Azam Khan News: जेल से हुए रिहा हुए सपा नेता आजम खां, घर के बाहर सन्नाटा, रामपुर में पुलिस-प्रशासन अलर्ट
सपा नेता आजम खां की रिहाई की सूचना के बाद रामपुर पुलिस-प्रशासन अलर्ट हो गया है। एलआईयू और अन्य टीमें उनके घर व करीबियों पर नजर रख रही हैं। आजम खां 23 माह से सीतापुर जेल में बंद थे। उन पर कुल 104 मामले दर्ज हुए थे।
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रामपुर में आजम खां की रिहाई के बाद रामपुर में पुलिस-प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। शाम चार बजे तक सपा नेता के रामपुर पहुंचने की उम्मीद है। इससे पहले सपा नेता आजम खां को लेने पहुंचे कार्यकर्ताओं की 15 गाड़ियों का सीतापुर पुलिस ने चालान कर दिया। समर्थकों का कहना था कि पुलिस ने सभी वाहनों का गलत तरीके से चालान काटा है।
इस कार्रवाई से सपाइयों में आक्रोश है। सपा नेता आजम खां को मंगलवार दोपहर बाद सीतापुर जेल से रिहा कर दिया गया। रिहाई के समय जेल परिसर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात रही। आजम खां जेल से दो गाड़ियों के काफिले के साथ बाहर निकले। उन्हें लेने के लिए रामपुर से पुत्र अदीब, अब्दुल्ला आजम समेत अन्य लोग गए हैं।
आजम से जुड़े लोगों ने बताया कि रिहाई के बाद वह कुछ समय सीतापुर के एक नेता के आवास पर रुकेंगे। इसके बाद रामपुर के लिए रवाना होंगे। एसपी विद्यासागर ने चौकसी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। पुलिस टीमें उनके घर और करीबियों पर नजर बनाए हुए हैं। इस बीच, उनके घर के बाहर सन्नाटा है और केवल पत्नी डॉ. तजीन फात्मा ही मौजूद हैं।
आजम खां पर 104 मामले दर्ज
सीतापुर की जेल में आजम खां 23 माह से बंद हैं। उन पर 104 मामले दर्ज थे, जिनमें 12 में फैसला सुनाया जा चुका है। इनमें पांच में सजा और सात में बरी कर दिया गया है। सूत्रों के अनुसार मौजूदा समय में 59 मामले सेशन कोर्ट, जबकि 19 मामले मजिस्ट्रेट कोर्ट में चल रहे हैं।
भाजपा सरकार में सपा नेता आजम खां पर 104 मामले दर्ज हुए थे। दो जन्म प्रमाण पत्र मामले में सजा मिलने के बाद सपा नेता आजम खां 18 अक्तूबर 2023 को जेल गए थे। उनके साथ उनकी पत्नी डाॅ. तजीन फात्मा और बेटे अब्दुल्ला आजम भी गए थे।
आठ माह बाद पत्नी तजीन फात्मा और 17 माह बाद बेटा अब्दुल्ला आजम जमानत मिलने पर जेल से बाहर आए थे। पिछले दिनों सपा नेता आजम खां को 23 माह बाद हाईकोर्ट से राहत मिली है।
हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद रामपुर पुलिस ने रिकॉर्ड रूम से जुड़े शत्रु संपत्ति के मामले में पुलिस ने तीन धाराओं को बढ़ा दिया, जिसका कोर्ट ने संज्ञान ले लिया था और 20 अक्तूबर को मामले में सुनवाई की थी।
इस दौरान बचाव पक्ष की ओर से दलील दी गई कि जो धाराएं बढ़ाई गईं हैं, उनके खिलाफ वह सुप्रीम कोर्ट जा चुके हैं। इसलिए इन धाराओं में वारंट न बनाए जाएं। इसके बाद रामपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट में सपा नेता आजम खां को एक अक्तूबर को व्यक्तिगत रूप से तलब कर लिया है।