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गीता महिमा संस् था के चुनाव पर उठे सवाल
Updated Sat, 14 Oct 2017 10:23 PM IST
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रामपुर बुशहर।
नोगली-तकलेच सड़क पर स्थित श्री गीता महिमा गौशाला संस्था के चुनाव पर संस्था के ही महामंत्री ने सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। श्री गीता महिमा गौशाला के महामंत्री हेमंत शैली ने कहा कि वीरवार को आनन-फानन में गौशाला प्रबंधन ने चुनाव कर दिए। चुनाव में 17 पदाधिकारियों और सदस्यों में से केवल छह ही सदस्य दौरान मौजूद थे। महामंत्री ने कहा कि गौशाला प्रबंधन ने पिछले पांच वर्षों में वित्तीय लेखा जोखा नहीं दिया है। ऐसे में वर्ष 2011-12 में गौ सदन में कितना पैसा खर्च हुआ और कितनी देनदारी है, इसकी फिलहाल कोई जानकारी नहीं है।
शैली ने कहा कि गौशाला प्रबंधन के चुनाव का समय पूरा हो चुका है। ऐसे में चुनाव तो होने थे। लेकिन इसकी एक व्यवस्थित योजना होती है। इस चुनाव की न तो पूर्व सूचना थी और न ही समय सीमा तय की गई थी। ऐसे में किस आधार पर यह चुनाव किए गए। इसे लेकर असमंजस की स्थिति है। इस बारे में प्रांत के राज्य गोहित संरक्षक मंच के अध्यक्ष राममूर्ति भारद्वाज को भी सूचित कर दिया गया है। शैली ने कहा कि यह गौ सदन विश्व हिंदू परिषद के तहत पंजीकृत है। ऐसे में जब तक विश्व हिंदू परिषद का चुनाव प्रभारी मौके पर मौजूद नहीं होता तब तक चुनाव आयोजित नहीं किए जा सकते। उन्होंने विश्व हिंदू परिषद से इस मामले की जांच करने की मांग की है।
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नोगली-तकलेच सड़क पर स्थित श्री गीता महिमा गौशाला संस्था के चुनाव पर संस्था के ही महामंत्री ने सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। श्री गीता महिमा गौशाला के महामंत्री हेमंत शैली ने कहा कि वीरवार को आनन-फानन में गौशाला प्रबंधन ने चुनाव कर दिए। चुनाव में 17 पदाधिकारियों और सदस्यों में से केवल छह ही सदस्य दौरान मौजूद थे। महामंत्री ने कहा कि गौशाला प्रबंधन ने पिछले पांच वर्षों में वित्तीय लेखा जोखा नहीं दिया है। ऐसे में वर्ष 2011-12 में गौ सदन में कितना पैसा खर्च हुआ और कितनी देनदारी है, इसकी फिलहाल कोई जानकारी नहीं है।
शैली ने कहा कि गौशाला प्रबंधन के चुनाव का समय पूरा हो चुका है। ऐसे में चुनाव तो होने थे। लेकिन इसकी एक व्यवस्थित योजना होती है। इस चुनाव की न तो पूर्व सूचना थी और न ही समय सीमा तय की गई थी। ऐसे में किस आधार पर यह चुनाव किए गए। इसे लेकर असमंजस की स्थिति है। इस बारे में प्रांत के राज्य गोहित संरक्षक मंच के अध्यक्ष राममूर्ति भारद्वाज को भी सूचित कर दिया गया है। शैली ने कहा कि यह गौ सदन विश्व हिंदू परिषद के तहत पंजीकृत है। ऐसे में जब तक विश्व हिंदू परिषद का चुनाव प्रभारी मौके पर मौजूद नहीं होता तब तक चुनाव आयोजित नहीं किए जा सकते। उन्होंने विश्व हिंदू परिषद से इस मामले की जांच करने की मांग की है।
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