान दिया। जिसमें उन्होंने कहा कि आजम खां करीब 27 माह बाद जेल से रिहा हो रहे हैं, आज का दिन उनके लिए ईद का दिन है। 27 माह बाद आजम खां हमारे साथ होंगे, कहा कि लोगों में खुशी है, लोग इस्तकबाल के लिए खड़े हैं।
अखिलेश यादव के आजम खां की रिहाई के वक्त न पहुंचने के सवाल पर कहा कि कोई बात नहीं फिर कभी सही। कहा कि वालिद साहब आ जाएं, कहा कि ये दो साल से अधिक समय बहुत मुश्किल भरा रहा। दो ईद, रमजान सभी त्योहार उनके बिना निकल गए। त्योहारों में कोई रौनक नहीं थी, कहा कि हर त्योहार की रौनक, शानो-शौकत और इज्जत उनसे ही है। सब बेकरार हैं उनसे गले लगने को। कहा कि त्योहार ही नहीं कोई पल ऐसा नहीं गुजरा जब उनकी याद या ख्याल न रहा हो। विधानसभा चुनाव में जो रामपुर वालों ने मोहब्बत दी, उससे उन्होंने अपनी भावनाओं का इजहार किया। वो परिवार के बड़े हैं, रामपुर के बड़े हैं।
दो साल से अधिक समय के बाद मेरी बेटियां अपने दादाजी से मिलेंगी
आजम खां की पुत्र वधू सिदरा अदीब ने कहा कि दो साल से अधिक समय से उनकी बेटियां अपने दादाजी से नहीं मिल पाई हैं, और अब वो उनके साथ समय बिता पाएंगी। कहा कि जब वालिद साहब (आजम खां), अब्दुल्ला साहब और वालिदा (डॉ. तजीन फात्मा) ने कोर्ट में सरेंडर किया था और उसके बाद सीतापुर जेल भेजे गए थे। उसके बाद वो अपने पति और बेटियों के साथ सीतापुर गई थीं, तब से उनकी बेटियों की मुलाकात आजम खां साहब से नहीं हो पाई है।