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शासन को वापस भेजे मनरेगा के चार करोड़
Rampur
Updated Fri, 25 Apr 2014 05:30 AM IST
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रामपुर। नई व्यवस्था लागू होने के बाद ग्राम पंचायतों के खाते में पड़े मनरेगा के चार करोड़ रुपये वापस कर दिए गए हैं। अधिकतर ग्राम पंचायतों में पैसा नहीं बचा है, इसलिए विकास कार्य रुक गए हैं। जॉब धारकों के सामने रोजगार का भी संकट पैदा हो गया है। वित्त वर्ष 2013-14 के आखिर में इलेक्ट्रानिक फंड मैनेजमेंट सिस्टम ( ईएफएमएस) लागू किया गया था। नई व्यवस्था के तहत अब मनरेगा का पैसा सीधे ग्राम पंचायतों के खाते में पहुंचेगा। शासन ने ग्राम पंचायतों के खातों में जो पैसा पड़ा था उसे खर्च करने पर रोक लगा दी थी। साथ ही पैसा वापस करने का फरमान जारी दिया। चूंकि पैसा वापस करने में करीब दो महीने का समय लग गया। अधिकतर ग्राम पंचायतों से करीब चार करोड़ रुपये वापस लेकर शासन को भेज दिए हैं। कुछ ग्राम पंचायतें अभी भी ऐसी हैं, जिन्होंने पैसा वापस नहीं किया है। मनरेगा का पैसा खत्म होने पर विकास कार्य रुक गए हैं। तमाम गांवों में कच्ची सड़कें अधूरी पड़ी हैं। चुनाव आचार संहिता लागू होने पर चालू वित्त वर्ष में पैसा रिलीज नहीं हो रहा है। जॉब कार्ड धारकों के सामने रोजगार की भी दिक्कत आ गई है। उन्होंने मजदूरी के लिए शहर आना पड़ रहा है। चुनाव आचार संहिता हटने के बाद भी विकास में तेजी आएगी।
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