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Rampur News: शत्रु संपत्ति मामले में बढ़ी धाराओं में आजम खां को जमानत

Tue, 12 May 2026 01:45 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर Updated Tue, 12 May 2026 01:45 AM IST
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Azam Khan gets bail under stringent sections in the enemy property case
रामपुर। शत्रु संपत्ति के मुकदमे में तीन धाराएं बढ़ाए जाने के मामले में सपा नेता आजम खां को एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट से राहत मिल गई है। कोर्ट ने सुनवाई के बाद उनकी जमानत याचिका मंजूर कर ली। हालांकि इसके बावजूद आजम खां जेल में ही रहेंगे।
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शत्रु संपत्ति का यह मामला सिविल लाइंस थाने में दर्ज है। कलक्ट्रेट के रिकॉर्ड रूम के सहायक अभिलेखपाल मोहम्मद फरीद की ओर से नौ मई 2020 को रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इसमें शत्रु संपत्ति को खुर्द-बुर्द करने का आरोप लगाया गया था। पुलिस ने मामले में एक और चार्जशीट दाखिल करते हुए तीन धाराएं बढ़ाई थीं। ये धाराएं आजम खां के खिलाफ बढ़ाई गई थीं।
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बढ़ी हुई धाराओं में जमानत के लिए आजम खां ने एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी, जिसे 23 अप्रैल को खारिज कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट में अपील दायर की। सोमवार को कोर्ट ने उनकी जमानत अर्जी मंजूर कर ली।
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हालांकि इस राहत के बाद भी आजम खां जेल से बाहर नहीं आ सकेंगे, क्योंकि दो पैन कार्ड मामले में उन्हें सजा सुनाई जा चुकी है। उनकी अपील भी मजिस्ट्रेट कोर्ट से खारिज हो चुकी है।
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2020 में सिविल लाइंस थाने में दर्ज हुआ था मुकदमा
रिकॉर्ड रूम प्रभारी फरीद अहमद की ओर से वर्ष 2020 में सिविल लाइंस थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसमें पहले लखनऊ के पीरपुर हाउस निवासी सैयद आफाक अहमद और अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई थी। यह शत्रु संपत्ति आजम खां की जौहर यूनिवर्सिटी के आसपास स्थित थी, जो इमामुद्दीन कुरैशी के नाम दर्ज थी।
इमामुद्दीन कुरैशी विभाजन के समय पाकिस्तान चले गए थे। वर्ष 2006 में यह संपत्ति राजस्व अभिलेखों में शत्रु संपत्ति के रूप में दर्ज की गई थी। जांच में पता चला कि राजस्व विभाग के रिकॉर्ड में कथित फर्जीवाड़ा कर आफाक अहमद का नाम गलत तरीके से दर्ज किया गया था। रिकॉर्ड के पन्ने भी फटे हुए मिले थे।
मामले में आजम खां, उनकी पत्नी पूर्व सांसद डॉ. तंजीम फात्मा, बेटे अब्दुल्ला समेत जौहर ट्रस्ट के अन्य सदस्यों को आरोपित बनाया गया। ट्रस्ट के अधिकांश सदस्य आजम खां के परिवार से जुड़े हैं। मुकदमे में सेवानिवृत्त कलक्ट्रेट कर्मचारी भगवंत भी आरोपित थे, जो बाद में सरकारी गवाह बन गए। उनके बयान के आधार पर पुलिस ने अग्रिम विवेचना करते हुए आजम खां पर आईपीसी की धाराएं 467, 471 और 201 बढ़ाकर चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी।

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आजम से जुड़े चार मामलों में हुई सुनवाई



रामपुर। सपा नेता आजम खां से जुड़े नफरती भाषण, डूंगरपुर और यतीमखाना बस्ती समेत चार मामलों में सुनवाई हुई। इस दौरान इन मामलों के लिए अलग-अलग तारीख तय की गई है। टांडा थाने में दर्ज नफरती भाषण के मामले में सोमवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान फोटोग्राफर पंकज को गवाही के लिए बुलाया गया। उनसे जिरह हुई। इस मामले की अगली सुनवाई 13 मई को होगी। इसके अलावा डूंगरपुर मामले में सुनवाई हुई। इस मामले में अब 23 मई को होगी,जबकि यतीमखाना मामले में नौ जून को सुनवाई होगी। इसके अलावा फरहान मामले में सुनवाई हई। इस मामले में सुनवाई के लिए बीस मई की तारीख तय की गई। संवाद
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