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शिक्षित हाथों में रहेगी गांव की सरकार
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 14 Dec 2015 12:04 AM IST
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पंचायत चुनाव में आम जनता ने पढे़ लिखे प्रत्याशियों को अपना मुखिया चुनने के लिए तरजीह दी है। किसी को परास्नातक, स्नातक तो किसी को इंटर की शिक्षा हासिल है।
आम जनता ने अपना फैसला सुना दिया है। अब जिम्मेदारी विजेता प्रत्याशियों पर है कि वह कैसे उनकी कसौटी पर खरे उतरते हैं।
आम जनता को विश्वास है कि शिक्षित नेतृत्व से उनकी गांव की तस्वीर जरूर बदलेगी। खास बात ये है कि इस बार गंवई सरकार में निरक्षरों की तादाद कम है। पर इतना जरूर है कि कोई कक्षा पांच तो कोई कक्षा आठ तक की पढ़ाई की है।
अमावां ब्लॉक क्षेत्र के डिडौली गांव से सोनम सिंह, सिधौना से फरोजा खान और कोड़रस से पृथ्वीराज सिंह ने जीत हासिल की है। इन्होंने परास्नातक तक शिक्षा ग्रहण की है।
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सभी इस बार वह चुनाव मैदान में उतरे और पहली बार ही विजय हासिल की। दीनशाहगौरा ब्लॉक से भगवंतपुर चंदनिहा से हरिश्चंद्र सिंह, बछरावां ब्लॉक क्षेत्र के राजामऊ गांव से पूनम तिवारी, सरेनी ब्लॉक क्षेत्र के लछईखेड़ा गांव से कविता, सतांव ब्लॉक क्षेत्र के मनेहरू ग्रामसभा से राजेंद्र कुमार ने परास्नातक तक शिक्षा हासिल की।
आम जनता ने इन सभी पर भरोसा जताया और उन्हें गांव की कमान सौंप दी है। डीह ब्लॉक क्षेत्र के डेला से उदय प्रताप सिंह ने परास्नातक की पढ़ाई की और अब गांव के मुखिया चुन लिए गए हैं।
राही ब्लॉक क्षेत्र के जरियारी गांव से अनिल कुमार ने जीत हासिल की है, जो परास्नातक तक की पढ़ाई की है। अमावां ब्लॉक क्षेत्र के सारीपुर गांव से अजय कुमार श्रीवास्तव, महराजगंज ब्लॉक क्षेत्र के अटरा से अनूप कुमार सिंह, गदागंज ब्लॉक क्षेत्र के किशोरीबालमपुर से अनूप कुमार, अंबारा मथई से धर्मेद्र सिंह, नरहरपुर से राघवेंद्र प्रताप सिंह ने जीत हासिल की, जो स्नातक पढ़ाई किए हुए हैं।
इसी तरह 18 ब्लॉकों में जीतने वाले प्रत्याशी इंटर और हाईस्कूल तक की पढ़ाई की है। मतगणना के बाद जो तस्वीर निकलकर आई है, उससे जाहिर है कि इस बार पढ़े लिखे प्रत्याशियों का दबदबा रहा है।
जिनके हाथों से ही गांव की सरकार चलेगी। इस बार निरक्षरों की तादाद कम है। अब देखना ये है कि पढ़े लिखे ये विजेता प्रत्याशी आम जनता की कसौटी पर कितना खरे उतरते हैं।
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आम जनता ने अपना फैसला सुना दिया है। अब जिम्मेदारी विजेता प्रत्याशियों पर है कि वह कैसे उनकी कसौटी पर खरे उतरते हैं।
आम जनता को विश्वास है कि शिक्षित नेतृत्व से उनकी गांव की तस्वीर जरूर बदलेगी। खास बात ये है कि इस बार गंवई सरकार में निरक्षरों की तादाद कम है। पर इतना जरूर है कि कोई कक्षा पांच तो कोई कक्षा आठ तक की पढ़ाई की है।
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अमावां ब्लॉक क्षेत्र के डिडौली गांव से सोनम सिंह, सिधौना से फरोजा खान और कोड़रस से पृथ्वीराज सिंह ने जीत हासिल की है। इन्होंने परास्नातक तक शिक्षा ग्रहण की है।
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सभी इस बार वह चुनाव मैदान में उतरे और पहली बार ही विजय हासिल की। दीनशाहगौरा ब्लॉक से भगवंतपुर चंदनिहा से हरिश्चंद्र सिंह, बछरावां ब्लॉक क्षेत्र के राजामऊ गांव से पूनम तिवारी, सरेनी ब्लॉक क्षेत्र के लछईखेड़ा गांव से कविता, सतांव ब्लॉक क्षेत्र के मनेहरू ग्रामसभा से राजेंद्र कुमार ने परास्नातक तक शिक्षा हासिल की।
आम जनता ने इन सभी पर भरोसा जताया और उन्हें गांव की कमान सौंप दी है। डीह ब्लॉक क्षेत्र के डेला से उदय प्रताप सिंह ने परास्नातक की पढ़ाई की और अब गांव के मुखिया चुन लिए गए हैं।
राही ब्लॉक क्षेत्र के जरियारी गांव से अनिल कुमार ने जीत हासिल की है, जो परास्नातक तक की पढ़ाई की है। अमावां ब्लॉक क्षेत्र के सारीपुर गांव से अजय कुमार श्रीवास्तव, महराजगंज ब्लॉक क्षेत्र के अटरा से अनूप कुमार सिंह, गदागंज ब्लॉक क्षेत्र के किशोरीबालमपुर से अनूप कुमार, अंबारा मथई से धर्मेद्र सिंह, नरहरपुर से राघवेंद्र प्रताप सिंह ने जीत हासिल की, जो स्नातक पढ़ाई किए हुए हैं।
इसी तरह 18 ब्लॉकों में जीतने वाले प्रत्याशी इंटर और हाईस्कूल तक की पढ़ाई की है। मतगणना के बाद जो तस्वीर निकलकर आई है, उससे जाहिर है कि इस बार पढ़े लिखे प्रत्याशियों का दबदबा रहा है।
जिनके हाथों से ही गांव की सरकार चलेगी। इस बार निरक्षरों की तादाद कम है। अब देखना ये है कि पढ़े लिखे ये विजेता प्रत्याशी आम जनता की कसौटी पर कितना खरे उतरते हैं।