{"_id":"5c0c1dcabdec2241b95b3691","slug":"151544297930-rampur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पांच ब्लाकों ने भेजे शिक्षकों के अभिलेख","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पांच ब्लाकों ने भेजे शिक्षकों के अभिलेख
Updated Sun, 09 Dec 2018 01:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
रामपुर। प्रदेश सरकार के आदेशों पर बेसिक शिक्षा विभाग में पिछले दस साल में हुई भर्तियों की जांच चल रही है। जांच में सभी ब्लॉकों से एक निर्धारित प्रपत्रों पर शिक्षकों के प्रमाणपत्र और जानकारियां मांगी गई थीं। इनमें मिलक ब्लॉक के अतिरिक्त सभी ब्लाकों से अभिलेख प्राप्त हो गए हैं। सभी ब्लाकों से प्रपत्र मिलने पर शिक्षकों द्वारा काउंसिलिंग में जमा किए गए प्रमाणपत्रों और अभिलेखों से मिलान किया जाएगा।
बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों की भर्ती को लेकर उठ रहे सवालों के बीच सरकार ने साल 2010 से लेकर अब तक हुई भर्तियों में नियुक्ति पाने वाले शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की दोबारा जांच और पुलिस वेरीफिकेशन कराने के आदेश दिए थे। जांच प्रक्रिया पुलिस, प्रशासन और बेसिक शिक्षा विभाग में एडी स्तर के अधिकारी के अधीन तीन कमेटियों द्वारा की जा रही है। जिसमें पुलिस वेरीफिकेशन का कार्य संबंधित ब्लॉक के खंड शिक्षाधिकारी द्वारा कराकर पुलिस विभाग को उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही इस दौरान नियुक्ति पाने वाले सभी शिक्षकों द्वारा कांउसिलिंग में दिखाए गए प्रमाण पत्रों का मिलान विभाग के पास जमा उनके मूल प्रमाण पत्रों से किया जाना है। इसके लिए एक निर्धारित प्रपत्र पर शिक्षकों से जुड़ी सूचनाएं और नियुक्ति के लिए लगाए गए प्रमाण पत्रों की छायाप्रति और अन्य अभिलेख मांगे गए थे। इसमें मिलक ब्लॉक के अतिरिक्त अन्य ब्लाकों ने निर्धारित प्रपत्र पर सूचनाएं उपलब्ध करा दी हैं। सभी ब्लॉकों से सूचनाएं मिलने पर कमेटी द्वारा इन प्रमाण पत्रों का काउंसिलिग में दिए गए प्रमाण पत्रों से दोबारा मिलान किया जाएगा। इस दौरान यदि किसी शिक्षक के प्रमाणपत्रों की सूचनाएं और डाटा में अंतर पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों की भर्ती को लेकर उठ रहे सवालों के बीच सरकार ने साल 2010 से लेकर अब तक हुई भर्तियों में नियुक्ति पाने वाले शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की दोबारा जांच और पुलिस वेरीफिकेशन कराने के आदेश दिए थे। जांच प्रक्रिया पुलिस, प्रशासन और बेसिक शिक्षा विभाग में एडी स्तर के अधिकारी के अधीन तीन कमेटियों द्वारा की जा रही है। जिसमें पुलिस वेरीफिकेशन का कार्य संबंधित ब्लॉक के खंड शिक्षाधिकारी द्वारा कराकर पुलिस विभाग को उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही इस दौरान नियुक्ति पाने वाले सभी शिक्षकों द्वारा कांउसिलिंग में दिखाए गए प्रमाण पत्रों का मिलान विभाग के पास जमा उनके मूल प्रमाण पत्रों से किया जाना है। इसके लिए एक निर्धारित प्रपत्र पर शिक्षकों से जुड़ी सूचनाएं और नियुक्ति के लिए लगाए गए प्रमाण पत्रों की छायाप्रति और अन्य अभिलेख मांगे गए थे। इसमें मिलक ब्लॉक के अतिरिक्त अन्य ब्लाकों ने निर्धारित प्रपत्र पर सूचनाएं उपलब्ध करा दी हैं। सभी ब्लॉकों से सूचनाएं मिलने पर कमेटी द्वारा इन प्रमाण पत्रों का काउंसिलिग में दिए गए प्रमाण पत्रों से दोबारा मिलान किया जाएगा। इस दौरान यदि किसी शिक्षक के प्रमाणपत्रों की सूचनाएं और डाटा में अंतर पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन