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सीएंडडीएस के जेई की अग्रिम जमानत याचिका खारिज
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रामपुर। नगर पालिका क्षेत्र से बाहर गांव में तालाब का संरक्षण कराने के नाम पर हुए घोटाले के मामले में नामजद सीएंडडीएस (कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज) के अवर अभियंता की अग्रिम जमानत याचिका खारिज हो गई है।
मामला वर्ष 2016-2017 का है। नगर पालिका ने पनवड़िया में तालाब संरक्षण योजना के तहत तालाब का निर्माण और उसका संरक्षण कराने की योजना प्रस्तावित की थी। नियमानुसार यह कार्य नगर पालिका क्षेत्र में होना चाहिए था, लेकिन पालिका ने पनवड़िया का चयन किया था जो कि ग्रामीण इलाके में पड़ता है। इस परियोजना के लिए 7.96 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे, जिसमें राज्य सेक्टर योजना के तहत तीन करोड़ रुपये अवमुक्त भी कर दिए गए थे। निर्माण की जिम्मेदारी उस वक्त सीएंडडीएस को सौंपी गई थी। आरोप है कि तत्कालीन ईओ व अवर अभियंता की ओर से यह धन हड़पने के लिहाज से कराया गया था। सीएडंडीएस के परियोजना प्रबंधक की ओर से भूमि अधिग्रहण के नाम पर घपलेबाजी की गई थी। आरोप है कि कार्यदायी संस्था द्वारा बिना परीक्षण किए ही कार्य शुरू कर दिया गया था। इस मामले में सिविल लाइंस थाने में नायब तहसीलदार नेे धोखाधड़ी कर सरकारी धन हड़पने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, जिसमें सीएंडडीएस के अवर अभियंता सरफराज को भी नामजद किया गया था। इस मामले में सरफराज की ओर से अपने अधिवक्ता के माध्यम से अग्रिम जमानत के लिए कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिस पर कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई करते हुए अवर अभियंता की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई है।
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मामला वर्ष 2016-2017 का है। नगर पालिका ने पनवड़िया में तालाब संरक्षण योजना के तहत तालाब का निर्माण और उसका संरक्षण कराने की योजना प्रस्तावित की थी। नियमानुसार यह कार्य नगर पालिका क्षेत्र में होना चाहिए था, लेकिन पालिका ने पनवड़िया का चयन किया था जो कि ग्रामीण इलाके में पड़ता है। इस परियोजना के लिए 7.96 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे, जिसमें राज्य सेक्टर योजना के तहत तीन करोड़ रुपये अवमुक्त भी कर दिए गए थे। निर्माण की जिम्मेदारी उस वक्त सीएंडडीएस को सौंपी गई थी। आरोप है कि तत्कालीन ईओ व अवर अभियंता की ओर से यह धन हड़पने के लिहाज से कराया गया था। सीएडंडीएस के परियोजना प्रबंधक की ओर से भूमि अधिग्रहण के नाम पर घपलेबाजी की गई थी। आरोप है कि कार्यदायी संस्था द्वारा बिना परीक्षण किए ही कार्य शुरू कर दिया गया था। इस मामले में सिविल लाइंस थाने में नायब तहसीलदार नेे धोखाधड़ी कर सरकारी धन हड़पने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, जिसमें सीएंडडीएस के अवर अभियंता सरफराज को भी नामजद किया गया था। इस मामले में सरफराज की ओर से अपने अधिवक्ता के माध्यम से अग्रिम जमानत के लिए कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिस पर कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई करते हुए अवर अभियंता की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई है।
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