{"_id":"5b5a0f494f1c1bbd298b6263","slug":"11532628809-rampur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कंप्यूटर प्रशिक्षित लिपिक के तबादले से लटक सकता है शिक्षकों का वेतन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कंप्यूटर प्रशिक्षित लिपिक के तबादले से लटक सकता है शिक्षकों का वेतन
Updated Thu, 26 Jul 2018 11:43 PM IST
विज्ञापन
रामपुर। बीएसए दफ्तर के लेखा विभाग में कंप्यूटर प्रशिक्षित लिपिक के तबादले के कारण तीन हजार से अधिक शिक्षकों का जुलाई माह का वेतन लटक सकता है। लेखा विभाग में पहले से ही लिपिकों की कमी के बीच अन्य किसी भी लिपिक के कंप्यूटर प्रशिक्षित न होने के वजह से वेतन ट्रांसफर किए जाने की प्रक्रिया लटक सकती है। हालांकि अधिकारी समय से वेतन जारी करने के लिए प्रयास की बात कह रहे हैं।
कभी ग्रांट तो कभी लेखाधिकारी के न होने के कारण शिक्षकों का वेतन लटक जाता है। लेकिन, इस बार ग्रांट व लेखाधिकारी दोनों के होने के बावजूद परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों का वेतन लटकने की आशंका है। लेखा कार्यालय में तैनात लिपिक अरविंद सक्सेना का कुछ दिनों पूर्व तबादला कर दिया गया है, शासन स्तर से हुए तबादले के बाद पहले से ही कर्मियों की कमी से जूझ रहे लेखा कार्यालय की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। शिक्षकों के वेतन की फीडिंग से लेकर बैंक खातों में ट्रांसफर किए जाने तक की तमाम कंप्यूटर, कोषागार व ऑनलाइन प्रक्रिया अरविंद सक्सेना करते थे। उनके अतिरिक्त मौजूदा समय में लेखा कार्यालय में कार्यरत किसी अन्य लिपिक को यह कार्य नहीं आता है। इससे कंप्यूटर प्रशिक्षित लिपिक के तबादले ने शिक्षकों के समय से वेतन जारी होने पर संकट खड़ा कर दिया है। पूरी आशंका है कि जुलाई माह का तीन हजार से अधिक शिक्षकों का वेतन समय से जारी नहीं हो सकेगा।
--------
कंप्यूटर प्रशिक्षित लिपिक का तबादला हो गया है और स्टाफ की काफी कमी है। इससे वेतन जारी किए जाने की प्रक्रिया प्रभावित होगी। लेकिन, प्रयास किए जा रहे हैं कि अन्य किसी विभाग से प्रशिक्षित कर्मी को बुलाकर वेतन जारी कराने का कार्य करवाया जाए।
विज्ञापन
---केएल सारस्वत, वित्त एवं लेखाधिकारी, बेसिक शिक्षा विभाग।
विज्ञापन
कभी ग्रांट तो कभी लेखाधिकारी के न होने के कारण शिक्षकों का वेतन लटक जाता है। लेकिन, इस बार ग्रांट व लेखाधिकारी दोनों के होने के बावजूद परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों का वेतन लटकने की आशंका है। लेखा कार्यालय में तैनात लिपिक अरविंद सक्सेना का कुछ दिनों पूर्व तबादला कर दिया गया है, शासन स्तर से हुए तबादले के बाद पहले से ही कर्मियों की कमी से जूझ रहे लेखा कार्यालय की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। शिक्षकों के वेतन की फीडिंग से लेकर बैंक खातों में ट्रांसफर किए जाने तक की तमाम कंप्यूटर, कोषागार व ऑनलाइन प्रक्रिया अरविंद सक्सेना करते थे। उनके अतिरिक्त मौजूदा समय में लेखा कार्यालय में कार्यरत किसी अन्य लिपिक को यह कार्य नहीं आता है। इससे कंप्यूटर प्रशिक्षित लिपिक के तबादले ने शिक्षकों के समय से वेतन जारी होने पर संकट खड़ा कर दिया है। पूरी आशंका है कि जुलाई माह का तीन हजार से अधिक शिक्षकों का वेतन समय से जारी नहीं हो सकेगा।
विज्ञापन
--------
कंप्यूटर प्रशिक्षित लिपिक का तबादला हो गया है और स्टाफ की काफी कमी है। इससे वेतन जारी किए जाने की प्रक्रिया प्रभावित होगी। लेकिन, प्रयास किए जा रहे हैं कि अन्य किसी विभाग से प्रशिक्षित कर्मी को बुलाकर वेतन जारी कराने का कार्य करवाया जाए।
विज्ञापन
---केएल सारस्वत, वित्त एवं लेखाधिकारी, बेसिक शिक्षा विभाग।