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Rampur: कोसी में समाई इद्दान मियां की 150 साल पुरानी दरगाह, दूरदराज से आते थे अकीदतमंद
Wed, 12 Oct 2022 09:53 PM IST
Vikas Kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, सैदनगर (रामपुर)
संवाद न्यूज एजेंसी, सैदनगर (रामपुर)
Published by: Vikas Kumar
Updated Wed, 12 Oct 2022 09:53 PM IST
सार
दरगाह पर प्रत्येक साल जनवरी माह में उर्स का आयोजन होता था, जिसमें हजारों की संख्या में अकीदतमंद शिरकत करते थे। यह दरगाह कोसी नदी के किनारे स्थित थी।
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150 पुरानी इद्दान मियां की दरगाह
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कोसी नदी की तेज धार में बैजना स्थित लगभग 150 पुरानी इद्दान मियां की दरगाह समा गई। अकीदतमंदों ने जान पर खेलकर दरगाह को बचाने की कोशिश की लेकिन वे कामयाब नहीं हो पाए।
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क्षेत्र बैजना मैं इद्दान मियां रहमतुल्लाह अलेह की दरगाह शरीफ थी। बुजुर्गों के मुताबिक यह दरगाह 150 साल से अधिक पुरानी थी। इस दरगाह पर दूर-दराज से अकीदतमंद जियारत करने आते थे और अपनी मन की मुराद मांगते थे। मुराद पूरी होने के बाद साल में एक बार लंगर लुटा कर जाते थे। दरगाह पर प्रत्येक साल जनवरी माह में उर्स का आयोजन होता था, जिसमें हजारों की संख्या में अकीदतमंद शिरकत करते थे। यह दरगाह कोसी नदी के किनारे स्थित थी।
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पिछले दिनों रामनगर बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण कोसी नदी उफान पर है। नदी का पानी कई गांव में घुस गया है और कटान कर रहा है। कोसी नदी की कटान की चपेट में यह दरगाह भी आ गई। पिछले कई दिनों से कटान हो रहा था। अकीदतमंद जैसे तैसे हिम्मत करके दरगाह को बचाने की कोशिश में जुटे हुए हैं।
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