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शिक्षक है नहीं, छात्रों ने स्कूल आना किया बंद
Updated Thu, 14 Sep 2017 09:51 PM IST
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रामपुर बुशहर।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और सीपीएस स्वास्थ्य नंद लाल के गृह क्षेत्र में शिक्षकों के अभाव में छात्रों ने स्कूल जाने से तौबा कर दी है। स्कूल में दो दिन से ताला लटका है। यह मामला रामपुर खंड की उच्च पाठशाला पलजारा का है। यहां बीते चार वर्षों से सात शिक्षकों समेत मुख्य अध्यापक, क्लर्क के पद रिक्त पड़े हैं। सरकार और शिक्षा विभाग स्कूल में शिक्षकों की तैनाती नहीं कर रहे। छात्रों ने एसएमसी अध्यक्ष को पत्र लिखकर स्कूल न आने को कहा है और स्कूल में जल्द शिक्षकों की तैनाती की मांग उठाई है।
एक ओर जहां प्रदेश सरकार शिक्षा को बढ़ावा देने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर बिना शिक्षकों के चल रहे ऐसे स्कूल सरकार के दावों की पोल खोल रहे हैं। राजकीय उच्च विद्यालय में दो दिनों से ताले लटके हैं। स्कूल में केवल दो ही शिक्षक तैनात हैं, जबकि क्षेत्र के 46 से अधिक बच्चे स्कूल में शिक्षा ग्रहण करने को आते हैं। विद्यार्थियों के न आने से स्कूल की कक्षाएं सूनी पड़ी हैं। बीते दिन जब एसएमसी अध्यक्ष नंद लाल भारद्वाज स्कूल पहुंचे तो उन्होंने देखा कि स्कूल में कोई भी विद्यार्थी नहीं पहुंचा। उन्होंने जब इसकी वजह अभिभावकों से जाननी चाही तो उन्होंने अध्यक्ष को छात्रों की ओर से लिखे गए पत्र थमाए। इसमें लिखा गया है कि जब तक स्कूल में शिक्षकों की तैनाती नहीं होती तब तक वे स्कूल नहीं जाएंगे। स्कूल में बीते चार वर्षों से टीजीटी आर्ट्स, टीजीटी नॉन मेडिकल, टीजीटी मेडिकल, भाषा अध्यापक, कला अध्यापक, पीईटी, कंप्यूटर शिक्षक, क्लर्क और कुछ माह से हैडमास्टर के पद रिक्त पड़े हैं। रिक्त पदों को भरने के बारे में सरकार और शिक्षा विभाग से कई बार गुहार लगाई गई। लेकिन किसी ने इस बारेे में सुध नहीं ली। एसएमसी सहित अभिभावकों ने वीरवार को एसडीएम को इस बारे में शिकायत पत्र सौंपा और जल्द से जल्द रिक्त पदों को भरने की मांग की है। अभिभावक किरण प्रभा, रामकृष्ण, सार चंद, दलीप सिंह, सुषमा देवी, नानक चंद, गुमती देवी, सत्या देवी, पूनम शर्मा, चंद्रमणि, सुनीता, अंजू, प्रमोद, सूरज सिंह मेहता, मूलक राज, भाऊ राम, लीलावती, जीना देवी, पृथ्वी राम, देसराज, शीला देवी आदि ने कहा कि जब तक शिक्षकों की तैनाती नहीं होती तब तक वे अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे।
छात्रों के न आने की सूचना मिली : हेम राज
बीआरसी रामपुर हेम राज कायस्थ ने बताया कि उन्हें विद्यार्थियों के स्कूल न आने की सूचना मिली है। स्कूल में शुक्रवार को अभिभावकों की बैठक आयोजित की जाएगी। रिक्त पदों को लेकर समय-समय पर शिक्षा विभाग को सूचित किया जाता है।
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मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और सीपीएस स्वास्थ्य नंद लाल के गृह क्षेत्र में शिक्षकों के अभाव में छात्रों ने स्कूल जाने से तौबा कर दी है। स्कूल में दो दिन से ताला लटका है। यह मामला रामपुर खंड की उच्च पाठशाला पलजारा का है। यहां बीते चार वर्षों से सात शिक्षकों समेत मुख्य अध्यापक, क्लर्क के पद रिक्त पड़े हैं। सरकार और शिक्षा विभाग स्कूल में शिक्षकों की तैनाती नहीं कर रहे। छात्रों ने एसएमसी अध्यक्ष को पत्र लिखकर स्कूल न आने को कहा है और स्कूल में जल्द शिक्षकों की तैनाती की मांग उठाई है।
एक ओर जहां प्रदेश सरकार शिक्षा को बढ़ावा देने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर बिना शिक्षकों के चल रहे ऐसे स्कूल सरकार के दावों की पोल खोल रहे हैं। राजकीय उच्च विद्यालय में दो दिनों से ताले लटके हैं। स्कूल में केवल दो ही शिक्षक तैनात हैं, जबकि क्षेत्र के 46 से अधिक बच्चे स्कूल में शिक्षा ग्रहण करने को आते हैं। विद्यार्थियों के न आने से स्कूल की कक्षाएं सूनी पड़ी हैं। बीते दिन जब एसएमसी अध्यक्ष नंद लाल भारद्वाज स्कूल पहुंचे तो उन्होंने देखा कि स्कूल में कोई भी विद्यार्थी नहीं पहुंचा। उन्होंने जब इसकी वजह अभिभावकों से जाननी चाही तो उन्होंने अध्यक्ष को छात्रों की ओर से लिखे गए पत्र थमाए। इसमें लिखा गया है कि जब तक स्कूल में शिक्षकों की तैनाती नहीं होती तब तक वे स्कूल नहीं जाएंगे। स्कूल में बीते चार वर्षों से टीजीटी आर्ट्स, टीजीटी नॉन मेडिकल, टीजीटी मेडिकल, भाषा अध्यापक, कला अध्यापक, पीईटी, कंप्यूटर शिक्षक, क्लर्क और कुछ माह से हैडमास्टर के पद रिक्त पड़े हैं। रिक्त पदों को भरने के बारे में सरकार और शिक्षा विभाग से कई बार गुहार लगाई गई। लेकिन किसी ने इस बारेे में सुध नहीं ली। एसएमसी सहित अभिभावकों ने वीरवार को एसडीएम को इस बारे में शिकायत पत्र सौंपा और जल्द से जल्द रिक्त पदों को भरने की मांग की है। अभिभावक किरण प्रभा, रामकृष्ण, सार चंद, दलीप सिंह, सुषमा देवी, नानक चंद, गुमती देवी, सत्या देवी, पूनम शर्मा, चंद्रमणि, सुनीता, अंजू, प्रमोद, सूरज सिंह मेहता, मूलक राज, भाऊ राम, लीलावती, जीना देवी, पृथ्वी राम, देसराज, शीला देवी आदि ने कहा कि जब तक शिक्षकों की तैनाती नहीं होती तब तक वे अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे।
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छात्रों के न आने की सूचना मिली : हेम राज
बीआरसी रामपुर हेम राज कायस्थ ने बताया कि उन्हें विद्यार्थियों के स्कूल न आने की सूचना मिली है। स्कूल में शुक्रवार को अभिभावकों की बैठक आयोजित की जाएगी। रिक्त पदों को लेकर समय-समय पर शिक्षा विभाग को सूचित किया जाता है।
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