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Rampur News: हमले के बाद कुवैत में मस्जिदों के बजाय घरों में अदा की नमाज, सड़कों पर फोर्स का पहरा
Mon, 02 Mar 2026 01:43 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Mon, 02 Mar 2026 01:43 AM IST
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रामपुर। कुवैत में ईरान ने अमेरिकी एयरबेस पर मिसाइल से हमला कर दिया। इससे वहां पर लोगों में दहशत का माहौल पैदा हो गया है, वहीं कुवैत में रहने वाले रामपुर के लोगों के साथ ही उनके परिवार के लोग भी सहमे हुए हैं। वह अपनों के लिए दुआ कर रहे हैं।
कुवैत में रहने वाले रामपुर के लोगों ने फोन पर बताया कि एयरबेस पर हुए हमले के बाद सभी मस्जिदों में नमाज न पढ़ने को लेकर एलान हो गया था, जिससे सभी लोगों ने घर पर ही नमाज और तरावीह अदा की।
उन्होंने बताया कि हमले के बाद रास्तों से लेकर हाईवे पर सिर्फ फोर्स का आवागमन था और अन्य वाहनों का आवागमन मानो थम सा गया था। हर तरफ सन्नाटा था, लोग अपने घरों में खुद ही कैद हो गए थे।
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दिनों रात सायरन की आवाजें गूंजती रहीं। लोगों ने बताया कि ये घटना उनसे करीब 45 किलोमीटर दूर हुई। इस हमले से लोग पूरी तरह से डरे हुए हैं। बताया कि लोगों को घरों के अंदर रहने के लिए ऐलान हो रहे थे। इस दौरान शहर के लोग कुवैत में अपनों से बात करने के लिए बेचैन दिख रही थे। लोग विदेश में अपनों को हर घंटे फोन करके उनकी जानकारी लेते रहे। (संवाद)
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मैं कुवैत में पिछले दो साल से वेल्डिंग का काम कर रहा हूं। कुवैत में अमेरिकी एयरबेस पर हुए हमले के बाद हर जगह दिन-रात सायरनों की आवाज से डर का माहौल बना रहा। मिसाइल गिरने के बाद हर तरफ एलान हो रहे थे। हमले के बाद लोग सहम से गए थे। -फुरकान
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मुझे कुवैत में वेल्डिंग का काम करते हुए लगभग आठ साल हो गए। कतर में हमले की सूचना के बाद लगातार घर से फोन आ रहे हैं। परिवार वालों को समझाया कि जहां पर हम रहते हैं, वहां से हमला काफी दूर हुआ है। हम अपने कमरों पर सुरक्षित हैं। -सलमान
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एयरबेस पर हमला होने की सूचना पर हम डर गए थे। हर तरफ सायरनों की आवाजों से हम कमरे में चुपचाप जाकर काफी देर तक शांत बैठे रहे। हमने कमरे पर खाने का सामान एकत्रित कर लिया। मैं कुवैत में सात साल से सिलाई का काम कर रहा हूं। -अजीम
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कुवैत में रहने वाले रामपुर के लोगों ने फोन पर बताया कि एयरबेस पर हुए हमले के बाद सभी मस्जिदों में नमाज न पढ़ने को लेकर एलान हो गया था, जिससे सभी लोगों ने घर पर ही नमाज और तरावीह अदा की।
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उन्होंने बताया कि हमले के बाद रास्तों से लेकर हाईवे पर सिर्फ फोर्स का आवागमन था और अन्य वाहनों का आवागमन मानो थम सा गया था। हर तरफ सन्नाटा था, लोग अपने घरों में खुद ही कैद हो गए थे।
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दिनों रात सायरन की आवाजें गूंजती रहीं। लोगों ने बताया कि ये घटना उनसे करीब 45 किलोमीटर दूर हुई। इस हमले से लोग पूरी तरह से डरे हुए हैं। बताया कि लोगों को घरों के अंदर रहने के लिए ऐलान हो रहे थे। इस दौरान शहर के लोग कुवैत में अपनों से बात करने के लिए बेचैन दिख रही थे। लोग विदेश में अपनों को हर घंटे फोन करके उनकी जानकारी लेते रहे। (संवाद)
मैं कुवैत में पिछले दो साल से वेल्डिंग का काम कर रहा हूं। कुवैत में अमेरिकी एयरबेस पर हुए हमले के बाद हर जगह दिन-रात सायरनों की आवाज से डर का माहौल बना रहा। मिसाइल गिरने के बाद हर तरफ एलान हो रहे थे। हमले के बाद लोग सहम से गए थे। -फुरकान
मुझे कुवैत में वेल्डिंग का काम करते हुए लगभग आठ साल हो गए। कतर में हमले की सूचना के बाद लगातार घर से फोन आ रहे हैं। परिवार वालों को समझाया कि जहां पर हम रहते हैं, वहां से हमला काफी दूर हुआ है। हम अपने कमरों पर सुरक्षित हैं। -सलमान
एयरबेस पर हमला होने की सूचना पर हम डर गए थे। हर तरफ सायरनों की आवाजों से हम कमरे में चुपचाप जाकर काफी देर तक शांत बैठे रहे। हमने कमरे पर खाने का सामान एकत्रित कर लिया। मैं कुवैत में सात साल से सिलाई का काम कर रहा हूं। -अजीम