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राम सिंह बौद्ध का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड: 1400 रेडियो का अनोखा संग्रहालय, अमिताभ बच्चन की 'कुली' से यह कनेक्शन

Sat, 05 Oct 2024 02:46 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, गजरौला (अमरोहा)
अमर उजाला नेटवर्क, गजरौला (अमरोहा) Published by: विमल शर्मा Updated Sat, 05 Oct 2024 02:46 PM IST
सार

राम सिंह बौद्ध ने गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया है। उनके पास 1400 ऐतिहासिक रेडियो हैं। उनके संग्रह में दूसरे विश्व युद्ध के समय और अमिताभ बच्चन के फिल्म कुली में इस्तेमाल किया गया रेडियो भी शामिल है। बौद्ध का यह अनोखा संग्रहालय रेडियो के इतिहास को संजोने के साथ उनके जुनून को दर्शाता है।

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Ram Singh Buddh Guinness World Record, Unique museum of 1400 radios, connection with Amitabh Bachchan
गजराैला निवासी राम सिंह बाैद्ध - फोटो : संवाद

विस्तार

गजरौला के नाईपुरा के बुद्धनगर मोहल्ला निवासी रामसिंह बौद्ध ने यूं ही नहीं गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम शामिल कराया। उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत से लेकर दूसरे विश्व युद्ध तक के रेडियो को संग्रहालय में संजोकर रखा है। जर्मनी की नामचीन कंपनी युटुब से लेकर शार्प तक के रेडियो शामिल हैं।

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कई रेडियो वर्षों पुरानी यादों को ताजा करते हैं। इनके पास दूसरे विश्व युद्ध के दौर के दो रेडियो भी हैं। जिनका उपयोग यूएस मिलट्री करती थी। पानी के जहाज में भी ये रेडियो बखूबी स्टेशन पड़ते थे। इतना ही नहीं एक रेडियो ऐसा भी है, जो 1948 के दौर में हसनपुर शहर का पहला था। यह हसनपुर निवासी जमीदार विनय गुप्ता के पास हुआ करता था।
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इस पर ही हसनपुर वासियों ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या की खबर सुनी थी। इतना ही नहीं उनके संग्रहालय में एक इंच से लेकर चार फीट लंबे और दो फीट ऊंचे रेडियो शामिल है। अभिनेता अमिताभ बच्चन जिस रेडियो के साथ कुली फिल्म अभिनय किया है। वह भी आज रामसिंह के संग्रहालय में मौजूद है।
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इतना ही नहीं 137 रेडियो रामसिंह आकाशवाणी को दान दे चुके हैं, जो आकाशवाणी के संग्रहालय में पहचान बने हैं। इनके पास 1920 से 2010 तक के रेडियो का संग्रह है।

संग्रहालय में मौजूद 1400 रेडियो

रामसिंह बौद्ध ऐसे शख्स हैं, जिन्होंने रेडियो का ही संग्रहालय बना दिया है। इनके संग्रहालय में करीब 1400 रेडियो हैं। वे 1976 में उत्तर प्रदेश भंडारण निगम में बतौर लिपिक पद पर नियुक्त हुए थे। 39 साल की नौकरी के बाद जुलाई 2015 में वरिष्ठ अधीक्षक पद से सेवानिवृत्त हुए। इसके बाद उन्होंने 2016 में उपभोक्ता न्यायालय में सदस्य पद पर नौकरी की।

जुलाई 2021 में सेवानिवृत्त हुए। रेडियो और पुराने उपकरण को सहेजकर रखने और लाने के शौक ने उनको गिनीज बुक के विश्व रिकार्ड तक पहुंचा दिया है। रामसिंह को जब ये बात पता ली कि उनका रेडियो संग्रहालय गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ है तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।

रामसिंह ने बताया कि उन्हें बृहस्पतिवार को इसका प्रमाणपत्र ई-मेल पर प्राप्त हुआ है। इस बड़ी उपलब्धि के लिए उनके दोस्त, रिश्तेदार और परिचितों ने बधाई दी है।

शौक में बन गया विश्व का सबसे बड़ा रेडियो संग्रहालय

रामसिंह का कहना है कि नौकरी के दौरान तैनाती मुरादाबाद, संभल, हापुड़, साहिबाबाद, हल्द्वानी, रामपुर व कासगंज में रही। घूमने, अखबार और किताब पढ़ने का शौक है। भ्रमण के दौरान उनके मन में विचार आया कि लुप्त होते जा रहे उपकरणों को सहेजने के लिए संग्रहालय होना चाहिए।

उन्होंने बताया कि अक्सर दिल्ली जाया करते थे, वहां पर बाजार में जहां भी उन्हें अच्छा रेडियो दिखाई देता था, वह उसको खरीद कर ले आते थे। राम सिंह के इस शौक ने गजरौला को विश्व का सबसे रेडियो संग्रहालय बना दिया।

अब तक एम प्रकाश के नाम था सबसे ज्यादा रेडियो रखने का रिकॉर्ड

रामसिंह ने बताया कि अपने संग्रहालय में तरह-तरह के 625 रेडियो रखने के लिए 2005 में एम प्रकाश का नाम गिनीज बुक में दर्ज किया गया था। एम प्रकाश के संग्रहालय में और कोई उपकरण नहीं था, जबकि हमारे के तीन कमरों के संग्रहालय में विभिन्न कंपनियों के 1400 रेडियो हैं।

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