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फ्लैग-रामपुर के 767 मुसलमान बने हाजी
Updated Sat, 02 Sep 2017 12:34 AM IST
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रामपुर के 767 मुसलमान बने हाजी
रामपुर। प्रत्येक मुसलमान के लिए हज यात्रा पर जाना खुशनसीबी की बात है। रामपुर जिले से भी सैकड़ों मुसलमानों ने भी शुक्रवार को यह सआदत हासिल की। पवित्र शहर मक्का में हज करने वालों के परिजन खुश हैं। मुसलमानों ने शुक्रवार को रोजे भी रखे। मक्का में हज मुकम्मल हुई तो रामपुर में हाजियों के परिवारों ने आपस में खुशियां बांटी, फोन से उन्हें मुबारकबाद भी दी।
सउदी अरब में शुक्रवार को ईद उल अजल्हा े जश्ने के साथ ही हज मुकम्मल हो गया। इस बार लगभग बीस लाख लोगों ने हज किया, जिनमें 1.70 लाख भारतीय थे। हाजी शुक्रवार को मीना लौटे वहां शैतान को पत्थर मारने की रस्म अदा की, कुर्बानी की, इसी के साथ मक्का की मुख्य मस्जिद में लौटे और काबा के सात चक्कर लगाए, जिसे तबाफ कहते हैं। हाजियों ने अपने बाल कटवाए।
रामपुर से इस वर्ष 767 हाजी यात्रा पर मक्का में मौजूद हैं। डा. वकार खान ने मक्का से अमर उजाला को बताया कि उन्होंने अपनी पत्नी शबीना के साथ हज मुकम्मल कर लिया। जिसकी उन्हें बेहद खुशी है। उन्होंने हज के बाद अल्लाह से अपने मुल्क की सलामती के लिए भी दुआ मांगी। मनकरा के प्रधान काशिफ खां ने बताया कि उनकी दादी हफीज जहां, फूफा हाफिज अजमत अली खां, फूफी शमीम बानो ने भी हज की सआदत हासिल कर ली। उन्होंने रामपुर के अमनो-अमान और तरक्की के लिए भी दुआ की। उन्होंने बताया कि हज में 12 चीजें अहम होती हैं। जिनमें अहराम, तबाफ, साई, अब तक उमरा, जबलउर रहमा, मुजदलफा, ईद, इस्माइल की कुर्बानी, सफाई, दोबारा तबाफ, पत्थर मारना और फिर काबा की परिक्रमा प्रमुख है। हज मुकम्मल होने पर परिजन खुश हैं, और तमाम लोगों ने अपने रिश्तेदारों को सउदी अरब टेलीफोन कर हज की मुबारकबाद दी है। मुसलमानों ने बड़ी संख्या में आज रोजा भी रखा है।
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रामपुर। प्रत्येक मुसलमान के लिए हज यात्रा पर जाना खुशनसीबी की बात है। रामपुर जिले से भी सैकड़ों मुसलमानों ने भी शुक्रवार को यह सआदत हासिल की। पवित्र शहर मक्का में हज करने वालों के परिजन खुश हैं। मुसलमानों ने शुक्रवार को रोजे भी रखे। मक्का में हज मुकम्मल हुई तो रामपुर में हाजियों के परिवारों ने आपस में खुशियां बांटी, फोन से उन्हें मुबारकबाद भी दी।
सउदी अरब में शुक्रवार को ईद उल अजल्हा े जश्ने के साथ ही हज मुकम्मल हो गया। इस बार लगभग बीस लाख लोगों ने हज किया, जिनमें 1.70 लाख भारतीय थे। हाजी शुक्रवार को मीना लौटे वहां शैतान को पत्थर मारने की रस्म अदा की, कुर्बानी की, इसी के साथ मक्का की मुख्य मस्जिद में लौटे और काबा के सात चक्कर लगाए, जिसे तबाफ कहते हैं। हाजियों ने अपने बाल कटवाए।
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रामपुर से इस वर्ष 767 हाजी यात्रा पर मक्का में मौजूद हैं। डा. वकार खान ने मक्का से अमर उजाला को बताया कि उन्होंने अपनी पत्नी शबीना के साथ हज मुकम्मल कर लिया। जिसकी उन्हें बेहद खुशी है। उन्होंने हज के बाद अल्लाह से अपने मुल्क की सलामती के लिए भी दुआ मांगी। मनकरा के प्रधान काशिफ खां ने बताया कि उनकी दादी हफीज जहां, फूफा हाफिज अजमत अली खां, फूफी शमीम बानो ने भी हज की सआदत हासिल कर ली। उन्होंने रामपुर के अमनो-अमान और तरक्की के लिए भी दुआ की। उन्होंने बताया कि हज में 12 चीजें अहम होती हैं। जिनमें अहराम, तबाफ, साई, अब तक उमरा, जबलउर रहमा, मुजदलफा, ईद, इस्माइल की कुर्बानी, सफाई, दोबारा तबाफ, पत्थर मारना और फिर काबा की परिक्रमा प्रमुख है। हज मुकम्मल होने पर परिजन खुश हैं, और तमाम लोगों ने अपने रिश्तेदारों को सउदी अरब टेलीफोन कर हज की मुबारकबाद दी है। मुसलमानों ने बड़ी संख्या में आज रोजा भी रखा है।
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