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भड़काऊ भाषण के मामले में आजम खां को झटका, प्रार्थनापत्र खारिज
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रामपुर। भड़काऊ भाषण देने के मामले में सपा नेता आजम खां के अधिवक्ता की ओर से कार्रवाई स्थगित किए जाने को लेकर दाखिल प्रार्थनापत्र को सुनवाई के बाद कोर्ट ने खारिज कर दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई 21 अक्तूबर को होगी।
आजम खां के खिलाफ 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान मिलक कोतवाली क्षेत्र के खातानगरिया गांव में जनसभा को संबोधित किया था। आरोप है कि उन्होंने भड़काऊ भाषण दिया था जिससे दो वर्गों में नफरत फैल सकती थी। जिसका वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो अवलोकन टीम के प्रभारी अनिल कुमार चौहान की ओर से मामले की रिपोर्ट मिलक कोतवाली में दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने विवेचना करते हुए चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी थी। मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए (मजिस्ट्रेट ट्रायल) निशांत मान की कोर्ट चल रही है।
15 अक्तूबर को अभियोजन की बहस पूरी हो गई थी। कोर्ट ने बचाव पक्ष को अपना बहस 21 अक्तूबर से पहले दाखिल करने का अवसर दिया था। आजम खां की ओर से धारा-311 के प्रार्थनापत्र को निरस्त किए जाने को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। जिस पर सुनवाई हाईकोर्ट में चल रही है। बुधवार को आजम खां के अधिवक्ता ने कोर्ट ने प्रार्थनापत्र दिया कि मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। तब तक सुनवाई स्थगित की जाए। बचाव पक्ष के प्रार्थनापत्र का अभियोजन अधिकारी अमर तिवारी ने विरोध किया। कहा कि हाईकोर्ट ने निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक नहीं लगाई है। लिहाजा इस स्तर पर प्रार्थनापत्र खारिज किया जाए। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने बचाव पक्ष की ओर से दाखिल प्रार्थनापत्र को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने फैसले के लिए 21 अक्तूबर की तिथि निर्धारित की है। साथ ही बचाव पक्ष को इससे पहले अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया है।
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आजम खां के खिलाफ 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान मिलक कोतवाली क्षेत्र के खातानगरिया गांव में जनसभा को संबोधित किया था। आरोप है कि उन्होंने भड़काऊ भाषण दिया था जिससे दो वर्गों में नफरत फैल सकती थी। जिसका वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो अवलोकन टीम के प्रभारी अनिल कुमार चौहान की ओर से मामले की रिपोर्ट मिलक कोतवाली में दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने विवेचना करते हुए चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी थी। मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए (मजिस्ट्रेट ट्रायल) निशांत मान की कोर्ट चल रही है।
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15 अक्तूबर को अभियोजन की बहस पूरी हो गई थी। कोर्ट ने बचाव पक्ष को अपना बहस 21 अक्तूबर से पहले दाखिल करने का अवसर दिया था। आजम खां की ओर से धारा-311 के प्रार्थनापत्र को निरस्त किए जाने को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। जिस पर सुनवाई हाईकोर्ट में चल रही है। बुधवार को आजम खां के अधिवक्ता ने कोर्ट ने प्रार्थनापत्र दिया कि मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। तब तक सुनवाई स्थगित की जाए। बचाव पक्ष के प्रार्थनापत्र का अभियोजन अधिकारी अमर तिवारी ने विरोध किया। कहा कि हाईकोर्ट ने निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक नहीं लगाई है। लिहाजा इस स्तर पर प्रार्थनापत्र खारिज किया जाए। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने बचाव पक्ष की ओर से दाखिल प्रार्थनापत्र को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने फैसले के लिए 21 अक्तूबर की तिथि निर्धारित की है। साथ ही बचाव पक्ष को इससे पहले अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया है।
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