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सरकार ने शिक्षामित्रों के साथ किया विश्वासघात
Updated Wed, 06 Sep 2017 11:52 PM IST
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‘सरकार ने शिक्षामित्रों के साथ किया विश्वासघात’
रामपुर। कैबिनेट में शिक्षामित्रों को दस हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय की मंजूरी के बाद शिक्षामित्रों में उबाल है। शिक्षामित्रों ने उग्र आंदोलन का ऐलान करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने शिक्षामित्रों के साथ विश्वासघात किया है।
मंगलवार को संयुक्त शिक्षामित्र संघर्ष मोर्चा के बैनर तले जिलेभर के शिक्षामित्र अंबेडकर पार्क में एकत्र हुए। बैठक में आदर्श समायोजित शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष सैय्यद जावेद मियां ने कहा कि समायोजन को लेकर शिक्षामित्र आंदोलन कर रहे थे। तब सरकार ने शिक्षामित्रों को सकारात्मक भरोसा दिया था, लेकिन कैबिनेट की बैठक में प्रतिमाह दस हजार रुपये मानदेय ग्यारह माह तक का प्रस्ताव पास कर दिया गया। सरकार ने ऐसा कर शिक्षामित्रों के साथ विश्वासघात किया है। शिक्षामित्रों के 17 वर्षों के अनुभव और सम्मान को मिट्टी में मिलाने का काम किया है। शिक्षामित्र सरकार के इस फैसले को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे। कहा कि अब प्रांतीय आह्वान पर उग्र आंदोलन का ऐलान किया। बोले कि संसद का भी घेराव करना पड़ा तो शिक्षामित्र पीछे नहीं हटेंगे। इस मौके पर गुरप्रीत सिंह, अरविंद गोस्वामी, शन्नू खां, अवधेश मिश्रा, नजाकत अली, नीतू रानी, प्रेम सिंह, जसवीर कौर, राजपाल सिंह मौर्य आदि मौजूद रहे।
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रामपुर। कैबिनेट में शिक्षामित्रों को दस हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय की मंजूरी के बाद शिक्षामित्रों में उबाल है। शिक्षामित्रों ने उग्र आंदोलन का ऐलान करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने शिक्षामित्रों के साथ विश्वासघात किया है।
मंगलवार को संयुक्त शिक्षामित्र संघर्ष मोर्चा के बैनर तले जिलेभर के शिक्षामित्र अंबेडकर पार्क में एकत्र हुए। बैठक में आदर्श समायोजित शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष सैय्यद जावेद मियां ने कहा कि समायोजन को लेकर शिक्षामित्र आंदोलन कर रहे थे। तब सरकार ने शिक्षामित्रों को सकारात्मक भरोसा दिया था, लेकिन कैबिनेट की बैठक में प्रतिमाह दस हजार रुपये मानदेय ग्यारह माह तक का प्रस्ताव पास कर दिया गया। सरकार ने ऐसा कर शिक्षामित्रों के साथ विश्वासघात किया है। शिक्षामित्रों के 17 वर्षों के अनुभव और सम्मान को मिट्टी में मिलाने का काम किया है। शिक्षामित्र सरकार के इस फैसले को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे। कहा कि अब प्रांतीय आह्वान पर उग्र आंदोलन का ऐलान किया। बोले कि संसद का भी घेराव करना पड़ा तो शिक्षामित्र पीछे नहीं हटेंगे। इस मौके पर गुरप्रीत सिंह, अरविंद गोस्वामी, शन्नू खां, अवधेश मिश्रा, नजाकत अली, नीतू रानी, प्रेम सिंह, जसवीर कौर, राजपाल सिंह मौर्य आदि मौजूद रहे।
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