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कोसी के कटान से किसान हलकान
Updated Sun, 13 Aug 2017 12:48 AM IST
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कोसी का आसपास के खेतों में कटान शुरू
दढ़ियाल (रामपुर)। जलस्तर घटने के साथ ही कोसी नदी ने खेतों का कटान शुरू कर दिया है। खेती की जमीन कटने से किसानों व ग्रामीणों में खलबली मची हुई है। फसलें नदी के बहाव में समानी शुरू हो गई हैं। कई किसानों के पूरे खेत ही नदी में समां गए हैं। अधिकारियों ने किसानों की सुध नहीं ली है। उत्तराखंड में कई दिन तक लगातार बारिश होने के बाद रामनगर बैराज से कोसी नदी में लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। शनिवार को 17 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसके बाद नदी के आसपास के क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ रहा है। शुरुआती इलाकों में जलस्तर कम होने के साथ ही कटान शुरू हो गया है। शनिवार को कोसी का जलस्तर पिछले दिनों की तुलना में कम हो गया। इसके साथ ही कोसी ने किसानों की कीमती गन्ने की फसल को आगोश में लेना शुरू कर दिया है। अकबराबाद, रामपुर धम्मन, दढ़ियाल, फत्तावाला, मिलक हस्सन, घोसीपुरा, सिटला, कैथोला आदि गावों के किसानों के खेत कटकर कोसी में समाने शुरू हो गए हैं। कई किसानों ने खेत कटने से पहले ही अपनी फसल स्वयं ही काटनी शुरू कर दी है। फत्तावाला के शैलेन्द्र कुमार का करीब तीन बीघा गन्ने का खेत पिछले दो दिनों में कटान की चपेट में आ चुका है। रामौतार सिंह, विजय सिंह, दयाल सिंह, हनीफ हाजी, टीकाराम, नन्हे के खेतों में भी कोसी नदी ने कटान किया है। रामपुर धम्मन में सूका, कदीर हाजी, फात्मा, हशमत हाजी, आजम, नन्हा मास्टर के गन्ने के खेतों का भी पिछले दो दिनों से कटान हो रहा है। आने वाले दिनों में कटान और तेज होने की आशंका से किसानों में हड़कंप मचा हुआ है।
दढ़ियाल (रामपुर)। जलस्तर घटने के साथ ही कोसी नदी ने खेतों का कटान शुरू कर दिया है। खेती की जमीन कटने से किसानों व ग्रामीणों में खलबली मची हुई है। फसलें नदी के बहाव में समानी शुरू हो गई हैं। कई किसानों के पूरे खेत ही नदी में समां गए हैं। अधिकारियों ने किसानों की सुध नहीं ली है। उत्तराखंड में कई दिन तक लगातार बारिश होने के बाद रामनगर बैराज से कोसी नदी में लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। शनिवार को 17 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसके बाद नदी के आसपास के क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ रहा है। शुरुआती इलाकों में जलस्तर कम होने के साथ ही कटान शुरू हो गया है। शनिवार को कोसी का जलस्तर पिछले दिनों की तुलना में कम हो गया। इसके साथ ही कोसी ने किसानों की कीमती गन्ने की फसल को आगोश में लेना शुरू कर दिया है। अकबराबाद, रामपुर धम्मन, दढ़ियाल, फत्तावाला, मिलक हस्सन, घोसीपुरा, सिटला, कैथोला आदि गावों के किसानों के खेत कटकर कोसी में समाने शुरू हो गए हैं। कई किसानों ने खेत कटने से पहले ही अपनी फसल स्वयं ही काटनी शुरू कर दी है। फत्तावाला के शैलेन्द्र कुमार का करीब तीन बीघा गन्ने का खेत पिछले दो दिनों में कटान की चपेट में आ चुका है। रामौतार सिंह, विजय सिंह, दयाल सिंह, हनीफ हाजी, टीकाराम, नन्हे के खेतों में भी कोसी नदी ने कटान किया है। रामपुर धम्मन में सूका, कदीर हाजी, फात्मा, हशमत हाजी, आजम, नन्हा मास्टर के गन्ने के खेतों का भी पिछले दो दिनों से कटान हो रहा है। आने वाले दिनों में कटान और तेज होने की आशंका से किसानों में हड़कंप मचा हुआ है।