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आजम खां और अब्दुल्ला को फिर झटका: दो पैन कार्ड मामले में हुई सुनवाई, कोर्ट ने लगाया दस हजार का हर्जाना

Mon, 09 Sep 2024 08:13 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर Published by: विमल शर्मा Updated Mon, 09 Sep 2024 08:13 PM IST
सार

रामपुर की एक अदालत ने जेल में बंद सपा नेता आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को फिर से झटका दिया है। दो पैन कार्ड मामले में दोनों पर दस हजार रुपये हर्जाना लगाया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 13 सितंबर को होगी।

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Azam Khan and Abdullah got another shock, hearing took place two PAN card case, fine ten thousand imposed
आजम खां और अब्दुल्ला आजम - फोटो : संवाद

विस्तार

जेल में बंद सपा नेता आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को कोर्ट ने झटका दिया है। दो पैन कार्ड मामले में विवेचक को दोबारा गवाही के लिए बुलाने के प्रार्थना पत्र को कोर्ट ने खारिज करते हुए दोनों पर दस हजार रुपये हर्जाना भी लगाया है। कोर्ट ने इसके अलावा पूर्व मंत्री काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां के गवाही के प्रार्थना पत्र को भी खारिज कर दिया है।

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अब इस मामले की अगली सुनवाई 13 सितंबर को होगी।  सपा के पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम के खिलाफ वर्ष 2019 में भाजपा विधायक आकाश सक्सेना ने सिविल लाइंस थाने में दो पैन कार्ड रखने का मामला दर्ज कराया था। इस मामले में सपा नेता आजम खां भी आरोपी हैं।
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उनका आरोप है कि सपा नेता आजम खां ने अपने बेटे अब्दुल्ला आजम के दो पैन कार्ड बनवाए और इनका इस्तेमाल चुनाव के दौरान किया। पुलिस ने मामले की तफ्तीश करने के बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई थी। यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है।
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सपा नेता आजम खां के धुर विरोधी रहे पूर्व मंत्री काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर अपनी गवाही देने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था, जिस पर अब्दुल्ला की ओर से नवेद मियां के प्रार्थना पत्र पर आपत्ति दाखिल की थी।

दूसरी ओर अब्दुल्ला आजम के अधिवक्ता की ओर से विवेचक गवाह प्रवीण कटियार को कोर्ट में दोबारा बुलाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था, जिस पर पांच सितंबर को कोर्ट ने सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित कर लिया था। सोमवार को इस मामले में सुनवाई हुई।

एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट ट्रायल कोर्ट शोभित बंसल ने आजम व अब्दुल्ला द्वारा लगाए गए प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि बचाव पक्ष की ओर से मामले को लंबा खींचने के लिए प्रार्थना पत्र दिया जा रहा है, जबकि सुप्रीम कोर्ट की विधि व्यवस्थाओं में शीघ्र निस्तारण के आदेश हैं।

बचाव पक्ष का आचरण अनुचित है। लिहाजा दस हजार रुपये हर्जाना लगाया जाता है। साथ ही कोर्ट ने नवेद मियां के प्रार्थना पत्र को भी खारिज कर दिया। वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी अमरनाथ तिवारी एवं भाजपा विधायक के अधिवक्ता संदीप सक्सेना ने बताया कि इस मामले की अगली सुनवाई 13 सितंबर को होगी।

वहीं दूसरी ओर अब्दुल्ला के दो पासपोर्ट मामले में सुनवाई नहीं हो पाई। मामला हाईकोर्ट में लंबित होने की वजह से सुनवाई नहीं हो सकी। इस मामले की सुनवाई सात अक्तूबर को होगी।

यतीमखाना मामले के विवेचक बीमार, सुनवाई टली

सपा नेता आजम खां के खिलाफ कोर्ट में चल रहे यतीमखाना मामले में सोमवार को सुनवाई होनी थी, लेकिन विवेचक इंस्पेक्टर राजकुमार के बीमार होने की वजह से सुनवाई नहीं हो सकी। इस मामले की सुनवाई 12 सितंबर को होगी। 

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