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आरोग्य मेले में 3642 मरीजों का किया गया उपचार
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रामपुर। जिले में 36 स्वास्थ्य केंद्रों पर शासन के निर्देशानुसार मुख्यमंत्री आरोग्य मेला का आयोजन किया गया। इस दौरान 3642 मरीजों का उपचार किया गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव यादव ने बताया कि मेलों में 3642 मरीजों का उपचार किया गया, जिसमें 1545 पुरुष, 1670 महिलाओं एवं 427 बच्चों का चिकित्सीय परामर्श एवं उपचार किया गया। मेलों में प्रांतीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त आयुष विभाग, आईसीडीएस विभाग एवं आईएमए का भी सहयोग प्राप्त हुआ। 137 मरीज जिन्हें विशेष जांचों व उपचार की आवश्यकता थी, उन्हें उच्चीकृत केंद्र संदर्भित किया गया। खून की कमी के 216, श्वास रोग के 204, डायबिटीज के 197 उदर रोग के पीड़ित 291, चर्म रोग के 90 एवं टीबी के 92 मरीजों का उपचार किया गया। कोविङ-19 के दृष्टिगत मुख्यमंत्री आरोग्य मेलों में सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क और सैनिटाइजेशन का विशेष ध्यान रखा गया। मेलों में बनी कोविड-19 हेल्प डेस्क के माध्यम से लोगों कोविड-19 के बारे में जागरूक किया गया एवं बचाव के उपाय बताये गये। 352 गर्भवती माताओं की जांच की गई। स्वास्थ्य शिविरों में अयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत 285 लाभार्थियों के ई-कार्ड बनाए गए। जिन मरीजों में खून की कमी पाई गई, उन्हें आयरन फॉलिक एसिड की टैबलेट वितरित की गईं। मेलों में बुखार से बचाव के उपायों के बारे में भी मरीजों को विस्तार से बताया गया। सभी आरोग्य मेलों में लाभार्थियों को कोरोना वायरस के लक्षणों और बचाव के लिए सावधानियों से अवगत कराते हुए साबुन पानी से हाथ धोने की विधि की जानकारी दी गई। इस प्रकार के मेलों का आयोजन जनपद में प्रत्येक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रत्येक रविवार को किया जाएगा।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव यादव ने बताया कि मेलों में 3642 मरीजों का उपचार किया गया, जिसमें 1545 पुरुष, 1670 महिलाओं एवं 427 बच्चों का चिकित्सीय परामर्श एवं उपचार किया गया। मेलों में प्रांतीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त आयुष विभाग, आईसीडीएस विभाग एवं आईएमए का भी सहयोग प्राप्त हुआ। 137 मरीज जिन्हें विशेष जांचों व उपचार की आवश्यकता थी, उन्हें उच्चीकृत केंद्र संदर्भित किया गया। खून की कमी के 216, श्वास रोग के 204, डायबिटीज के 197 उदर रोग के पीड़ित 291, चर्म रोग के 90 एवं टीबी के 92 मरीजों का उपचार किया गया। कोविङ-19 के दृष्टिगत मुख्यमंत्री आरोग्य मेलों में सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क और सैनिटाइजेशन का विशेष ध्यान रखा गया। मेलों में बनी कोविड-19 हेल्प डेस्क के माध्यम से लोगों कोविड-19 के बारे में जागरूक किया गया एवं बचाव के उपाय बताये गये। 352 गर्भवती माताओं की जांच की गई। स्वास्थ्य शिविरों में अयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत 285 लाभार्थियों के ई-कार्ड बनाए गए। जिन मरीजों में खून की कमी पाई गई, उन्हें आयरन फॉलिक एसिड की टैबलेट वितरित की गईं। मेलों में बुखार से बचाव के उपायों के बारे में भी मरीजों को विस्तार से बताया गया। सभी आरोग्य मेलों में लाभार्थियों को कोरोना वायरस के लक्षणों और बचाव के लिए सावधानियों से अवगत कराते हुए साबुन पानी से हाथ धोने की विधि की जानकारी दी गई। इस प्रकार के मेलों का आयोजन जनपद में प्रत्येक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रत्येक रविवार को किया जाएगा।