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Rampur News: जौहर यूनिवर्सिटी में शत्रु संपत्ति पर प्रशासन ने की कब्जे की कार्रवाई
Fri, 26 Jul 2024 05:30 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Fri, 26 Jul 2024 05:30 AM IST
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रामपुर। सीतापुर जेल में बंद सपा नेता आजम खां की जौहर यूनिवर्सिटी पर एक बार फिर सरकारी डंडा चला है। प्रशासन ने यूनिवर्सिटी में स्थित शत्रु संपत्ति पर कब्जा लेने का काम शुरू कर दिया है। यहां पर दिन भर पुलिस सुरक्षा के बीच कब्जा लेने का काम चलता रहा। टीम की ओर से यहां पिलर लगाए जा रहे हैं। साथ ही बैरिकेडिंग भी कराई जाएगी। अफसरों का कहना है कि कब्जा लेने के काम शुक्रवार को भी होगा।
सपा नेता आजम खां इस वक्त सीतापुर जेल में सजा काट रहे हैं। उनकी मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही है। उनके ड्रीम प्रोजेक्ट जौहर यूनिवर्सिटी पर फिर से संकट के बादल मंडराने लगे हैं। जौहर यूनिवर्सिटी में 13.08 हेक्टेयर जमीन शत्रु संपत्ति है। इस जमीन पर कब्जा करने का मामला कोर्ट में भी विचाराधीन है। शत्रु संपत्ति विभाग की ओर से जौहर यूनिवर्सिटी में स्थित जमीन का सीमांकन करने के साथ ही उस पर कब्जा लेने के आदेश प्रशासन को दिए गए थे, जिसके बाद एसडीएम सदर मोनिका सिंह व नायब तहसीलदार गौरव बिश्नोई के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम बृहस्पतिवार को जौहर यूनिवर्सिटी पहुंची। भारी पुलिस बल के साथ यूनिवर्सिटी पहुंची टीम ने जमीन की पैमाइश की और इसे कब्जे में लेने की कार्रवाई शुरू कर दी। दिन भर यहां पर सीमांकन का काम चला। इस दौरान पिलर भी लगाए गए। देर शाम तक यह काम चलता रहा। कार्रवाई के दौरान शत्रु संपत्ति विभाग के पर्यवेक्षक प्रशांत कुमार भी मौजूद रहे।
जौहर यूनिवर्सिटी में स्थित शत्रु संपत्ति को कब्जे में लेने के आदेश दिए गए थे। इस आदेश के बाद जमीन को कब्जे में लेने का काम शुरू कर दिया गया है। यहां पर 13.08 हेक्टेयर जमीन है,जिसमें 45 गाटा है। इस जमीन को कब्जे में लेकर शत्रु संपत्ति विभाग के सुपुर्द कर दिया जाएगा। - मोनिका सिंह, एसडीएम सदर
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नायब तहसीलदार गौरव विश्नोई ने बताया कि जौहर यूनिवर्सिटी में जमीन को कब्जे में लेने का काम शुक्रवार को भी जारी रहेगा। यहां पर पिलर लगाने का काम लगातार चल रहा है।
पहले भी सील की गई थी संपत्ति, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हटी थी सील
जौहर यूनिवर्सिटी में शत्रु संपत्ति का मामला कई साल से चल रहा है। इस मामले में जहां एक ओर एमपी-एमएलए कोर्ट में मामला चल रहा है, वहीं दूसरी ओर प्रशासन की ओर से दो साल पहले भी इस जमीन पर कब्जा लिया गया था,लेकिन बाद में यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर प्रशासन को इसकी सील हटानी पड़ी थी। इस बीच शत्रु संपत्ति विभाग भी हाईकोर्ट पहुंच गया था। अफसरों का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेश पर शत्रु संपत्ति को कब्जे में लेने के आदेश दिए गए थे।
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सपा नेता आजम खां इस वक्त सीतापुर जेल में सजा काट रहे हैं। उनकी मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही है। उनके ड्रीम प्रोजेक्ट जौहर यूनिवर्सिटी पर फिर से संकट के बादल मंडराने लगे हैं। जौहर यूनिवर्सिटी में 13.08 हेक्टेयर जमीन शत्रु संपत्ति है। इस जमीन पर कब्जा करने का मामला कोर्ट में भी विचाराधीन है। शत्रु संपत्ति विभाग की ओर से जौहर यूनिवर्सिटी में स्थित जमीन का सीमांकन करने के साथ ही उस पर कब्जा लेने के आदेश प्रशासन को दिए गए थे, जिसके बाद एसडीएम सदर मोनिका सिंह व नायब तहसीलदार गौरव बिश्नोई के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम बृहस्पतिवार को जौहर यूनिवर्सिटी पहुंची। भारी पुलिस बल के साथ यूनिवर्सिटी पहुंची टीम ने जमीन की पैमाइश की और इसे कब्जे में लेने की कार्रवाई शुरू कर दी। दिन भर यहां पर सीमांकन का काम चला। इस दौरान पिलर भी लगाए गए। देर शाम तक यह काम चलता रहा। कार्रवाई के दौरान शत्रु संपत्ति विभाग के पर्यवेक्षक प्रशांत कुमार भी मौजूद रहे।
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जौहर यूनिवर्सिटी में स्थित शत्रु संपत्ति को कब्जे में लेने के आदेश दिए गए थे। इस आदेश के बाद जमीन को कब्जे में लेने का काम शुरू कर दिया गया है। यहां पर 13.08 हेक्टेयर जमीन है,जिसमें 45 गाटा है। इस जमीन को कब्जे में लेकर शत्रु संपत्ति विभाग के सुपुर्द कर दिया जाएगा। - मोनिका सिंह, एसडीएम सदर
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नायब तहसीलदार गौरव विश्नोई ने बताया कि जौहर यूनिवर्सिटी में जमीन को कब्जे में लेने का काम शुक्रवार को भी जारी रहेगा। यहां पर पिलर लगाने का काम लगातार चल रहा है।
पहले भी सील की गई थी संपत्ति, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हटी थी सील
जौहर यूनिवर्सिटी में शत्रु संपत्ति का मामला कई साल से चल रहा है। इस मामले में जहां एक ओर एमपी-एमएलए कोर्ट में मामला चल रहा है, वहीं दूसरी ओर प्रशासन की ओर से दो साल पहले भी इस जमीन पर कब्जा लिया गया था,लेकिन बाद में यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर प्रशासन को इसकी सील हटानी पड़ी थी। इस बीच शत्रु संपत्ति विभाग भी हाईकोर्ट पहुंच गया था। अफसरों का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेश पर शत्रु संपत्ति को कब्जे में लेने के आदेश दिए गए थे।