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आतिशबाजी से हवा में घुला जहर
Updated Fri, 09 Nov 2018 12:32 AM IST
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रामपुर। दीपावली पर जिले भर में जमकर आतिशबाजी छोड़ी गई। धूम-धड़ाका आधी रात के बाद तक जारी रहा। इस आतिशबाजी ने हवा में जहर घोल दिया। खतरनाक रसायनों से पूरा आसमान घुएं से सराबोर हो गया। इस बीच लोगों को सांस लेने तक में काफी दिक्कतें हुईं। दीपावली का पर्व था। लिहाजा, हर कोई आतिशबाजी के लिए तैयार था। शहर में तीन स्थानों पर पटाखों के बाजार लगे थे। करीब 25 करोड़ रुपये की आतिशबाजी एक ही दिन बाजार से गायब हो गई।
बुधवार देर रात तक आतिशबाजी हुई। इसका असर जिले की आबोहवा पर भी देखने को मिला। पर्यावरण पूरी तरह से प्रदूषित हो गया। राजकीय रजा स्नातकोत्तर महाविद्यालय की विज्ञान संकाए की प्रवक्ता डॉ. बेबी तबस्सुम की मानें तो आतिशबाजी में लेड, जिंक, कॉपर के साथ ही कई घातक केमिकल का प्रयोग किया जाता है। आतिशबाजी के बाद पर्यावरण पर पड़े असर के कारण मौसम में भी बदलाव महसूस किया गया। इससे निकले धुएं और घातक रसायनों के कारण ही आसमान भी धुंधला नजर आ रहा था। प्रदूषण का असर लोगों की सेहत पर पड़ा। इससे सांस, दमा, एलर्जी के रोगियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
बुधवार देर रात तक आतिशबाजी हुई। इसका असर जिले की आबोहवा पर भी देखने को मिला। पर्यावरण पूरी तरह से प्रदूषित हो गया। राजकीय रजा स्नातकोत्तर महाविद्यालय की विज्ञान संकाए की प्रवक्ता डॉ. बेबी तबस्सुम की मानें तो आतिशबाजी में लेड, जिंक, कॉपर के साथ ही कई घातक केमिकल का प्रयोग किया जाता है। आतिशबाजी के बाद पर्यावरण पर पड़े असर के कारण मौसम में भी बदलाव महसूस किया गया। इससे निकले धुएं और घातक रसायनों के कारण ही आसमान भी धुंधला नजर आ रहा था। प्रदूषण का असर लोगों की सेहत पर पड़ा। इससे सांस, दमा, एलर्जी के रोगियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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