{"_id":"5c5dd3afbdec22736e4ec706","slug":"151549652911-rampur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"न्यायिक कार्य से विरत रहे अधिवक्ता, आंदोलन की बनाई रणनीति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
न्यायिक कार्य से विरत रहे अधिवक्ता, आंदोलन की बनाई रणनीति
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
रामपुर। बार कौंसिल के आदेश के बाद अधिवक्ताओं ने आंदोलन की रणनीति तैयार की है। इसे लेकर शुक्रवार को अधिवक्ता हड़ताल पर रहे। अधिवक्ताओं की बार एसोसिएशन सभागार में बैठक हुई। बाद में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुखविंदर सिंह और महासचिव बेताब सिंह यादव ने मीडिया से भी बात की।
बताया कि मोदी सरकार ने वादा किया था कि बजट में अधिवक्ताओं का ध्यान रखा जाएगा। बजट में अधिवक्ताओं उनके आश्रितों एवं वादकारियों के हितों के लिए पांच हजार करोड़ रुपये की योजना बनानी थी, जो नहीं बनाई गई। पांच साल अनुभव प्राप्त अधिवक्ताओं के लिए न्यूनतम 10 हजार रुपये भत्ते की भी घोषणा बजट में नहीं की गई। इसके अलावा हमारी मांगों में अधिवक्ता की आकस्मिक मृत्यु होने पर परिवार को आर्थिक संरक्षण दिया जाना शामिल था। इस पर भी सरकार ने कोई ध्यान नहीं दिया। अध्यक्ष और महासचिव ने बताया कि बजट में अधिवक्ताओं की अनदेखी से नाराज बार कौंसिल ने आंदोलन का निर्णय लिया है। इसके तहत 11 और 12 फरवरी को हड़ताल की जाएगी।
बताया कि मोदी सरकार ने वादा किया था कि बजट में अधिवक्ताओं का ध्यान रखा जाएगा। बजट में अधिवक्ताओं उनके आश्रितों एवं वादकारियों के हितों के लिए पांच हजार करोड़ रुपये की योजना बनानी थी, जो नहीं बनाई गई। पांच साल अनुभव प्राप्त अधिवक्ताओं के लिए न्यूनतम 10 हजार रुपये भत्ते की भी घोषणा बजट में नहीं की गई। इसके अलावा हमारी मांगों में अधिवक्ता की आकस्मिक मृत्यु होने पर परिवार को आर्थिक संरक्षण दिया जाना शामिल था। इस पर भी सरकार ने कोई ध्यान नहीं दिया। अध्यक्ष और महासचिव ने बताया कि बजट में अधिवक्ताओं की अनदेखी से नाराज बार कौंसिल ने आंदोलन का निर्णय लिया है। इसके तहत 11 और 12 फरवरी को हड़ताल की जाएगी।
विज्ञापन